सियासी अखाड़े का आधुनिक दांवपेंच ?
सियासी अखाड़े का आधुनिक दांवपेंच ? ---------------------------------- सड़क पर जनहित के लिए आंदोलन करना, विरोध प्रदर्शन में पुलिस की लाठियां खाना और जनता के लिए जेल जाना सियासी नेताओं की पहचान होती थी, लेकिन कुछ बरसों से एक अनोखा दांवपेंच भी शुरू हो गया है, धार्मिक सामाजिक जलसे जुलूस करना, सामूहिक विवाह सम्मेलन और सम्मान समारोह करना। पैसे वाले लोग ऐसी ढोंग तपस्या करके सियासी सीढियां चढ़ने में सफल तो हो जाते हैं लेकिन जनहित और आंदोलन का इन्तकाल हो जाता है। *********************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। हमारे देश में एक से बढ़कर एक राजनेता ऐसे हुए हैं, जिन्होंने जनहित के मुद्दों पर जबरदस्त आंदोलन किए हैं, विरोध प्रदर्शन में पुलिस के लाठीचार्ज में लाठियां खाई हैं। जनता के लिए जेल गए हैं और फिर चुनाव मैदान में उतरकर सत्ताधारी उम्मीदवारों को धूल चटाई है। कुछ तो जेल से पर्चा भरकर ही चुनाव जीते हैं। कुछ ऐसे भी नेता हुए हैं जो चुनाव तो कभी नहीं जीत पाए लेकिन उन्होंने सत्ताधारी लोगों की नाक में जनहित के मुद्दों पर पूरे जीवन नकेल डाल कर रखी थी। यह सब संघर्ष वे इसलिए कर पाए क्योंकि वे फ...