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Showing posts from November, 2023

वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत का अगला कदम क्या होगा ?

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वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत का अगला कदम क्या होगा ? *************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। पिछले ढाई महीने से दिल्ली, जयपुर और राजस्थान के विभिन्न जिलों से विधानसभा चुनाव की कवरेज "थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका" लगातार कर रहा है। इस दौरान कई बड़े बड़े नेताओं, उम्मीदवारों, समर्थकों, कारसेवकों, राजनीतिक विश्लेषकों और आमजन से मिलना हुआ। उनके मन की बात जानने की कोशिश की, कुछ कैमरे के सामने बोले तो कुछ कैमरा बंद रखने की शर्त पर बोले। कुछ बातें ऐसी सुनने में मिली, जो बिल्कुल उलूल जुलूल लगी, लेकिन धीरे-धीरे सच साबित हुई। कुछ बातें ऐसा इशारा कर रही थीं कि राजस्थान में इस बार नई तरह की सियासी चाल चली जा रही है, जिसमें सत्ता की चाबी किसी के पास भी जा सकती है। ऐसे आदमी के पास भी जिसकी किसी ने सोची भी नहीं थी, क्योंकि दिल्ली से बहुत कुछ नया हो रहा है और होने वाला है। उपरोक्त पैराग्राफ में हमने एक शब्द "कारसेवक" लिखा है, जो सियासी गलियारों में उसे कहा जाता है जो साथ तो नज़र आता है, लेकिन काम किसी और के लिए करता है और जिसके साथ नजर आता है उसकी ऐसी कारसेवा करता ह...

दर दर ठोकरें खाते उम्मीदवार...

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दर दर ठोकरें खाते उम्मीदवार... ********************* जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान में 25 नवम्बर को विधानसभा चुनाव हैं। कांग्रेस, भाजपा, छोटी मोटी सभी पार्टियों के उम्मीदवारों और निर्दलीयों ने अपने आपको चुनाव में झोंक रखा है। सबसे ज्यादा कांग्रेस व भाजपा के उम्मीदवार पसीना बहा रहे हैं। ऐसा करना भी चाहिए क्योंकि चुनाव जो जीतना है। कांग्रेस के विधायकों ने पांच साल सत्ता के मजे लिए, लोगों की नाराज़गी पर कोई खास ध्यान नहीं दिया, अब वे हर उस दर पर ठोकर खा रहे हैं, जहां से उसे जीत की सम्भावना लग रही हो। भाजपा के विधायक या प्रत्याशी भी दर दर ठोकरें खा रहे हैं, क्योंकि पांच साल वे विपक्ष होने की जिम्मेदारी निभाने की बजाए भाईसाहबों के चक्कर लगाते रहे, भाईसाहबों ने टिकट तो दिला दी, लेकिन वोट तो जनता के पास हैं, जहां वे गए ही नहीं। निर्दलीय और बागी उम्मीदवार भी मैदान में खम ठोक कर हर उस चौखट को चूम रहे हैं जहां से उसे सांत्वना पुरस्कार मिल जाए। सवाल यह है कि उम्मीदवारों ख़ासकर सत्ताधारी दल के उम्मीदवारों से जनता नाराज़ क्यों है ? इसकी एक ही वजह है, सत्ताधारी दल कांग्रेस के विधायक और...

हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का चुनाव किसी के हित में नहीं है

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हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का चुनाव किसी के हित में नहीं है ********************* जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव कुछ दिनों बाद होने जा रहे हैं, जिनकी घोषणा हो चुकी है, तीन दिसम्बर को मतगणना है। इन राज्यों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना प्रमुख हैं। इन राज्यों में राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है, मध्यप्रदेश में सरकार तो कांग्रेस की थी लेकिन भाजपा ने हॉर्स ट्रेडिंग से उस सरकार को गिराकर खुद की सत्ता बना ली। तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति के केसीआर की सरकार है, यहां भाजपा कमजोर बताई जा रही है और मुख्य मुकाबला केसीआर और कांग्रेस के बीच बताया जा रहा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा का बताया जा रहा है। यह चुनाव छह महीने बाद अप्रेल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखे जा रहे हैं। बात अपनी जगह सही भी है कि जो इन चार राज्यों में मोर्चा मार लेगा उसकी हवा बन जाएगी। कांग्रेस जहां जनहित के मुद्दों पर चुनाव केन्द्रित कर रही है और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण से बचकर चल रह...

राहुल गांधी के संघर्ष और सोच पर गहलोत जैसे नेता पानी फेर सकते हैं !

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राहुल गांधी के संघर्ष और सोच पर गहलोत जैसे नेता पानी फेर सकते हैं ! ********************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। देश का संविधान खतरे में है, लोकतंत्र खतरे में है, तानाशाही आ चुकी है, सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है, फासीवाद अजगर की तरह देश को जकड़ रहा है। ऐसे जुमले हर वो आदमी पिछले सात आठ से बोल रहा है जिसे देश की चिंता है, जिसे गंगा जमुनी तहज़ीब यानी मिलीजुली संस्कृति पसंद है, जो चाहता है कि देश में भाईचारा फले फूले, हर किस्म की नफ़रत का खात्मा हो, हर जगह मुहब्बत की दुकान खुले और नफ़रत के कारखानों के शटर डाउन हों। यह सब काम राजनीतिक विषय हैं, क्योंकि समस्या राजनीतिक है तो उसका समाधान भी राजनीतिक ही होगा, राजनीतिक समाधान तब होगा जब देश की सत्ता ऐसे लोगों के हाथ में आएगी, जो पूरी ताक़त से नफरती कारखानों के शटर डाउन कर दें। विपक्ष की बात करें तो एक ही चेहरा है जो नफरती कारखानों का शटर डाउन करने और मुहब्बत की दुकान पूरे देश में खोलने के लिए दिन रात लगा हुआ है और उसने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है। उस चेहरे का नाम राहुल गांधी है, जो केन्द्रीय जांच एजेंसियों, बिक...

नफ़रत और ध्रुवीकरण से राजस्थान को फतह करने की तैयारी ?

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नफ़रत और ध्रुवीकरण से राजस्थान को फतह करने की तैयारी ? -------------------------- भाजपा का तो शुरुआत से यह एजेंडा रहा है, लेकिन कांग्रेस के नेता भी इस एजेंडे के खिलाफ मुंह खोलना अपना सियासी सुसाइड मान रहे हैं। ताज़ा मामला राजधानी जयपुर का है जहां एक मुस्लिम युवक की पीट पीट कर सरेआम हत्या करने के बाद हुए उग्र माहौल की आग में भाजपा ने सियासी बाटी सेकने की कोशिश की, वहीं कांग्रेसी नेताओं ने खामोशी की चादर ओढ़ ली। कांग्रेसी नेताओं का यह रवैया कहीं आत्मघाती गोल साबित नहीं हो जाए ? *********************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। भारतीय जनता पार्टी जिसका मुख्य एजेंडा है कि हिन्दू मुस्लिम मुद्दों को हवा देकर वोटों का ध्रुवीकरण किया जाए और फिर सत्ता के मजे लिए जाएं। इस एजेंडे पर भाजपा शुरू से ही चल रही है और उसके पास इस एजेंडे के अलावा कोई सामान भी नहीं है, अगर भाजपा इस एजेंडे को छोड़कर रोटी रोजगार के मुद्दों पर बात करने लग जाए तो उसकी सियासी दुकान का पूरी तरह से शटर डाउन हो जाए, क्योंकि उसने सत्ता में आने के बाद रोटी रोजगार देने के काम कम किए हैं और छीनने के ज्यादा किए हैं। इसलिए वो...