जोधपुर की मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी और वहां के सर सय्यद का सफरनामा...
जोधपुर की मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी और वहां के सर सय्यद का सफरनामा... **************************** लोग बड़े ठाट से झूठ पर झूठ परोसे जा रहे हैं कि "वो" जोधपुर का 'सर सैयद अहमद खान' है। सच तो ये है कि सर सैयद अहमद खान कभी घमंड में नहीं रहे, जिद्दी नहीं थे, मैली क्रिया भी नहीं आती थी। ख़ुदगर्जी तो खून में बिल्कुल नहीं थी, कौम बिरादरी में अपने स्वार्थ की खातिर वैमनस्य नहीं फैलाया। दोस्त से दोस्त को और भाई से भाई को नहीं लड़वाया। वोट की भूख और सत्ता की चाट में बहन, बेटी के पीहर तक आना-जाने की संभावनाएं खत्म नहीं की। कौम को सर सैयद अहमद खान ने तालीम का वो मरकज सुपुर्द किया कि उस अजीमुश्शान शख्सियत का नाम आज भी मुल्क भर में बड़े अदबो एहतराम से लिया जाता है, मगर जोधपुर में व्हाट्सएप का "खंभा गीला" करने वाले कुछ ऐसे लाभार्थी हैं, जो भ्रष्टाचार के आरोपों से 'आकंठ डूबे' जनाब अतीक गौरी को सर सैयद अहमद खान के लक़ब से पुकारने में लगे हैं। हालांकि इन "खंभा गीला" करने वालों की तादाद 10 से नीचे है। मजेदार बात तो ये कि पूरा शहर जान चुका है कि अतीक गौरी कौम के ...