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Showing posts from July, 2023

11 मुहर्रम : शौहदा ए करबला की शहादत का दूसरा दिन

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11 मुहर्रम : शौहदा ए करबला की शहादत का दूसरा दिन ---------------------------------- हज़रत जैनब की नाना हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से दरख़्वास्त ********************** नाना तेरी उम्मत से जैनब का यह शिकवा है !! नाना तेरी जैनब को तेरी उम्मत ने रुलाया है !! नाना तेरे गुलशन को तेरी उम्मत ने लूटा है !! नाना तेरे हुसैन को उम्मत ने क़त्ल किया है !! नाना तेरे कुनबे को भूखा-प्यासा शहीद किया है !! नाना तेरे बच्चों की लाशों को पामाल किया है !! नाना तेरे लाडले हुसैन की गर्दन को अलग किया है !! नाना यह सब मंज़र तेरी जैनब ने आंखों से देखा है !! नाना जिस हुसैन को आप रोज कान्धों पर बैठाते थे !! नाना उसके सिर को तेरी उम्मत ने नेजे पर चढ़ाया है !! नाना तेरी उम्मत ने तेरी जैनब का ख़ेमा जलाया है !! नाना हमें बेपर्दा कर कूफे की गलियों में घुमाया है !! नाना तेरी उम्मत ने तेरी जैनब की चादर खींची है !! नाना बीमार सय्यदे सज्जाद पर भी ज़ुल्म ढहाया है !! नाना तेरी जैनब ने भाई का सिर नेजे पर देखा है !! नाना यह सब ज़ुल्म तेरी जैनब ने ख़ुद देखा है !! नाना इस ज़ुल्म की ख़ाक ए करबला गवाह है !! नाना ...

नवाब कायम ख़ान साहब के 604 वें शहादत दिवस पर आयोजित हुए कई कार्यक्रम

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नवाब कायम ख़ान साहब  के 604 वें शहादत दिवस पर आयोजित हुए कई कार्यक्रम -------------------------------------------- मुख्य कार्यक्रम उनके पीरो मुर्शीद की खानकाह दरगाह चार कुतुब साहब और उनके मकबरे हांसी शरीफ़ में आयोजित किया गया *************************** हांसी/ददरेवा/चूरू/भीलवाड़ा/सुजानगढ/भादरा/जोधपुर/अजमेर/डीडवाना (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। शुजात, ईमानदारी, वफादारी व वतन प्रेम की मिसाल कायमखानी कौम के प्रथम पुरुष और तत्कालीन हिसार-हांसी (हरियाणा) रियासत के शासक और सुलतान फिरोज शाह तुगलक के वज़ीर व सेनाप ति नवाब कायम खान साहब का 14 जून (नवाब क़ायम खां डे) को हर साल की तरह शहादत दिवस मनाया गया। इस बार उनका 604 वां शहादत दिवस था। कायमखानी बाहुल्य इलाकों में कई छोटे बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम उनके पीरो मुर्शीद की खानकाह दरगाह चार कुतुब साहब हांसी शरीफ़ में आयोजित किया गया। ज हां कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति ने यह कार्यक्रम आयोजित किया। दरगाह चार कुतुब साहब के सज्जादानशीन विकारूर्रहमान साहब की सरपरस्ती में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह कुरआनख्वानी, फ...

जयपुर के मुस्लिम स्कूल की तीन साल की प्रोग्रेस रिपॉर्ट

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जयपुर के मुस्लिम स्कूल की तीन साल की प्रोग्रेस रिपॉर्ट *************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। जयपुर की मोती डूंगरी रोड स्थित मुस्लिम स्कूल कैम्पस में दिनांक 17 जुलाई 2023 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूल प्रबंधन कमेटी ने अपने तीन साल के कार्यकाल की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की। इससे पूर्व 16 जुलाई की शाम को यहां प्रबंधन कमेटी के सदस्यों और शहर के मोअज्जिज लोगों की एक मीटिंग भी आयोजित की गई, जिसमें सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि संस्था के चुनाव की घोषणा कर दी गई है, जो 27 अगस्त 2023 को हैं। जिसके लिए 31 जुलाई 2023 तक सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को प्रबंधन कमेटी के सेक्रेटरी शब्बीर खान और अन्य पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रबन्धन द्वारा संस्था को सम्भालने के बाद सारे तालीमी इदारों की छात्र/छात्राओं की कुल संख्या पूर्व प्रबन्धन के समय 534 थी, जो कि नवीन प्रबन्धन के समय कुल छात्र/छात्राओं की संख्या 1632 हो गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान प्रबन्धन द...

जयपुर शहर की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की हालत कमजोर क्यों हुई ?

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जयपुर शहर की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की हालत कमजोर क्यों हुई ? ************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। जयपुर शहर लोकसभा सीट की आठ में से पांच सीटें पहली बार 2018 में कांग्रेस ने जीती, यह शहर में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत थी। शहर से दो विधायक कैबिनेट मंत्री और दो विधायक राजनीतिक नियुक्ति से चेयरमैन हैं। शहर का हैरिटेज नगर निगम भी कांग्रेस के पास है। इतना कुछ होने के बाद भी शहर की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की हालत कमजोर है और चुनाव में कुछ महीने ही बचे हैं। धरातल की सच्चाई यह है कि जयपुर शहर की सीटों पर कांग्रेस की हार तय सी मानी जा रही है तथा कांग्रेस की इस हालत के लिए सिर्फ और सिर्फ यहां के विधायक और उनके चेले जिम्मेदार माने जा रहे हैं। सबसे पहले यहां के चुनावी इतिहास पर बात करें। जयपुर शहर को हमेशा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा का अभेद्य दुर्ग कहा जाता है। यहां पिछले तीन दशक में लोकसभा एवं शहर की विधानसभा सीटों पर अधिकतर चुनावों में भाजपा को ही जीत मिली है। 2009 के लोकसभा चुनाव में यहां से महेश जोशी कांग्रेस की टिकट पर सांसद चुने गए थे। लेकिन 2014 के चुना...

राजस्थान में वक्फ जायदाद के साथ हो रही लूट का जिम्मेदार कौन ?

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राजस्थान में वक्फ जायदाद के साथ हो रही लूट का जिम्मेदार कौन ? ************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। बताया जाता है कि रेलवे के बाद देश में सबसे ज्यादा भूमि वक्फ बोर्ड के पास है। इसके विकास और प्रबंधन के लिए हर राज्य में वक्फ एक्ट 1995 संशोधन 2013 के तहत वक्फ बोर्ड बने हुए हैं। इन वक्फ बोर्डों में ज्यादातर सत्ताधारी दल के लोग नियुक्त होते हैं, जो वक्फ का विकास तो कम और लूट खसोट ज्यादा करते हैं। यही हाल राजस्थान वक्फ बोर्ड का है। राजस्थान में क‌ई वक्फ जायदाद खुर्द बुर्द हो रही हैं और कुछ हो भी गई हैं। लेकिन वक्फ बोर्ड थोड़ा बहुत एक्शन वहीं लेता है जहां की प्रबन्धन कमेटी बोर्ड की हां में हां नहीं मिलाती है। जो वक्फ कमेटी बोर्ड की इच्छा पूरी करती है उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं होता चाहे वो कितनी भी लूटमार करे। वक्फ जायदाद अल्लाह की मिल्कियत हैं, लेकिन वक्फ बोर्ड और इनके इन्तेज़ाम में लगे ज्यादातर लोग इन्हें मजे से खुर्द बुर्द कर रहे हैं, वक्फ जायदाद के जो एकाध फीसदी जिम्मेदार इन्हें बचाने की कोशिश करते हैं, उनकी वक्फ बोर्ड और वक्फ कमेटियों में ज्यादा चलती नहीं है। पूरे ...

दूध दही की नदियां बहा दें तो भी गहलोत अपनी सरकार को रिपीट नहीं कर सकते ?

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दूध दही की नदियां बहा दें तो भी गहलोत अपनी सरकार को रिपीट नहीं कर सकते ? ----------------------------------------- जनहित की कोई भी योजना चलाएं, कुछ भी करें, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार को रिपीट नहीं कर सकते, जिसके क‌ई कारण भी हैं और इतिहास भी। यह मानना है कांग्रेस के ही नेताओं, सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक विश्लेषकों का... *************************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान में इस साल नवम्बर दिसम्बर में विधानसभा चुनाव हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार को रिपीट करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। कांग्रेस आलाकमान को पुख्ता आश्वासन दे रखा है कि सरकार रिपीट हो रही है और यह काम मेरे रहते और पूरी तरह से चुनाव मेरे नेतृत्व में लड़ने से ही हो सकता है। पार्टी आलाकमान रोबर्ट वाड्रा के मुकदमों और इन्दिरा गांधी परिवार की पांच दशक की राजदारी जो गहलोत को मालूम है, जिसके कारण पूरी तरह से मजबूर है। यह चर्चा राजस्थान के सियासी गलियारों की उच्च चौपालों में हो रही है। बन्द दरवाजों की इन चौपालों में जब चर्चा होती है तो कांग्रेस के बड़े नेता और स...

हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर नफ़रत कब तक ?

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हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर नफ़रत कब तक ? ************************ जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। कहने को भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और विश्व की सबसे ज्यादा युवा शक्ति भारत में है। प्राकृतिक संसाधनों की भी कोई कमी नहीं है, भू भाग भी काफी विशाल है। इन सबसे बड़ी और ताकतवर चीज़ कोई भारत में है, तो वो गंगा जमुनी तहजीब है, यानी मिलीजुली संस्कृति। लेकिन अब यह सबसे बड़ी ताक़त तेजी से कमजोर हो रही है। हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की दरार को एक सोची समझी साजिश के तहत पूरी ताक़त से चौड़ा किया जा है। देश की नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा और रोजगार की जरूरत है, उसे धार्मिक कट्टरता की अफीम पिलाई जा रही है। नई पीढ़ी सोशल मीडिया के जरिए पिलाई इस अफीम से अपाहिज होती जा रही है, उसकी सोचने समझने की शक्ति पर पर्दा डालकर गुमराह किया जा रहा है। कहने को हम यह भी कहते हैं कि हमारे देश के सबसे बड़े दुश्मन चीन और पाकिस्तान हैं। यह बात पूरी तरह से सही भी है। लेकिन हमारा मानना है कि हमारे देश के चीन और पाकिस्तान से बड़े दुश्मन हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण करने वाले लोग हैं, चाहे वे कोई भी हों। जब तक इनकी ताकत बढती रह...

मणिपुर और कश्मीर के हालात तथा ओडिशा का ट्रेन हादसा बहुत कुछ बयान कर रहे हैं, लेकिन सुने कौन ?

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मणिपुर और कश्मीर के हालात तथा ओडिशा का ट्रेन हादसा बहुत कुछ बयान कर रहे हैं, लेकिन सुने कौन ? *********************** जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र जहां 90 करोड़ से अधिक वोटर हैं, इतनी तो चीन को छोड़कर किसी देश की कुल आबादी भी नहीं है। विश्व के सभी धार्मिक पंथ, असंख्य जातियां, सैकड़ों भाषाएं व बोलियां तथा 140 करोड़ से अधिक आबादी और हर तबके व क्षेत्र का अपना अपना खानपान और रहन सहन। कितना खूबसूरत देश है हमारा भारत, ऐसी विविधता वाला दुनिया में दूसरा कोई देश नहीं है। लेकिन यहां ज्वालामुखी के अंदर पकते लावे की तरह बहुत कुछ पक रहा है, नफ़रत और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण तेजी से बढ़ रहा है, जो शुभ संकेत नहीं है तथा यह सब कुछ सत्ता प्राप्ति और सत्ता बरकरार रखने के लिए हो रहा है। आम आदमी को बेवकूफ बनाकर राजनेता नफ़रत की आग में झोंक रहे हैं। यह बहुत खतरनाक साज़िश है देश के खिलाफ और यह साज़िश देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए बड़े खतरे की घंटी बजा रही है, कोई सुन सके तो सुन ले। करीब डेढ़ महीने से पूर्वोत्तर का सीमावर्ती छोटा सा राज्य मणिपुर नफ़रत व हिंसा की आग मे...