पुलिस की वर्दी में चौथ वसूली खाकी पर बड़ा दाग़
पुलिस की वर्दी में चौथ वसूली खाकी पर बड़ा दाग़ --------------------------------------- पुलिस गुंडों का सबसे संगठित गिरोह है : जस्टिस मुल्ला ************************* जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। "पुलिस गुंडों का सबसे संगठित गिरोह है।" यह टिप्पणी किसी मामूली शख्स की नहीं है। यह तल्ख टिप्पणी साठ के दशक में इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन जज जस्टिस आनन्द नारायण मुल्ला ने एक केस की सुनवाई में की थी। इस केस में पुलिस के चरित्र को देखकर जस्टिस मुल्ला ने पुलिस की जमकर खिंचाई की थी। पुलिस के चरित्र पर ऐसी ही तल्ख टिप्पणी अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने भी एक कार्यक्रम में की थी। इस कार्यक्रम में जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि "पुलिस स्टेशन मानवाधिकारों एवं मानवीय सम्मान के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। मानवाधिकारों के हनन और शारीरिक यातनाओं का सबसे ज्यादा खतरा थानों में है। थानों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को प्रभावी कानूनी सहायता नहीं मिल पा रही है जबकि इसकी बेहद जरूरत है।" ऐसी तल्ख टिप्पणियों के बावजूद पुलिस महकमे में कोई ब...