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Showing posts from August, 2021

राजस्थान कायमखानी महासभा के दोनों गुटों में हुआ समझौता

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राजस्थान कायमखानी महासभा के दोनों गुटों में हुआ समझौता -------------------------------------------------------- सहमति से गठित की गई 21 लोगों की इलेक्शन कमेटी पर भी उठे सवाल ************************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। 09 अगस्त 2021 का दिन कायमखानी क़ौम के लिए बहुत शुभ साबित हुआ है। करीब 20 साल से राजस्थान कायमखानी महासभा में चल रही गुटबाज़ी को इस दिन सर्व सहमति से खत्म कर दिया गया है। साथ ही जोधपुर हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे को भी वापस लेने की सहमति तय हो गई है। राजस्थान कायमखानी महासभा जो कि कायमखानी क़ौम की कदीमी रजिस्टर्ड तन्जीम है तथा पिछले 40 साल में इस तन्जीम ने करीब आधा दर्जन हाॅस्टल अलग-अलग जिलों में शुरू किए हैं। राजस्थान कायमखानी महासभा के लिए 2002 से लेकर 2010 तक का युग एक स्वर्णिम युग रहा है। इस दौरान महासभा के संयोजक जी ख़ान साहब के नेतृत्व, टीम वर्क, कठोर परिश्रम और योग्यता के कारण जयपुर में कायमखानी गेस्ट हाउस और क़ौम के प्रथम पुरूष नवाब कायम ख़ान साहब की जन्म स्थली ददरेवा (जिला चूरू) में "नवाब कायम ख़ान मेमोरियल शहीद स्मारक" बनाया ...

तालिबान की नहीं अपने देश के रोटी-रोजगार की फिक्र करें ?

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तालिबान की नहीं अपने देश के रोटी-रोजगार की फिक्र करें ? *********************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। 15 अगस्त को हमारा देश अपनी आज़ादी की 74 वीं वर्षगांठ मना रहा था, तो इस दिन पड़ौसी देश अफगानिस्तान के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर तालिबान राजधानी काबुल पर काबिज हो गया था। राष्ट्रपति अशरफ़ गनी इसी दिन देश छोड़ कर भाग गए थे। इसमें कोई शक नहीं कि तालिबान ने विश्व महाशक्ति या विश्व के सबसे बड़े गुण्डे देश अमेरिका को बुरी तरह से पछाड़ खिलाई है। लेकिन किसी मुल्क पर हथियारबन्द गिरोह से कब्ज़ा कर लिया जाए, यह सही नहीं है। तालिबान की इस फतह या कब्ज़े पर पूरा विश्व अचम्भित है। हमारे देश में सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है, कोई इसकी खुशी मना रहा है, तो कोई इसका डर दिखाकर अपनी सियासी रोटी सेकने की कोशिश कर रहा है। हो सकता है कि कुछ लोग हमारी बात से नाइत्तेफाकी करते हुए नाराज़ होंगे, लेकिन जो तरीका तालिबान ने अपनाया था और आज अपना रहा है, वैसा अल्लाह के आखरी पैगम्बर हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि व सल्लम और उनके चारों खलीफाओं (उत्तराधिकारियों) के जमाने में नहीं अपनाया गय...

जातीय जनगणना और आरक्षित वर्गों के मुद्दों को लेकर समाजवादी नेता अर्जुन देथा ने लिखा मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र

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जातीय जनगणना और आरक्षित वर्गों के मुद्दों को लेकर समाजवादी नेता अर्जुन देथा ने लिखा मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र ************************************ प्रिय श्री गहलोत, आजादी के आन्दोलन के दौरान ब्रिटिश सरकार द्वारा गोलमेज काॅन्फ्रेन्सेज का आयोजन किया गया था। जिसमें कांग्रेस, देशी रजवाड़ों, अल्पसंख्यकों, दलितों, पिछड़ों की ओर से भी प्रतिनिधि शरीक हुए थे। बाबा साहेब डाॅक्टर भीमराव अम्बेडकर जो कि उस समय देश के वंचित वर्गों की पीड़ा को मुखर रूप से व्यक्त कर रहे थे और उनके प्रयासों से ही वंचितों के मुद्दे दुनिया के सामने ज्वलंत रूप से रखे गए। सम्भावित आजादी के बाद देश में वंचित वर्गों की स्थिति को लेकर बाबा साहेब अम्बेडकर चिन्तित थे और उनको न्याय दिलवाने के लिए प्रयासरत थे, लेकिन उनके प्रयासों का कांग्रेस पार्टी न सिर्फ लगातार विरोध करती रही, बल्कि उनके प्रयासों को विफल करने की लगातार चेष्टा भी करती रही। परन्तु बाबा साहेब अम्बेडकर के दृढ़ संकल्पित प्रयास जारी रहे और बात बढ़कर दलितिस्तान के रूप में एक पृथक राष्ट्र के निर्माण तक पहुंच गई। लेकिन मध्यस्थों के प्रयासों के परिणामस्वरूप बाबा साहेब ...

जातीय जनगणना के मुद्दे पर एक हुए नीतीश और तेजस्वी, बड़ा सियासी उलट फेर होने की चर्चा

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जातीय जनगणना के मुद्दे पर एक हुए नीतीश और तेजस्वी, बड़ा सियासी उलट फेर होने की चर्चा ************************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रमुख विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पिछले कुछ दिनों से एक हो चुके हैं। दोनों ही काफी दिनों से एक दूसरे के खिलाफ़ कोई बयानबाज़ी भी नहीं कर रहे हैं। खबर है कि यह लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार की रणनीति और मजबूरी के तहत एक बार फिर दोनों पार्टियां साथ आने को तैयार हो चुकी हैं। मुद्दा बनाया है जातीय जनगणना को, जो दोनों पार्टियों का काॅमन मुद्दा है। दोनों ही पार्टियां जनता दल से अलग होकर बनी हैं और समाजवादी विचारधारा की पार्टियां हैं, इसलिए मुद्दे भी दोनों के काॅमन ही हैं। सियासी गलियारों की उच्च चौपालों पर चर्चा है कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, जो कि लम्बे अर्से बाद गत दिनों ज़मानत पर जेल से बाहर आए हैं और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रमुख एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सियासी खिचड़ी दोबारा साथ पकने लग गई है। यह दोनों की रणनीति, मजबूरी और जरूरत है। बिहार में भाजपा...

मैं मोहम्मद अली जौहर•••आपसे सवाल कर रहा हूँ !

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मैं मोहम्मद अली जौहर•••आपसे सवाल कर रहा हूँ ! ************************************* जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। मैं मोहम्मद अली जौहर, जिसे हिन्दुस्तान की तारीख (इतिहास) में मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम से जाना जाता है। मैं अपने जमाने का कद्दावर सहाफी (पत्रकार) था। मैंने मेरी पूरी जिन्दगी और सलाहियत (योग्यता) मुल्क की आजादी और गंगा-जमुनी तहजीब के फरोग (बढावे) में लगाई। क्योंकि मैं इस मुल्क की मिट्टी और यहाँ के भाईचारे से मुहब्बत करता था। आपको पता है कि मैं मेरे मुल्क वतन ए अजीज हिन्दुस्तान की आजादी का ख्वाब देखते हुए और इसको हासिल करने की जद्दोजहद करते हुए इस दुनिया से रुख़सत हो गया था। वो मैं ही था, जिसने इंग्लैंड की जमीन पर अंग्रेजी हुकूमत को ललकार कर कहा था कि "मैं यहाँ मेरे मुल्क की आजादी का परवाना (ऑर्डर) लेने आया हूँ और आप जब तक मेरे मुल्क को आजाद नहीं करेंगे, मैं यहाँ से जाने वाला नहीं हूँ।" वो मैं ही था, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की चौखट इंग्लैंड में जाकर हिलाई थी और कहा था कि "अगर मेरा इन्तकाल हो जाए तो मुझे अंग्रेजों की गुलामी वाले मुल्क की बजाए किसी आजाद ...

स्टूडेंट्स के लिए विशेष काॅलम : संविधान की पाठशाला (1)

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स्टूडेंट्स के लिए विशेष काॅलम : संविधान की पाठशाला (1) ********************************* "संविधान चाहे कितना भी अच्छा क्यों ना हो, यदि वे लोग जिन्हें संविधान को अमल में लाने का काम सौंपा जाएगा खराब निकले, तो निश्चित रूप से संविधान खराब सिद्ध होगा।" -बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर अध्यक्ष प्रारूप समिति, संविधान सभा। ------------------------------------------------------ संविधान सभा की सर्वाधिक महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य नियम समिति ---------------- 1 डाॅक्टर राजेन्द्र प्रसाद सभापति(देश के प्रथम राष्ट्रपति, देश के पहले राष्ट्रपति जिन्होंने लगातार 2 कार्यकाल का निर्वहन किया। संविधान सभा के अध्यक्ष भी रहे। भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में 1946 और 1947 में कृषि और खाद्य मंत्री का दायित्व भी निभाया) 2 जगजीवन राम (इन्हें बाबूजी के नाम से लोकप्रियता प्राप्त थी, भारत के प्रथम दलित उप प्रधानमंत्री थे। भारत सरकार में रक्षा, श्रम, रेल और संचार मंत्री के रूप में भी अपना दायित्व निभाया। रेल मंत्री के रूप में 5 साल तक रेल किराया नहीं बढ़ाया। संचार मन्त्री के रूप में गांव-गांव डाकखानों का जाल...

गहलोत की जिद और सत्ता स्वार्थ के आगे बेबस हुआ पार्टी आलाकमान

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गहलोत की जिद और सत्ता स्वार्थ के आगे बेबस हुआ पार्टी आलाकमान ------------------------------------------------------- ना मंत्रिमंडल विस्तार होगा और ना ही फेरबदल, सचिन पायलट या तो अलग पार्टी बनाएंगे या फिर भाजपा में जाएंगे। ************************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जिद और सत्ता स्वार्थ के आगे पार्टी आलाकमान पूरी तरह से बेबस हो चुका है। यह वही पार्टी आलाकमान है जिसने गत दिनों पंजाब के मुद्दे को हैंडल किया और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की जिद के बावजूद उनकी एक न सुनी तथा वहां नवजोत सिंह सिद्धू को पीसीसी अध्यक्ष बनाया। लेकिन खबर है कि राजस्थान को लेकर पार्टी आलाकमान बेबस हो चुका है।  राजस्थान के मुद्दे को हैंडल करने के लिए पार्टी आलाकमान ने गत दिनों संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रभारी महासचिव अजय माकन को जयपुर भेजा था। देर रात जयपुर पहुंचने के बाद करीब ढाई घंटे उनकी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अकेले में मीटिंग हुई और उन्होंने पार्टी आलाकमान का संदेश मुख्यमंत्री को सुना दिया। लेकिन खबर यह है कि गहलोत ने उस संदेश को...

आरएएस इंटरव्यू हेराफेरी प्रकरण पर क्यों खामोश हैं गहलोत और वसुंधरा ?

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आरएएस इंटरव्यू हेराफेरी प्रकरण पर क्यों खामोश हैं गहलोत और वसुंधरा ? ------------------------------------------------------ क्या इस हेराफेरी की बहती गंगा में सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों ने मिलीभगत कर हाथ धोए हैं ? ------------------------------------------------------- बड़ा सवाल आरपीएससी चेयरमैन भूपेंद्र सिंह यादव की ईमानदारी पर भी उठ रहा है कि क्या वे इस प्रकरण की जांच करवा कर इंटरव्यू दोबारा करवाएंगे, या वे एक मजबूर चेयरमैन साबित होंगे ? ************************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की आरएएस संयुक्त परीक्षा का 13 जुलाई की रात को परिणाम घोषित कर दिया गया। परिणाम घोषित होने के बाद यहां हुए इंटरव्यू पर जबरदस्त सवाल उठे, जो आज भी उठ रहे हैं। इस परीक्षा में शिक्षा मंत्री और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के रिश्तेदारों को अधिक नंबर इंटरव्यू में देकर चयन करने पर भी सवाल उठे। हालांकि डोटासरा ने और स्वयं आरपीएससी चेयरमैन भूपेंद्र सिंह यादव ने इस मामले में सफाई दी और आरएएस इंटरव्यू में हुए घोटाले और हेराफेरी से पूरी तरह इन्क...

कौन बनेगा राजस्थान वक्फ बोर्ड का चेयरमैन ?

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कौन बनेगा राजस्थान वक्फ बोर्ड का चेयरमैन ? ************************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। अगस्त के आखिर में राजस्थान वक्फ बोर्ड को नया चेयरमैन मिल जाएगा। बोर्ड में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, निर्वाचित सदस्यों का चुनाव 17 अगस्त को होगा। इसके बाद चेयरमैन का चुनाव होगा। बोर्ड में कुल 9 मेंबर होंगे, जिनमें 5 निर्वाचित और 4 मनोनीत। यही 9 मेंबर चेयरमैन का चुनाव करेंगे। हालांकि यह तय है कि बोर्ड में चेयरमैन निर्विरोध बनाया जाएगा और चेयरमैन उसे बनाया जाएगा जिसे राज्य सरकार बनाना चाहेगी। वक्फ बोर्ड चेयरमैन के लिए जो लोग दावेदार बने हुए हैं, उनमें निवर्तमान चेयरमैन डॉक्टर खानू खान बुधवाली, पूर्व सांसद अश्क अली टाक, आदर्श नगर विधायक रफीक खान। हालांकि खुले तौर पर इनमें से किसी ने भी अपनी दावेदारी नहीं कर रखी है। लेकिन अंदरखाने की चर्चा यही है कि चेयरमैन इन तीनों में से कोई एक बनेगा। साथ ही चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने क्षेत्र के मुसलमानों को खुश करने के लिए हो सकता है कि इस बार चेयरमैन जोधपुर से बना दें।  यह लेख लिखे जाने तक विधायक कोटे से किसी भी...

राजसमन्द सांसद दीया कुमारी पर मेवाड़ के स्वाभिमानी शासक महाराणा प्रताप का अपमान करने का आरोप

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राजसमन्द सांसद दीया कुमारी पर मेवाड़ के स्वाभिमानी शासक महाराणा प्रताप का अपमान करने का आरोप   ------------------------------------------------------ वरिष्ठ समाजवादी नेता अर्जुन देथा ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए सुनाई खरी खौटी ***********************************  अकबरी सेना के सेनापति जयपुर के राजा मानसिंह की वंशज दीया कुमारी अब मेवाड़ को शौर्य का प्रमाण पत्र दे रही हैं। कितना दुखद और अपमानजनक है यह मेवाड़ की जनता तय करे। सर्वप्रथम भारतीय जनता पार्टी ने राजा मानसिंह की वंशज दीया कुमारी को मेवाड़ की एक लोकसभा सीट राजसमंद का भाजपा प्रत्याशी बनाकर मेवाड़ की नाक काटने का काम किया, क्योंकि प्रसिद्ध हल्दीघाटी युद्ध मैदान इसी राजसमंद लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां दीया कुमारी के पूर्वज और बादशाह अकबर की सेना के सेनापति मानसिंह और महाराणा प्रताप के बीच युद्ध हुआ था। जिसमें एक छोटी रियासत होते हुए भी मेवाड़ के वीरों ने बादशाह की सेना को कड़ी टक्कर दी और नाकों चने चबवा दिए थे।  मेवाड़ के बाहुबली योद्धाओं ने इस युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देकर मेवाड़ और संपूर्ण मानवता का मान बढ़ा...

दफदार करीम खां जी नसवाण : जोधपुर महाराजा हनुवन्त सिंह जी के उस्ताद

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दफदार करीम खां जी नसवाण : जोधपुर महाराजा हनुवन्त सिंह जी के उस्ताद ********************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। उसूल पसंदी, वफादारी और ईमानदारी का इनाम जरूर मिलता है। सल्तनत काल से लेकर मुगल काल, नवाबी काल और अंग्रेजी काल के शासन में कई नामी कायमखानी सरदार हुए हैं। जिन्होंने अपनी उसूल पसंदी, वफादारी और ईमानदारी का इनाम पाया है। नागौर जिले का सतावनी इलाका (डीडवाना क्षेत्र) जो तीन सौ साल पहले कायमखानी नवाबों की एक रियासत हुआ करता था। इसी सतावनी इलाके के निम्बी खुर्द गांव में दफदार करीम खां जी नसवाण नाम के एक नामी कायमखानी सरदार हुए हैं। जो तत्कालीन जोधपुर रियासत के महाराजा हनुवन्त सिंह जी के उस्ताद रहे हैं। करीम खां जी के उस्ताद बनने का वाकिया भी बड़ा अजीबोग़रीब है। वे राजकुमार हनुवन्त सिंह जी को घुड़सवारी सीखा रहे थे। हनुवन्त सिंह जी घोड़े को कन्ट्रोल नहीं कर पाए, तो गुस्से में आकर करीम खां जी ने राजकुमार की पीठ पर खींच कर चाबुक मार दिया और फटकार लगाते हुए कहा कि "जब तू घोड़े को नियन्त्रित नहीं कर पा रहा है तो इतनी बड़ी मारवाड़ रियासत (जोधपुर) को कैसे नियन्...