कायमखानी जाति के नाम पर बने फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को निरस्त करने एवं भविष्य में इस फर्जीवाड़े को रोकने की मांग के सन्दर्भ में
➡️06 जुलाई 2020 को लिखा गया संशोधित दूसरा पत्र
कायमखानी जाति के नाम पर बने फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को निरस्त करने एवं भविष्य में इस फर्जीवाड़े को रोकने की मांग के सन्दर्भ में
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सेवा में,
श्रीमान जिला कलेक्टर साहब / पुलिस कमिश्नर साहब / पुलिस अधीक्षक साहब / एसडीएम साहब / तहसीलदार साहब
समस्त जिला कलेक्टर कार्यालय, पुलिस कमिश्नर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, उप खण्ड कार्यालय और तहसील कार्यालय (राजस्थान)।
विषय:- कायमखानी जाति के नाम पर आपके क्षेत्र में जारी फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच कर उन्हें निरस्त करने एवं भविष्य में इस फर्जीवाड़े को रोकने की मांग के सन्दर्भ में।
महोदय, आपको यह जरूर मालूम होगा कि कायमखानी जाति शौर्य, साहस, वफादारी और वतन प्रेमी के नाम से जानी जाती है। कायमखानी जाति (कायमखानी क़ौम) की भारतीय सेना में कुछ कम्पनियां भी हैं। विभिन्न युद्धों और सैन्य ऑपरेशनों में 200 से अधिक कायमखानी वीर सैनिक देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। छह कायमखानी वीर सैनिकों को वीर चक्र और दो को शौर्य चक्र जैसे सैन्य सम्मान से सम्मानित किया गया है। काफी कायमखानी सैनिकों को अन्य सैन्य अवार्ड भी दिए गए हैं। कायमखानी शहीद सैनिकों के नाम जयपुर के शहीद स्मारक, इंडिया गेट और वाॅर मेमोरियल दिल्ली में दर्ज हैं। इसके अलावा कायमखानी जाति राजस्थान में ओबीसी लिस्ट में है, यानी ओबीसी आरक्षण मिला हुआ है।
इसलिए महोदय काफी लोगों ने कायमखानी जाति के नाम से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा रखे हैं, जिसका वे सेना और ओबीसी कोटे की सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए उपयोग कर रहे हैं या किया है। फर्जी कायमखानियों से कायमखानी जाति के ऐतिहासिक सम्मान को ठेस पहुंच रही है और सरकारी सेवाओं में कायमखानी के नाम पर दूसरा व्यक्ति अवैध तरीके से अपनी जगह बना रहा है।
महोदय कायमखानी क़ौम (जाति) की उत्पत्ति नवाब कायम ख़ान साहब के नाम पर हुई है, जो तत्कालीन हिसार हांसी रियासत के नवाब (शासक) थे। वे ददरेवा (चूरू) के राजा मोटे राव जी चौहान के पुत्र थे और अपने दो भाइयों (नवाब जैनुद्दीन खान साहब और नवाब जबरूद्दीन खान साहब) के साथ उन्होंने इस्लाम धर्म ग्रहण किया था। इन तीनों भाइयों की औलाद को कायमखानी कहा जाता है और इन तीनों की औलाद के अलावा जो भी कायमखानी बना हुआ है, वो फर्जी तरीके से कायमखानी बना हुआ है।
इसलिए श्रीमान जी से निवेदन है कि अपने जिले/उप खण्ड/तहसील आदि में बने हुए समस्त कायमखानी जाति प्रमाण पत्रों की जांच करवाएं और जो तीन भाइयों की औलाद में से नहीं है, उसके प्रमाण पत्र को निरस्त करने की कृपा करें तथा भविष्य में यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति कायमखानी जाति के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र नहीं बनवा सके। इसके लिए मेरे तीन सुझाव निम्न हैं :-
(1) यह है कि कायमखानी जाति प्रमाण पत्र जारी करने से पहले आवेदन पत्र के साथ एक शपथ पत्र लें, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख हो कि आवेदक तीन भाइयों (नवाब कायम ख़ान साहब, नवाब जैनुद्दीन खान साहब और नवाब जबरूद्दीन खान साहब) में से किस की औलाद है और उसकी गौत्र (उप जाति) क्या है ?
(2) यह है कि कायमखानी जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले आवेदन के साथ कुछ जगह सम्बंधित जाति के संगठन/संस्था का जो पत्र लगाया जाता है, उसे नहीं लगवाएं। क्योंकि खबर है कि कायमखानी जाति के नाम पर कुछ लोगों ने फर्जी संगठन बना रखे हैं और वो स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर इस फर्जीवाड़े को अन्जाम दे रहे हैं।
(3) यह है कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दो सरकारी कर्मचारी, पटवारी, ग्राम सेवक/ग्राम विकास अधिकारी, सरपंच, पार्षद आदि की जो रिपोर्ट होती है, उसकी गम्भीरता से जांच करवाने के बाद ही कायमखानी जाति प्रमाण पत्र जारी करें, क्योंकि इसमें भी कुछ जगह फर्जीवाड़ा होने या हो रहा है की खबर है।
महोदय मुझे पूरी आशा एवं विश्वास है कि आप जैसा कर्मठ और विद्वान अधिकारी मेरे इस पत्र को पूरी गम्भीरता से लेगा तथा कायमखानी जाति के नाम पर बन रहे फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को रोकेगा और पूर्व में बने हुए ऐसे समस्त फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त करेगा एवं दोषियों के खिलाफ़ उचित कार्रवाई करेगा। महोदय आपसे यह भी निवेदन है कि आपके क्षेत्राधिकार में पूर्व में जारी फर्जी प्रमाण पत्र धारक और बनाने वालों के ख़िलाफ़ सख्त क़ानूनी कार्रवाई करवाने के आदेश फ़रमा कर कायमखानी क़ौम को अनुगृहीत कराएं।
भवदीय
एम फारूक़ ख़ान
(फारूक अली खान)
आजीवन सदस्य
राजस्थान कायमखानी महासभा
एवं सम्पादक इकरा पत्रिका।
(115, धन्नादास की बगीची, आदर्श नगर, जयपुर, राजस्थान)
09602992087, 09414361522
iqrapatrika@gmail.com
(दिनांक:- 06 जुलाई 2020)
(संशोधित पत्र)
आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि प्रेषित:-
(1) श्रीमान राज्यपाल महोदय
(2) श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय
(3) श्रीमान मन्त्री महोदय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
(4) श्रीमान मुख्य सचिव साहब
(5) श्रीमान एसीएस साहब गृह विभाग
(6) श्रीमान डीजीपी साहब
(7) श्रीमान प्रमुख शासन सचिव साहब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
(8) श्रीमान एडिशनल डीजीपी साहब (अपराध)
(9) श्रीमान आईजी साहब समस्त पुलिस रेंज
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➡️04 जुलाई 2020 को लिखा गया प्रथम पत्र
कायमखानी जाति के नाम पर बने फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को निरस्त करने एवं भविष्य में इस फर्जीवाड़े को रोकने की मांग के सन्दर्भ में
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सेवा में,
श्रीमान जिला कलेक्टर साहब / एसडीएम साहब / तहसीलदार साहब
समस्त जिला कार्यालय, उप खण्ड कार्यालय और तहसील कार्यालय (राजस्थान)।
विषय:- कायमखानी जाति के नाम पर आपके क्षेत्र में जारी फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच कर उन्हें निरस्त करने एवं भविष्य में इस फर्जीवाड़े को रोकने की मांग के सन्दर्भ में।
महोदय, आपको यह जरूर मालूम होगा कि कायमखानी जाति शौर्य, साहस, वफादारी और वतन प्रेमी के नाम से जानी जाती है। कायमखानी जाति (कायमखानी क़ौम) की भारतीय सेना में कुछ कम्पनियां भी हैं। विभिन्न युद्धों और सैन्य ऑपरेशनों में 200 से अधिक कायमखानी वीर सैनिक देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। छह कायमखानी वीर सैनिकों को वीर चक्र और दो को शौर्य चक्र जैसे सैन्य सम्मान से सम्मानित किया गया है। काफी कायमखानी सैनिकों को अन्य सैन्य अवार्ड भी दिए गए हैं। कायमखानी शहीद सैनिकों के नाम जयपुर के शहीद स्मारक, इंडिया गेट और वाॅर मेमोरियल दिल्ली में दर्ज हैं। इसके अलावा कायमखानी जाति राजस्थान में ओबीसी लिस्ट में है, यानी ओबीसी आरक्षण मिला हुआ है।
इसलिए महोदय काफी लोगों ने कायमखानी जाति के नाम से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा रखे हैं, जिसका वे सेना और ओबीसी कोटे की सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए उपयोग कर रहे हैं या किया है। फर्जी कायमखानियों से कायमखानी जाति के ऐतिहासिक सम्मान को ठेस पहुंच रही है और सरकारी सेवाओं में कायमखानी के नाम पर दूसरा व्यक्ति अवैध तरीके से अपनी जगह बना रहा है।
महोदय कायमखानी क़ौम (जाति) की उत्पत्ति नवाब कायम ख़ान साहब के नाम पर हुई है, जो तत्कालीन हिसार हांसी रियासत के नवाब (शासक) थे। वे ददरेवा (चूरू) के राजा मोटे राव जी चौहान के पुत्र थे और अपने दो भाइयों (नवाब जैनुद्दीन खान साहब और नवाब जबरूद्दीन खान साहब) के साथ उन्होंने इस्लाम धर्म ग्रहण किया था। इन तीनों भाइयों की औलाद को कायमखानी कहा जाता है और इन तीनों की औलाद के अलावा जो भी कायमखानी बना हुआ है, वो फर्जी तरीके से कायमखानी बना हुआ है।
इसलिए श्रीमान जी से निवेदन है कि अपने जिले/उप खण्ड/तहसील आदि में बने हुए समस्त कायमखानी जाति प्रमाण पत्रों की जांच करवाएं और जो तीन भाइयों की औलाद में से नहीं है, उसके प्रमाण पत्र को निरस्त करने की कृपा करें तथा भविष्य में यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति कायमखानी जाति के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र नहीं बनवा सके। इसके लिए मेरे तीन सुझाव निम्न हैं :-
(1) यह है कि कायमखानी जाति प्रमाण पत्र जारी करने से पहले आवेदन पत्र के साथ एक शपथ पत्र लें, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख हो कि आवेदक तीन भाइयों (नवाब कायम ख़ान साहब, नवाब जैनुद्दीन खान साहब और नवाब जबरूद्दीन खान साहब) में से किस की औलाद है और उसकी गौत्र (उप जाति) क्या है ?
(2) यह है कि कायमखानी जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले आवेदन के साथ कुछ जगह सम्बंधित जाति के संगठन/संस्था का जो पत्र लगाया जाता है, उसे नहीं लगवाएं। क्योंकि खबर है कि कायमखानी जाति के नाम पर कुछ लोगों ने फर्जी संगठन बना रखे हैं और वो स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर इस फर्जीवाड़े को अन्जाम दे रहे हैं।
(3) यह है कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दो सरकारी कर्मचारी, पटवारी, ग्राम सेवक/ग्राम विकास अधिकारी, सरपंच, पार्षद आदि की जो रिपोर्ट होती है, उसकी गम्भीरता से जांच करवाने के बाद ही कायमखानी जाति प्रमाण पत्र जारी करें, क्योंकि इसमें भी कुछ जगह फर्जीवाड़ा होने या हो रहा है की खबर है।
महोदय मुझे पूरी आशा एवं विश्वास है कि आप जैसा कर्मठ और विद्वान अधिकारी मेरे इस पत्र को पूरी गम्भीरता से लेगा तथा कायमखानी जाति के नाम पर बन रहे फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को रोकेगा और पूर्व में बने हुए ऐसे समस्त फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त करेगा एवं दोषियों के खिलाफ़ उचित कार्रवाई करेगा।
भवदीय
एम फारूक़ ख़ान
(फारूक अली खान)
आजीवन सदस्य
राजस्थान कायमखानी महासभा
एवं सम्पादक इकरा पत्रिका।
(115, धन्नादास की बगीची, आदर्श नगर, जयपुर, राजस्थान)
09602992087, 09414361522
iqrapatrika@gmail.com
(दिनांक:- 04 जुलाई 2020)
आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि प्रेषित:-
(1) श्रीमान राज्यपाल महोदय
(2) श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय
(3) श्रीमान मुख्य सचिव साहब
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नोट:- आप चाहें तो इस पत्र को अपने खुद के नाम से भी जिला कलेक्टर, उप खण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, ग्राम सेवक, सरपंच, पार्षद, विधायक, सांसद, मन्त्री और मुख्यमंत्री आदि को हार्ड काॅपी, ई-मेल, वाट्सएप आदि से भेज सकते हैं।
(04 जुलाई 2020)
-@-एम फारूक़ ख़ान
(फारूक अली खान)
आजीवन सदस्य
राजस्थान कायमखानी महासभा
एवं सम्पादक इकरा पत्रिका।
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