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Showing posts from December, 2021

भीलवाड़ा के कायमखानी पूरी कौम के लिए आइडियल हैं, लेकिन•••

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भीलवाड़ा के कायमखानी पूरी कौम के लिए आइडियल हैं, लेकिन••• ********************************** शौर्य, साहस, वतन परस्त व वफादार कायमखानी कौम के लिए भीलवाड़ा इलाके के कायमखानी आइडियल हैं। जिसकी वजह यह है कि जो काम इस इलाके में कायमखानी कौम ने किए हैं, वैसे काम दूसरे इलाके में नहीं हुए हैं। भीलवाड़ा इलाके में कायमखानी कौम बहुत ही कम तादाद में है, करीब 22 सौ परिवार ही पूरे भीलवाड़ा जिले में हैं। लेकिन इतनी कम तादाद होने के बावजूद भी इन्होंने कुछ ऐसे काम किए हैं, जो पूरी कायमखानी कौम के लिए फख्र की बात है। इस इलाके में कायमखानी कौम ने जो काम किए हैं उनमें चार काम बहुत महत्वपूर्ण हैं तथा वैसे काम कायमखानी बाहुल्य सीकर, झुंझनूं, चूरू और नागौर सहित अन्य कायमखानी इलाकों में आज तक नहीं हुए हैं। जिनमें पहला सामूहिक विवाह सम्मेलन, दूसरा ओएमआर शीट पर प्रतियोगिता करवाना, तीसरा इस इलाके यानी भीलवाड़ा हाईवे से कोई भी कायमखानी अधिकारी, राजनेता और समाज सेवक गुजरता है तो उसका वहां की कौम हाईवे पर इस्तकबाल करती है और चौथा जब भी इस इलाके का कोई कायमखानी कर्मचारी-अधिकारी रिटायर्ड होता है, तो उसके घर जाकर कौ...

सियासी अनदेखी को लेकर क्यों पसोपेश में हैं राजस्थान के मुसलमान ?

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सियासी अनदेखी को लेकर क्यों पसोपेश में हैं राजस्थान के मुसलमान ? ---------------------------------------------------- भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा सबके सामने है, उसकी डिक्शनरी में मुसलमानों की सुनवाई व तरक्की का शब्द ही नहीं लिखा हुआ है। अब कांग्रेस भी पूरी तरह से भाजपा की बी टीम बनने के लिए चल पड़ी है। कांग्रेस के राज में मुसलमानों की पूरी तरह से अनदेखी हो रही है। इससे राजस्थान का मुसलमान पसोपेश में है कि वह सियासी एतबार से क्या रुख तय करे ? एमआईएम, एसडीपीआई, वेलफेयर पार्टी आदि ऐसी पार्टियां हैं, जो मुस्लिम नेतृत्व की हैं और खुलकर मुसलमानों की बात करती हैं। लेकिन इनके पास सियासी दूरन्देशी, लीडरशिप, एकजुटता और ऐसा कार्यक्रम नहीं है कि यह मुसलमानों को सियासी एतबार से मजबूत बना सकें, तो फिर सवाल पैदा होता है कि राजस्थान का मुसलमान क्या करे जिससे उसकी सियासी अनदेखी नहीं हो और उसे सत्ता में भागीदारी मिल सके ? *********************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार है और यह भी एक तथ्य है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में हारती हारती बची ...

राजस्थान अल्पसंख्यक मामलात विभाग या डंपिंग यार्ड ?

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राजस्थान अल्पसंख्यक मामलात विभाग या डंपिंग यार्ड ? ------------------------------------------------------ 13 साल बाद भी एक भी स्थाई कर्मचारी नहीं, जो हैं वे सभी डेपुटेशन व संविदा पर कार्य कर रहे हैं। ------------------------------------------------------- डेपुटेशन पर भी अधिकतर ऐसे कर्मचारी व अधिकारी लगाए जाते हैं, जो पूरी तरह से नाकारा और निकम्मे हों। ---------------------------------‐---------------------- पूरे प्रदेश में इस विभाग के दफ्तरों में करीब 125 कर्मचारी व अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पद करीब 500 हैं। ************************************* जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए करीब 13 साल पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने अल्पसंख्यक मामलात विभाग बनाया तथा तब इसके मंत्री खुद मुख्यमंत्री गहलोत थे, क्योंकि शुरूआत में इस विभाग का चार्ज उन्हीं के पास था। आज भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं, लेकिन पिछले 13 साल में इस विभाग में एक भी कर्मचारी व अधिकारी की स्थाई भर्ती व नियुक्त नहीं हुई, पूरा विभाग डेपुटेशन और संविदा कर्मचारियों-अधिकारियो...
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बड़े दिल से बड़े प्रोग्राम खूबसूरत होते हैं वरना तो••• ----------------------------------------------------- सीकर में कायमखानी हॉस्टल की नई बिल्डिंग का हुआ भव्य उद्घाटन और भामाशाह सम्मान समारोह। साथ ही 50 बीघा में नई इंस्टिट्यूट बनाने की भी हुई घोषणा। लेकिन प्रमुख कायमखानी सरदारों को आमन्त्रित न कर आयोजकों ने छोटे दिल का प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ हमारे ही भाइयों ने तीन दिन बाद जयपुर के भवानी निकेतन में श्री क्षत्रिय युवक संघ के बैनर तले विशाल सभा आयोजित की, जिसमें राजपूत समाज के अलावा अन्य समाजों के प्रमुख लोगों को भी आमन्त्रित किया गया। ********************************** जयपुर/सीकर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। सीकर के कायमखानी हॉस्टल में 19 दिसंबर को एक भव्य प्रोग्राम का आयोजन हुआ। जिसमें हॉस्टल की नई बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ। साथ ही इस बिल्डिंग को बनाने में जिन लोगों ने माली तआवुन किया, उन भामाशाहों का सम्मान भी किया गया। पूरी कायमखानी क़ौम में इस बिल्डिंग को बनाने और इस समारोह के सफल आयोजन को लेकर खुशी की लहर है, क्योंकि कोरोना काल और आर्थिक मंदी के बावजूद सिर्फ 18 महीने में इस भव्य बि...

कोरोना की तीसरी लहर बनाम राजनीतिक रैलियां

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कोरोना की तीसरी लहर बनाम राजनीतिक रैलियां ************************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका) कोरोना बहुत खतरनाक महामारी है और इससे पूरी दुनिया में लाखों लोग मर चुके हैं। पिछले दो साल में इसने पूरी दुनिया को बदल दिया है। चिकित्सा व्यवस्था के साथ ही इसने अर्थव्यवस्था व शिक्षा व्यवस्था को भी चौपट कर दिया है। एक्सपर्ट के मुताबिक दो गज की दूरी और मास्क ही इसके बचाव का सबसे बड़ा जरिया है। इसीलिए कोरोना से बचाव के लिए लम्बे समय तक लाॅकडाउन लगाया गया। कुछ देशों में आज भी लाॅकडाउन लगा हुआ है। लेकिन हमारे देश में राजनेताओं व अधिकारियों की लापरवाही से लाॅकडाउन पूरी तरह से फ़ेल हुआ और पहली व दूसरी लहर ने देश में कोरोना का ताण्डव मचा दिया। 2020 की शुरुआत में जब कोरोना ने देश में पांव पसारे तब हमारे यहाँ दिल्ली में चुनाव चल रहे थे और बड़ी संख्या में चुनावी सभाओं का आयोजन हुआ। फिर अप्रैल मई 2021 में दूसरी लहर आई, तो राजस्थान में उप चुनाव, यूपी में पंचायती राज चुनाव और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहे थे। नेताओं की बड़ी बड़ी सभाओं व रैलियों की वजह से कोरोना का खूब फैलाव हुआ त...

सचिन पायलट और दीया कुमारी ही मुख्यमंत्री बनने के लायक हैं : चन्द्रराज सिंघवी

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सचिन पायलट और दीया कुमारी ही मुख्यमंत्री बनने के लायक हैं : चन्द्रराज सिंघवी ------------------------------------------------------ ओवैसी, हनुमान बेनीवाल और बीटीपी गठबंधन सियासी मैदान को पलट सकता है *********************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान की राजनीति का एक जाना पहचाना चेहरा, जिन्हें सियासी हल्के में चाणक्य कहा जाता है। जिन्हें राजस्थान की सभी विधानसभा व लोकसभा सीटों के पिछले चार पांच चुनावों के सियासी समीकरण व आंकड़े अंगुलियों पर याद हैं, वे इन दिनों "तलाश यात्रा" पर निकले हुए हैं। हम बात कर रहे हैं पूर्व मन्त्री चन्द्रराज सिंघवी की, जो कांग्रेस, भाजपा व जनता दल यानी तीनों धाराओं की पार्टियों में रह चुके हैं। इक़रा पत्रिका के सम्पादक एम फ़ारूक़ ख़ान को गत दिनों एक बातचीत में उन्होंने इस सवाल पर कि आप किसकी तलाश में यात्रा कर रहे हैं ? तो उन्होंने बताया कि मैं मुख्यमंत्री की तलाश में यात्रा कर रहा हूँ कि 2023 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए और किसका सहयोग जनता को करना चाहिए, कौन इस पद के काबिल है ? उन्होंने बताया कि राज...

जयपुर में मनाया आर्मड फोर्सेज फ्लैग डे

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जयपुर में मनाया आर्मड फोर्सेज फ्लैग डे ******************************* जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। रिटायर्ड आर्मी कप्तान लियाकत खान धनूरी ने बताया कि 7 दिसम्बर को हर वर्ष की भांति इस बार भी आर्मड फोर्सेज फ्लैग डे मनाया गया। जयपुर में यह दिन सैनिक कल्याण कार्यालय में मनाया गया। उन्होंने बताया कि 1949 से हर साल यह दिन मनाया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम लोग आर्मड फोर्सेज के सम्मान के प्रति जनता को प्ररित करते हैं। कार्यक्रम में कई सैन्य अधिकारी शरीक हुए, जिनमें अर्जुन सिंह राठौड़, एडवोकेट डीएस राठौड़, कर्नल देवानन्द, कर्नल रघुराज सिंह आदि प्रमुख थे। (08-12-2021)

हज़रत जीतू शाह रहमतुल्लाह अलैह किरड़ोली शरीफ़ का उर्स हर्षोल्लास से सम्पन्न

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हज़रत जीतू शाह रहमतुल्लाह अलैह किरड़ोली शरीफ़ का उर्स हर्षोल्लास से सम्पन्न ********************************** किरड़ोली शरीफ़ (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। सीकर जिले के किरड़ोली गांव में स्थित हज़रत जीतू शाह रहमतुल्लाह अलैह दरगाह किरड़ोली शरीफ़ में बाबा का 66 वां उर्स शरीफ़ 5 दिसम्बर को हर्षोल्लास से मनाया गया। सज्जादानशीन अब्दुल गफ्फार खां ने बताया कि यह उर्स हर साल हिजरी सन के रबीउस्सानी महीने की 30 तारीख के हिसाब से 29 तारीख को मुनअकिद होता है। चिश्तिया नियाजिया सिलसिले के बुजुर्गाने दीन हज़रत जीतू शाह रहमतुल्लाह अलैह हज़रत नियाज बेनियाज रहमतुल्लाह अलैह ख़ानक़ाहे नियाजिया बरेली शरीफ़ के खलीफा हज़रत मिस्कीन शाह साहब नियाजी जयपुर के खलीफा हजरत शाह वली रहमतुल्लाह अलैह (बड़े हकीम साहब सीकर) के सिलसिले के सज्जादानशीन हज़रत सय्यद सज्जाद हुसैन रहमतुल्लाह अलैह के खलीफा थे। बाद नमाज़ ए फज्र क़ुरआनख्वानी की गई। बाद नमाज़ ए अस्र चादर शरीफ़ पेश की गई। बाद नमाज़ ए मगरिब महफ़िल ए मीलाद शरीफ़ मुनअकिद की गई। रात को महफ़िल ए शमा (क़व्वाली शरीफ़) का आयोजन हुआ। जो सुबह तक तक चालू रहा है। कव्वाल पार्टी ...

आरपीएससी में सबको प्रतिनिधित्व, लेकिन मुस्लिम को नहीं, क्यों ?

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आरपीएससी में सबको प्रतिनिधित्व, लेकिन मुस्लिम को नहीं, क्यों ? -------------------------------------------------------- राजस्थान में कांग्रेस का राज है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं और कांग्रेस अपने आपको सेक्यूलर व सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी कहती है, इसके बावजूद राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में मुस्लिम प्रतिनिधित्व नहीं है, यह भेदभाव कांग्रेस की छवि को और धूमिल करेगा। दो महीने बाद यूपी में विधानसभा चुनाव भी हैं, जहाँ प्रियंका गांधी मुसलमानों को कांग्रेस से वापस जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। ************************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान में दिसम्बर 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी। जिसे बने कुछ दिन बाद तीन वर्ष हो जाएंगे। मतगणना के दिन राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस अपने सिम्बल पर 100 सीट ही जीत पाई थी, यानी वो हारती हारती बची थी। जीतने वाली 100 सीटों पर मुस्लिम वोट 15 हजार से लेकर एक लाख से ऊपर तक हैं। यानी यह सभी सीटें मुस्लिम वोट की बदौलत कांग्रेस ने जीती थी। जो 100 सीटें हारी थी, उनमें अधिकतर पर मुस्लिम वोट 15 हजार से कम है। ...