नवाब कायम ख़ान साहब के शहादत दिवस पर देश विदेश में आयोजित हुए कई कार्यक्रम
नवाब कायम ख़ान साहब के शहादत दिवस पर देश विदेश में आयोजित हुए कई कार्यक्रम
------------------------------------------------
रक्तदान शिविरों में देर तक लगी रही नौजवानों की कतार, लेकिन फिर भी नहीं आया खून देने का नम्बर
-------------------------------------------------
कोरोना महामारी की गाइडलाइन की पालना करते हुए आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम
-------------------------------------------------
कार्यक्रमों के आयोजन में राजस्थान कायमखानी महासभा, कायमखानी यूथ ब्रिगेड, कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट और स्थानीय संगठनों का रहा विशेष योगदान
-------------------------------------------------
मुख्य कार्यक्रम नवाब साहब की जन्म स्थली ददरेवा गांव स्थित नवाब कायम खान स्मारक में आयोजित हुआ, जहाँ महासभा के संयोजक कर्नल शौकत खान ने क़ौम को सम्बोधित किया
********************************
------------------------------------------------
रक्तदान शिविरों में देर तक लगी रही नौजवानों की कतार, लेकिन फिर भी नहीं आया खून देने का नम्बर
-------------------------------------------------
कोरोना महामारी की गाइडलाइन की पालना करते हुए आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम
-------------------------------------------------
कार्यक्रमों के आयोजन में राजस्थान कायमखानी महासभा, कायमखानी यूथ ब्रिगेड, कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट और स्थानीय संगठनों का रहा विशेष योगदान
-------------------------------------------------
मुख्य कार्यक्रम नवाब साहब की जन्म स्थली ददरेवा गांव स्थित नवाब कायम खान स्मारक में आयोजित हुआ, जहाँ महासभा के संयोजक कर्नल शौकत खान ने क़ौम को सम्बोधित किया
********************************
जयपुर/ददरेवा/चूरू/सीकर/झुन्झुनूं/भीलवाड़ा/लाडनूं/सुजानगढ (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। कायमखानी कौम के प्रथम पुरुष और तत्कालीन हिसार हांसी (हरियाणा) रियासत के नवाब दादा साहेब कायम खान साहब का 14 जून को देश विदेश में शहादत दिवस मनाया गया। इस बार उनका 601 वां शहादत दिवस था। कायमखानी बाहुल्य इलाकों में कई छोटे बड़े प्रोग्राम आयोजित किए गए। पिछली बार से भी अधिक। यह कार्यक्रम हर वर्ष 14 जून को नवाब कायम ख़ान डे के तौर पर आयोजित किए जाते हैं। विदेशों में जहाँ जहाँ कायमखानी आबाद हैं या नौकरी पेशा कर रहे हैं वहाँ भी हर वर्ष की भांति कायम खान डे मनाया गया। कोरोना महामारी की गाइडलाइन के दायरे में देश में जहाँ जहाँ कायमखानी आबाद हैं या सर्विस कर रहे हैं, उन्होंने अपने स्तर पर इस दिन नवाब साहब को खिराज ए अकीदत पेश की।
मुख्य कार्यक्रम दादा साहेब नवाब कायम खान साहब की जन्म स्थली गांव ददरेवा (जिला चूरू) में आयोजित हुआ। जहाँ नवाब कायम खान स्मारक बना हुआ है। इस स्मारक में करीब 200 कायमखानी शहीद सैनिकों की पट्टिकाएं लगी हुई हैं। यह वे भारतीय सैनिक हैं जो विभिन्न युद्धों एवं सैन्य ऑपरेशनों में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। इस मुख्य कार्यक्रम को राजस्थान कायमखानी महासभा के संयोजक कर्नल शौकत खान ने सम्बोधित किया। उन्होंने क़ौम का इतिहास बताते हुए कहा कि हमें हमारे पुरखों की तारीख़ (इतिहास), परम्पराओं और ऐतिहासिक धरोहरों की हिफाज़त करनी है और क़ौम की गंगा जमुनी तहजीब को जिन्दा रखते हुए नई पीढ़ी को एक रोशन और कामयाब रास्ता दिखाना है।
कार्यक्रम को पीसीसी महासचिव शब्बीर हुसैन ख़ान भादरा, भंवर ख़ान पूर्व पार्षद भादरा, लियाकत ख़ान पूर्व डीएसओ, मुंशी ख़ान चाँदखानी, जिला कायमखानी महासभा चूरू के संयोजक सत्तार ख़ान जोइया, जंगशेर ख़ान जैनाण, शेर ख़ान मलकाण, नाज़म अली ख़ान, सदीक ख़ान मोडावासी, एडवोकेट जाकिर हुसैन हनुमानगढ, इलियास ख़ान, महमूद ख़ान एलमाण, जाकिर ख़ान के. के. आदि ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन चूरू महासभा के प्रवक्ता मास्टर आरिफ ख़ान ने किया। इस अवसर पर ददरेवा में 601 पौधा रोपण कार्यक्रम का आगाज़ किया गया और अशोक के पौधे का पौधा रोपण किया गया।
कायम खान डे पर हर वर्ष की भांति इस बार भी ब्लड डोनेशन कैम्प, वृक्षारोपण, कुरआनख्वानी, फातिहाख्वानी, अस्पतालों में फल वितरण, गौ शालाओं में चारा डालने, पक्षियों के लिए परिन्डे बांधने आदि कार्यक्रम हुए। कोरोना महामारी की वजह से इस बार प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित नहीं किए जा सके, लेकिन मास्क वितरण जैसे नए कार्यक्रम और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सन्देश हर कार्यक्रम में दिया गया। खास बात यह रही कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और जन प्रतिनिधियों के अलावा दूसरी कौमों के लोग भी हर वर्ष की भांति शरीक हुए।
मुख्य कार्यक्रम के अलावा अन्य कार्यक्रम चूरू, सुजानगढ, राजगढ़, रतननगर, लाडनूं, भीलवाड़ा, शाहपुरा, जयपुर, झुन्झुनूं, सीकर, फतेहपुर, बेसवा सहित दर्जनों गांवों और कस्बों में आयोजित हुए। खाड़ी देशों में नौकरी करने वाले कायमखानियों ने भी कायम ख़ान डे मनाया, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से वे इस बार बड़े कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सके। विशेष यह भी रहा कि आइजोल (मेघालय) के पास लवांग तलाई और लवांग लाई इलाके में भी कायम ख़ान डे मनाया गया। भारत म्यांमार सीमा पर पहाड़ियों वाले इस इलाके में अपने वर्कर के साथ रोड निर्माण का कार्य कर रहे चाकसू के पूर्व प्रधान मुश्ताक खान महरामपुरा ने यहाँ कार्यक्रम का आयोजन किया तथा उन्होंने नवाब साहब और कायमखानी क़ौम के बारे में तकरीर कर उसे सुबह ही वायरल भी कर दिया। जिसको देखकर लोगों को बहुत खुशी महसूस हुई।
राजस्थान कायमखानी महासभा, कायमखानी यूथ ब्रिगेड और कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट के अलावा स्थानीय संगठनों और इदारों ने यह कार्यक्रम आयोजित किए। जो व्यक्ति कोरोना महामारी की वजह से इन कार्यक्रमों में नहीं जा सका, उसने अपने घर पर या गली में नवाब कायम ख़ान साहब को खिराज ए अकीदत पेश की। महिलाओं ने घरों में कुरआन पाक, तस्बीह वगैरह पढकर नवाब साहब और कायमखानी क़ौम की फलाहो बहबूदी के लिए दुआ की।
आधा दर्जन से अधिक जगह ब्लड डोनेशन कैम्प आयोजित किए गए। जिनमें चूरू कैम्प की चर्चा सबकी जुबान पर है। यहाँ के युवाओं का जज़्बा वाकई काबिले तारीफ़ है। यहाँ हनुमानगढी रोड पर स्थित कायमखानी छात्रावास में यह कैम्प आयोजित किया गया। जिसमें तय सीमा से अधिक 625 यूनिट ब्लड डोनेट हुआ। चूरू के युवाओं ने कोरोना महामारी में जिस जज्बे का सबूत दिया है, वो वाकई तारीख़ (इतिहास) लिखने के काबिल है। चूरू कस्बे के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी युवा ब्लड डोनेट करने आए थे, लेकिन मेडिकल टीम ने जवाब दे दिया, तो जो बचे उन्होंने ब्लड देने की काफी रिक्वेस्ट की, लेकिन बात नहीं बनी। स्थानीय युवाओं का कहना है कि अगर मेडिकल टीम सबका ब्लड ले लेती, तो 800 से अधिक यूनिट हो जाता।
चूरू के कार्यक्रम की अध्यक्षता पीर अनवार नदीमुल कादरी साहब शहर इमाम चूरू ने की। यहाँ जो दुआ की गई उसमें गत दिनों इन्तकाल हुए सब इंस्पेक्टर गुलाम नबी खान ताखलसर के लिए भी दुआ ए मग्फिरत की गई। यहाँ ब्लड डोनेशन के लिए युवाओं के साथ महिलाओं में भी जोशो खरोश देखा गया और महिलाओं ने भी अपनी सराहनीय उपस्थिति दर्ज करवाते हुए ब्लड डोनेट किया। यहाँ नवाब कायम ख़ान साहब के 601 वें शहादत दिवस पर 601 यूनिट ब्लड डोनेट करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उसको पार करके 625 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया। इस रक्तदान शिविर की खास खूबी यह भी रही कि यहाँ न सिर्फ कायमखानी युवाओं ने बल्कि सर्वसमाज के युवाओं ने भी रक्तदान किया।
इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर संदेश नायक, एसपी तेजस्वनी गौतम, डाॅक्टर सुनील कुमार जांदू और कोतवाली थानाधिकारी सहित कई अन्य भी अतिथि के तौर पर शरीक हुए। इन अतिथियों का शौकत अली खान एडीशनल कमिश्नर सेल टैक्स (रि), नूर मोहम्मद खान डिप्टी कमिश्नर आबकारी विभाग (रि), अय्यूब खान एडिशनल एएसपी, अय्याज खान उप निदेशक लोक अभियोजक (रि) आदि कौम के महानुभावों ने गुलाब के फूल भेंट कर इस्तकबाल किया। इस मौके पर कायमखानी कौम के डॉक्टर जिन्होंने कोरोना योद्धा के रूप में सराहनीय काम किया, उन्हें जिला कलेक्टर और एसपी ने कोरोना योद्धा का मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।
चूरू के अलावा लाडनूं और सुजानगढ के कार्यक्रम भी विशेष चर्चा में रहे। यहाँ राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डाॅक्टर खानू खान बुधवाली भी शरीक हुए। लाडनूं के जावाबास स्थित सीटी डिस्पेंसरी में इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर चेयरमैन बुधवाली शरीक हुए और कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्तार ख़ान एडिशनल डिवीजन कमिश्नर अजमेर ने की। इनके अलावा स्थानीय अधिकारी भी कार्यक्रम में शरीक हुए। चेयरमैन बुधवाली ने तालीम को बढावा देने और सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों पर अपनी बात रखी।
सत्तार ख़ान ने कोरोना महामारी में सरकारी गाइडलाइन के बारे में बताते हुए कोरोना महामारी में सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम में शहर काजी अय्यूब साहब, फारूक़ ख़ान गनेड़ी, भंवरू ख़ान टाक आदि शरीक हुए। आयोजकों ने अतिथियों का माल्यार्पण और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। युवाओं ने यहाँ बढ चढ़ कर रक्तदान शिविर में भाग लिया और 602 यूनिट रक्तदान किया।
सुजानगढ में आयोजित कार्यक्रम में भी रक्तदान शिविर रखा गया था। जिसमें 150 युवाओं ने रक्तदान किया। यहाँ भी मुख्य अतिथि वक्फ बोर्ड चेयरमैन डाॅक्टर खानू खान बुधवाली थे। सुजानगढ़ में कायम खान डे पर रक्तदान शिविर का आयोजन वर्ष 2009 से लगातार पाबन्दी से आयोजित हो रहा है। इस आयोजन में अन्य समुदायों का का भी भरपूर सहयोग रहता है। इस अवसर पर डीवायएसपी इस्लाम खान, एसीपी नाजिम अली खान, डीवायएसपी महमूद खान, सीकर सीएमएचओ अजय चौधरी आदि भी अतिथि के तौर पर शरीक हुए। जिनका नूर मोहम्मद खान पहाड़ियान, शाहिद खान, अब्दुल मजीद धोलिया, इरफान खान, इकबाल खान, शौकत खान, आमिर खान, इमरान दौलतखानी, शाकिर खान बेसवा, श्याम सुन्दर स्वर्णकार, शेर सिंह भाटी, नेमिचन्द प्रजापत, दिलीप सिंह राठौड़, सुरेन्द्र सैनी, नरेंद्र गुर्जर आदि ने स्वागत किया।
भीलवाड़ा में कोरोना योद्धाओं के सम्मान में मेवाड़ इलाके की कायमखानी क़ौम ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया। जिसका उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डाॅक्टर राजन नन्दा, महात्मा गांधी चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्साधिकारी डाॅक्टर अरुण गौड़ और सीएमएचओ डाॅक्टर मुश्ताक खान ने किया। इन तीनों का कायमखानी कौम के विभिन्न पदाधिकारियों ने पगड़ी व शोल पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह सम्मान स्वरूप भेंट कर अभिनन्दन किया।
राजस्थान युवा कायमखानी महासभा भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष इमरान कायमखानी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने 50 यूनिट (लोगों को) ब्लड डोनेट करने की अनुमति दी थी, क्योंकि आज विश्व रक्तदान दिवस भी था, इसलिए मेडिकल स्टाफ अन्य रक्तदान शिविरों में भी व्यस्त था। लेकिन ब्लड डोनेट करने वालों की सूची 105 हो गई और काफी रिक्वेस्ट के बाद मेडिकल टीम ने 62 यूनिट ब्लड डोनेट करवाया। इस रक्तदान शिविर का आयोजन स्थानीय महात्मा गांधी अस्पताल में किया गया।
विशेष बात यह भी रही कि इस रक्तदान शिविर में चित्तौड़गढ़ के मोहम्मद खान कायमखानी ने अधेड़ उम्र में खुद भी रक्तदान किया और उनके तीनों पुत्रों ने भी रक्तदान किया। इनके अलावा भीलवाड़ा के अब्बास अली खान एवं उनकी पत्नी परवीन बानों ने भी कोरोना योद्धाओं के सम्मान में रक्तदान किया। साथ ही अजमेर जिला कायमखानी महासभा के अध्यक्ष सिकन्दर खान अलफखानी ने अजमेर से यहाँ आकर रक्तदान किया। इनके अलावा जिला कायमखानी महासभा के अध्यक्ष सांवत खान बेसकलाई, युवा कायमखानी महासभा के जिलाध्यक्ष इमरान कायमखानी, गुलशेर खान कायमखानी, फय्याज कायमखानी मेघरास आदि ने भी रक्तदान किया। रक्तदान शिविर संचालन में दाई हलिमा ग्रुप के मुकीम खान और फारूक कायमखानी, असलम कायमखानी, इमरान काजी वगैरह का विशेष योगदान रहा। सभी रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह और स्वास्थ विभाग का प्रमाण पत्र भी सम्मान स्वरूप प्रदान किया गया।
रक्तदान के बाद में भीलवाड़ा जिला कायमखानी महासभा के संरक्षक हाजी उस्मान गनी खान, जिलाध्यक्ष सांवत खान बेसकलाई, कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट जयपुर के महासचिव मोहम्मद खान चित्तौड़गढ़, राजस्थान युवा कायमखानी महासभा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष इस्लाम खान मेघरास, युवा जिलाध्यक्ष इमरान कायमखानी आदि ने सीएमएचओ डाॅक्टर मुश्ताक खान कायमखानी के साथ जाकर भीलवाड़ा मॉडल के रचयिता एवं प्रणेता कोरोना योद्धा जिला कलेक्टर राजेन्द्र भट्ट और एसपी हेमेन्द्र महावर का उनके निवास पर जाकर सम्मान किया। सम्मान स्वरूप पगड़ी और शोल पहनाकर उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भी कायमखानी क़ौम की तरफ से भेंट किया।
सीकर जिले के बेसवा गांव में भी रक्तदान का कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह ब्लड डोनेशन कैम्प यहाँ के केयर वेल हॉस्पिटल में आयोजित किया गया। जिसमें 200 से अधिक युवाओं ने ब्लड डोनेट किया। इस ब्लड डोनेशन कैम्प में आईपीएस अरशद अली, सरपंच जरीना खान, समाजसेवी हाजी गुलाम मोहम्मद खान, थानाधिकारी आलोक पूनिया आदि शरीक हुए और उन्होंने रक्तदाताओं की हौसला अफजाई की। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने गांव के कब्रिस्तान की साफ सफाई की और दुआ ए मग्फिरत की।
चूरू जिले के राजगढ़ सादुलपुर कस्बे में भी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 81 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया। इस ब्लड डोनेशन कैम्प में भी सर्व समाज के लोगों की भागीदारी रही। पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, पुलिस उप अधीक्षक रामप्रताप विश्नोई, थानाधिकारी गुर भूपेंद्र सिंह, रिटायर्ड एएसपी नियाज मोहम्मद, पूर्व चेयरमैन जगदीश बैरासरिया, डाॅक्टर रामावतार सोनी, कांग्रेस नेता सतीश पूनिया, पार्षद महेन्द्र दिनोदिया, राहुल पारीक, सयुंक्त व्यापार समिति के अध्यक्ष पवन मोहता, युवा कांग्रेस के नेता सिकन्दर जाटू आदि ने कार्यक्रम में पहुंच कर रक्तदाताओं की हौसला अफजाई की। इस कैम्प में हांसी (हरियाणा) की ब्लड बैंक के डॉक्टर जगदीप की देख रेख में रक्त संग्रहण किया गया।
चूरू जिले के रतननगर कस्बे में भी रक्तदान शिविर आयोजित कर नवाब कायम ख़ान साहब को खिराज ए अकीदत पेश की गई। इस शिविर में 60 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में हिना बानों चेयरमैन नगर पालिका रतननगर, गोविन्द प्रसाद शर्मा पूर्व चेयरमैन नगर पालिका, पूर्व चेयरमैन शकील कुरैशी, इन्द्रचन्द जांगिड़, मुमताज खान, अब्दुल रहमान, अय्यूब खान आदि ने रक्तदाताओं की हौसला अफजाई की। खास बात यह भी रही कि इस दिन यानी 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस भी था और इस अवसर पर इन सभी रक्तदान शिविरों से करीब 1800 यूनिट ब्लड संग्रहण किया गया।
कायम खान डे के अवसर पर चूरू की नंदीशाला भानीनाथ जी के मठ में गायों को गुड़ खिलाया गया और एक पिकअप (गाड़ी) चारे की डलवाई गई l इस अवसर पर कांग्रेस नेता मुश्ताक खान, पार्षद अंजनी शर्मा, अल्पसंख्यक जिला उपाध्यक्ष आजम खान पीथिसर, पार्षद तौफीक खान, एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष महेश ढूकिया, लोहिया काॅलेज के पूर्व महासचिव पुलकित चौधरी, छात्र नेता मोहसिन खान आदि शरीक हुए। उल्लेखनीय है कि नवाब कायम ख़ान साहब खुद गायों का बड़ा सम्मान करते थे और कायमखानी नवाबों ने अपनी रियासतों में बेशुमार गौचर भूमि पशुओं के चरने के लिए छोड़ी थी। जिसमें फतेहपुर और झुन्झुनूं का विशाल बीहड़ (गौचर भूमि) प्रमुख हैं, जो आज भी कायमखानी नवाबों की गायों के प्रति सम्मान के गवाह हैं।
झुन्झुनूं जिला कायमखानी महासभा के अध्यक्ष उम्मेद खान गिडानिया के मुताबिक जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों में दुआ ए मग्फिरत के प्रोग्राम आयोजित किए गए। जिनमें गिडानिया, किडवाना, नूआं, भीमसर, धनूरी, सिरियासर, हमीर खां का बास, बड़ाऊ, कंकड़ेऊ, जाबसर, भारू, पिलानी, झांझौत आदि प्रमुख हैं। जिले का मुख्य प्रोग्राम कायमखानी छात्रावास खेतड़ी महल झुंझनूं में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कोरोना महामारी से बचने के लिए मास्क व सैनिटाइजर का वितरण किया गया और दुआ ए मग्फिरत की गई। इस अवसर पर हॉस्टल इंचार्ज इरशाद खान, पूर्व सभापति खालिद हुसैन, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के पूर्व जिलाध्यक्ष असगर खान पहाड़ान, पंचायत समिति के पूर्व सदस्य मुबारक खान, शमशाद खान सीरियासर आदि शरीक हुए।
इनके अलावा नेछवा, लक्ष्मणगढ़, जसवंतगढ़, निमोद, डीडवाना आदि में भी दुआ ए मग्फिरत का प्रोग्राम हुआ। जयपुर में कायम एज्यूकेशनल फाउंडेशन के परिसर में अब्दुल हकीम खान एवं अन्य ने वृक्षारोपण कर कायम खान डे मनाया। इसी तरह झोटवाड़ा के अन्दर कप्तान लियाकत खान ने स्थानीय युवाओं के साथ वृक्षारोपण किया। सीकर में कायमखानी हाॅस्टल में कायम खान डे मनाया गया और खुशी की बात यह हुई कि हाॅस्टल की नई बिल्डिंग की संग ए बुनियाद भी इस मौके पर रखी गई।
इस संग ए बुनियाद कार्यक्रम में कामरेड उस्मान खान पूर्व प्रधान कासली, उम्मेद खान पूर्व सरपंच किरड़ोली, रिसालदार मेजर याकूब खान किरड़ोली, नसरू खान सरपंच सिंगरावट, सीआई अब्बास खान, अय्यूब खान बेसवा, नियाज़ खान जाजोद, फतेहपुर के वाइस चेयरमैन शोयब खान, तौफीक खान बेसवा, एडवोकेट इमरान खान बेसवा, पूर्व सरपंच मुनीम खान बेसवा, यूसुफ खान पीटीआई, गन्नी खान प्रिंसिपल, शब्बीर खान, कामरेड आबिद हुसैन, फ़ारूक़ खान सरपंच कासली, हाजी कासम खान कासली, रिसलदार मेजर मजीद खान कासली, छात्रावास अधीक्षक नूर मोहम्मद खान आदि शरीक हुए।
कौन थे नवाब कायम ख़ान साहब और कौन है कायमखानी क़ौम ?
-------------------------------------------
कायमखानी क़ौम के प्रथम पुरुष वली सिफ्त इन्सान नवाब कायम ख़ान साहब तत्कालीन हिसार हांसी रियासत के नवाब और बादशाह फिरोज शाह तुगलक साहब के प्रधान वजीर (प्रधानमंत्री) और सेनापति थे। दादा साहेब नवाब कायम ख़ान साहब हांसी पीर साहब (ख़ानक़ाह चार कुतुब) के मुरीद थे। उन पर हिसार रियासत के तत्कालीन गवर्नर सय्यद नासिर शाह साहब की खास मेहरबानी थी। सय्यद नासिर शाह साहब ने उनको अपने बच्चे की तरह रखा और परवरिश की और फिर खुद की रियासत हिसार भी उन्हीं को सौंप दी थी।
सय्यद नासिर शाह साहब बहुत बड़ी बुजुर्ग और वली सिफ्त शख्सियत के मालिक थे और वे दादा कायम खान साहब से बेहद मुहब्बत करते थे। उन्हीं की सरपरस्ती और तरबीयत में नौजवान कर्म सिंह उर्फ कर्म चन्द चौहान (पुत्र मोटे राव जी चौहान शासक ददरेवा रियासत तथा वंशज प्रतापी राजा पृथ्वीराज जी चौहान और गोगा जी चौहान) ने इस्लाम क़ुबूल किया था। इनके साथ दो भाइयों नवाब जैनुद्दीन खान साहब और नवाब जबरूद्दीन खान साहब ने भी इस्लाम क़ुबूल किया था। नवाब कायम ख़ान साहब के नाम पर कायमखानी क़ौम की उत्पत्ति हुई है और इन तीनों भाइयों की औलाद को कायमखानी कहा जाता है।
कायमखानी क़ौम पर सय्यद नासिर शाह साहब का बहुत बड़ा एहसान और करम है, इसलिए जब भी कायमखानी क़ौम नवाब कायम ख़ान साहब को याद करती है, तो सय्यद नासिर शाह साहब को भी उसी अदबो एहतराम के साथ याद करती है। जिस अदबो एहतराम से नवाब कायम ख़ान साहब ने सय्यद खानदान (पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की औलाद) का अदबो एहतराम करना अपने भाइयों व औलाद को सिखाया था।
एक वक्त ऐसा भी आया था, जब दहली (दिल्ली) सलतनत पूरी तरह से अस्थिर हो गई थी और देश की केन्द्रीय सत्ता व्यवस्था बिखर गई थी, तब दहली सलतनत के सभी दरबारियों और रजवाड़ों ने नवाब कायम ख़ान साहब को शहंशाह ए हिन्द (भारत का केन्द्रीय शासक) बनाने का ऑफर किया, लेकिन यह ऑफर उन्होंने देश की एकता व अखंडता के लिए ठुकरा दिया था।
नवाब कायम ख़ान साहब, नवाब जैनुद्दीन खान साहब और नवाब जबरूद्दीन खान साहब इन तीनों भाइयों के खानदान में कई नवाब और रजवाड़े हुए हैं। जिन्होंने विभिन्न रियासतों और इलाकों जैसे हिसार, फतेहाबाद, रेवाड़ी, चरखी दादरी, झुन्झुनूं, फतेहपुर, केड, डोसी, बड़वासी, सत्तावनी (डीडवाना इलाका) आदि पर शासन किया है। नवाब कायम ख़ान साहब के शहादत दिवस 14 जून को कायमखानी क़ौम कायम खान डे के तौर पर हर साल मनाती है।
कायमखानी क़ौम के 200 से अधिक वीर सैनिक विभिन्न युद्धों और सैन्य ऑपरेशनों में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो चुके हैं। छह कायमखानी सैनिकों को भारत सरकार ने वीर चक्र और दो को शौर्य चक्र जैसे सैन्य सम्मान से सम्मानित भी किया है। कई कायमखानी सैनिकों को अन्य सैन्य मेडल भी मिले हैं। जहाँ तक शहीद सैनिकों और वीर चक्र प्राप्त सैनिकों की बात की जाए, तो कायमखानी क़ौम के सैनिक अपनी आबादी के औसत से अधिक संख्या में शहीद हुए हैं और अन्य क़ौमों के औसत से अधिक कायमखानी क़ौम के पास वीर चक्र हैं। कायमखानी क़ौम गंगा जमुनी तहजीब की पैरोकार, ईमानदार, वफादार और वतन प्रेमी मानी जाती है। (15-06-2020)
©️ Copyright :- इस सम्पूर्ण लेख को या इसके किसी पैराग्राफ़ को हुबहू या तोड़ मरोड़ कर प्रकाशित करना मना है। अलबत्ता आप चाहें तो लेखक के नाम के साथ इस सम्पूर्ण लेख को सोशल मीडिया पर शेयर जरूर कर सकते हैं।
-------------------------------------------------
-@-एम फारूक़ ख़ान सम्पादक इकरा पत्रिका।
09602992087, 09414361522
©️ Copyright Thar News & Ikra Patrika.
All Rights Reserved.






























कायमखानी कॉम के जांबाज रहनुमा सदर आली जनाब कर्नल शौकत खान जी साहब की रहनुमाई में देश विदेश के बहुत से शहरों में दादा नवाब कायम खान जी की शहादत पर खीराजे अकीदत पेश किया गया कई स्थानों पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए गए पेड़ लगाए गए स्कूल व छात्रों के लिए हॉस्टल निर्माण की नींव रखी गई जानवरों को चारा खिलाया गया वह कई तरह के सामाजिक सार्वजनिक कार्य की शुरुआत की गई उसके लिए जनाब कर्नल शौकत साहब को व उनकी टीम को बहुत-बहुत मुबारकबाद यह काम उनके रहनुमाई में इस बार बहुत ही जोर शोर से किया गया
ReplyDelete