नवाब कायम ख़ान साहब का यौम ए शहादत (कायम खान डे-14 जून)
नवाब कायम ख़ान साहब का यौम ए शहादत (कायम खान डे-14 जून)
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हमें नवाब कायम ख़ान साहब के साथ सय्यद नासिर शाह साहब, हांसी पीर साहब और बादशाह फिरोज शाह तुगलक साहब को भी याद करना चाहिए ?
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हमें नवाब कायम ख़ान साहब के साथ सय्यद नासिर शाह साहब, हांसी पीर साहब और बादशाह फिरोज शाह तुगलक साहब को भी याद करना चाहिए ?
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कायमखानी क़ौम के प्रथम पुरुष वली सिफ्त इन्सान नवाब कायम ख़ान साहब का आज 14 जून 2020 को 601 वां शहादत दिवस है। वे तत्कालीन हिसार हांसी रियासत के नवाब और बादशाह फिरोज शाह तुगलक साहब के प्रधान वजीर (प्रधानमंत्री) और सेनापति थे। दादा साहेब नवाब कायम ख़ान साहब हांसी पीर साहब (ख़ानक़ाह चार कुतुब) के मुरीद थे। उन पर हिसार रियासत के तत्कालीन गवर्नर सय्यद नासिर शाह साहब की खास मेहरबानी थी। सय्यद नासिर शाह साहब ने उनको अपने बच्चे की तरह रखा और परवरिश की और फिर खुद की रियासत हिसार भी उन्हीं को सौंप दी।
सय्यद नासिर शाह साहब बहुत बड़ी बुजुर्ग और वली सिफ्त शख्सियत के मालिक थे और वे दादा कायम खान साहब से बेहद मुहब्बत करते थे। उन्हीं की सरपरस्ती और तरबीयत में नौजवान कर्म सिंह उर्फ कर्म चन्द चौहान (पुत्र मोटे राव जी चौहान शासक ददरेवा रियासत तथा वंशज प्रतापी राजा पृथ्वीराज जी चौहान और गोगा जी चौहान) ने इस्लाम क़ुबूल किया था। कायमखानी क़ौम पर सय्यद नासिर शाह साहब का बहुत बड़ा एहसान और करम है, इसलिए हम जब भी कायम ख़ान साहब को याद करें, तो हमें सय्यद नासिर शाह साहब को भी याद करना चाहिए। साथ ही तमाम सय्यद खानदान (पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की औलाद) का उसी तरह अदबो एहतराम करना चाहिए जैसा नवाब कायम ख़ान साहब ने किया और अपने भाइयों व औलाद को सिखाया।
हमें हांसी पीर साहब (ख़ानक़ाह चार कुतुब) और बादशाह फिरोज शाह तुगलक साहब को भी याद करना चाहिए। जिनका नवाब कायम ख़ान साहब की जिन्दगी और शख्सियत को बेमिसाल बनाने में बहुत बड़ा रोल था। साथ ही विभिन्न कायमखानी रियासतों के नवाबों, जागीरदारों और शहीदों को भी याद करना चाहिए, जिन्होंने अपनी पूरी जिन्दगी इन्सानियत की फलाहो बहबूदी (भलाई) और मुल्क की हिफाज़त में लगा दी थी। अल्लाह तआला से दुआ है कि वो अपने तमाम नबियों, वलियों और महबूब बन्दों के सदके व तुफैल में मेरी इस दुआ को क़ुबूल करे, "ऐ अल्लाह यहाँ मैंने जिन लोगों का जिक्र किया है, उनमें किसी की तूने मग्फिरत नहीं की है, तो मेरे मौला उनकी मग्फिरत कर दे और जिनकी मग्फिरत कर दी उनके जन्नतुल फिरदौस में दर्जे बुलन्द कर दे और पूरी दुनिया में अमन, भाईचारा और इन्साफ कायम कर दे, आमीन।
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-@-एम फारूक़ ख़ान
#आजीवन सदस्य :- राजस्थान कायमखानी महासभा और
#वंशज :- नवाब मोहम्मद खान साहब (बड़े साहबजादे नवाब कायम ख़ान साहब) संस्थापक तत्कालीन झुन्झुनूं रियासत।
हांसी (हरियाणा) स्थित दरगाह चार कुतुब परिसर में झुन्झुनूं रियासत के संस्थापक नवाब मोहम्मद खान साहब का ऐतिहासिक मकबरा, नवाब मोहम्मद खान साहब कायमखानी क़ौम के प्रथम पुरुष नवाब कायम ख़ान साहब के सबसे बड़े साहबजादे थे।




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