11 मुहर्रम : शौहदा ए करबला की शहादत का दूसरा दिन
11 मुहर्रम : शौहदा ए करबला की शहादत का दूसरा दिन ---------------------------------- हज़रत जैनब की नाना हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से दरख़्वास्त ********************** नाना तेरी उम्मत से जैनब का यह शिकवा है !! नाना तेरी जैनब को तेरी उम्मत ने रुलाया है !! नाना तेरे गुलशन को तेरी उम्मत ने लूटा है !! नाना तेरे हुसैन को उम्मत ने क़त्ल किया है !! नाना तेरे कुनबे को भूखा-प्यासा शहीद किया है !! नाना तेरे बच्चों की लाशों को पामाल किया है !! नाना तेरे लाडले हुसैन की गर्दन को अलग किया है !! नाना यह सब मंज़र तेरी जैनब ने आंखों से देखा है !! नाना जिस हुसैन को आप रोज कान्धों पर बैठाते थे !! नाना उसके सिर को तेरी उम्मत ने नेजे पर चढ़ाया है !! नाना तेरी उम्मत ने तेरी जैनब का ख़ेमा जलाया है !! नाना हमें बेपर्दा कर कूफे की गलियों में घुमाया है !! नाना तेरी उम्मत ने तेरी जैनब की चादर खींची है !! नाना बीमार सय्यदे सज्जाद पर भी ज़ुल्म ढहाया है !! नाना तेरी जैनब ने भाई का सिर नेजे पर देखा है !! नाना यह सब ज़ुल्म तेरी जैनब ने ख़ुद देखा है !! नाना इस ज़ुल्म की ख़ाक ए करबला गवाह है !! नाना ...