जुनैद और नासिर का दर्दनाक क़त्ल इन्सानों का क़त्ल नहीं था, इसलिए...?
जुनैद और नासिर का दर्दनाक क़त्ल इन्सानों का क़त्ल नहीं था, इसलिए...? ************************ जयपुर/घाटमीका (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। क्षेत्रफल के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान, जिसके भरतपुर जिले का गांव घाटमीका। जो हरियाणा व यूपी बाॅर्डर के नज़दीक है, इलाका है मेवात का, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी नई दिल्ली से 120 किलोमीटर दूर है यह गांव घाटमीका। जिसके दो बेगुनाह युवाओं जुनैद और नासिर को हरियाणा के लुहारू-भिवानी क्षेत्र में जलाकर मार दिया गया। इस दर्दनाक आतंकी वारदात से सभी वाकिफ हो चुके हैं कि यह कब हुई, कैसे हुई, किसने की ? इसलिए इस आतंकवादी वारदात को विस्तार से इस लेख में बताने का कोई औचित्य नहीं है। यहां इस सवाल का जवाब तलाशना है कि जुनैद और नासिर इन्सान थे या नहीं ? उनका दर्दनाक क़त्ल इन्सानों का क़त्ल था या नहीं ? यकीनन वे दोनों इन्सान थे और उनका क़त्ल इन्सानों का क़त्ल था, लेकिन सियासी लोगों की नज़र में वे इन्सान नहीं थे। देश व प्रदेश की शासन व्यवस्था के कर्णधारों और उनके गुलाम चम्मचों की नज़र में यह इन्सानों का क़त्ल नहीं था, अगर हम ग़लत कह रहे हैं तो ...