जी खान साहब के लिए भीलवाड़ा में आयोजित हुआ दुआ ए मग्फिरत प्रोग्राम

जी खान साहब के लिए भीलवाड़ा में आयोजित हुआ दुआ ए मग्फिरत प्रोग्राम
-------------------------------------------------
मेघरास के करबला मैदान में उनकी याद में किया पौधा रोपण 
********************************
भीलवाड़ा (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। भीलवाड़ा जिले के मेघरास गांव में पूर्व प्रधान इस्लाम खान कायमखानी के फार्म हाउस में मरहूम जी खान साहब के लिए दुआ ए मग्फिरत का प्रोग्राम आयोजित किया गया। यह प्रोग्राम राजस्थान कायमखानी महासभा जिला भीलवाड़ा की तरफ से 4 सितम्बर को आयोजित किया गया। जी खान साहब राजस्थान कायमखानी महासभा के संयोजक रहे हैं और राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य भी रहे हैं। जिनका एक सितम्बर को इन्तकाल हो गया था।


दुआ ए मग्फिरत प्रोग्राम का मंच संचालन मौलाना मुमताज शाहपुरा ने किया और दुआ मेघरास गांव के इमाम कारी मुजम्मिल हुसैन ने करवाई। जी खान साहब की शख्सियत और काबिलियत पर मुख्य वक्ता के तौर इकरा पत्रिका के सम्पादक एम फारूक़ ख़ान ने उनका जिक्र किया। उन्होंने शहीद सीआई फूल मोहम्मद साहब को इन्साफ दिलवाने के लिए जी खान साहब की कयादत में निकाली गई न्याय यात्रा और दूसरे दौरों की यादों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जी खान साहब को खुदा ने बड़ी खूबियों का मालिक बनाया था और कायमखानी क़ौम के पास आज जी खान साहब का कोई बदल नहीं है।



राजस्थान कायमखानी महासभा के पूर्व युवा प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान इस्लाम खान कायमखानी ने जी खान साहब को याद करते हुए कहा कि भीलवाड़ा के इलाके से उनका खास लगाव था और वे अपने विरोधी को भी अपना बनाने का हुनर जानते थे। कोई उन्हें कितना भी भला बुरा कहे, लेकिन वे हंस कर टाल देते थे, आज क़ौम में जी खान साहब जैसा कोई दूसरा नजर नहीं आता है।


युवा कायमखानी महासभा भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष इमरान कायमखानी ने अपने सम्बोधन में कहा कि कायमखानी क़ौम को ओबीसी आरक्षण मिला था, वो जी खान साहब की देन थी। जी खान साहब ने रिटायर्ड होने के बाद 22 साल लगातार क़ौम की खिदमत की और हर छोटे बड़े का उन्होंने पूरा मान सम्मान किया। अधिकारी तो कौम में और भी हुए हैं और आज भी हैं, लेकिन जी खान साहब जैसी खिदमत किसी ने नहीं की।


सीएमएचओ भीलवाड़ा डाॅक्टर मुश्ताक खान, महबूब खान, शौकत खान भीमपुरा आदि ने भी जी खान साहब की यादों को अपने सम्बोधन में बयान किया। इस दुआ ए मग्फिरत में आस पास के सभी गांवों से मोअज्जिज कायमखानी सरदार शरीक हुए। जिनमें मुख्यतः कायमखानी महासभा भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष सांवत खान बेसकलाई, चिराग खान लाम्बिया, वारस अली खान, पन्ने खान, भंवर खान पूर्व चेयरमैन सीसीबी, याकूब खान पूर्व सरपंच मेघरास, मोहम्मद खान चित्तौड़गढ़ महासचिव कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट, हाजी शकरू खान मेघरास की मौजूदगी रही।


इनके अलावा सिराजुद्दीन खान पीटीआई बिजयनगर, जीवन खान गोरा का खेड़ा, मोहम्मद हुसैन खान गुलाबपुरा, शेर अली खान कायमपुरा, इस्हाक खान पार्षद शाहपुरा, जोरावर खान पार्षद शाहपुरा, मुश्ताक खान ठेकेदार भीलवाड़ा, गौरू खान निम्बाहेड़ा, नाहर खान निम्बाहेड़ा, इक़बाल खान पूर्व पार्षद, मुमताज खान पूर्व उप सरपंच भीमपुरा, याकूब खान, महमूद खान, अली शेर खान, गुलशेर खान, जमील खान, इकबाल खान, मुमताज खान, फारूक़ उर्फ मोनू, इरफान सोनू (डॉक्टर), इस्लाम खान, समीर खान, हुसैन खान, रमजान खान, ताज खान, आसिफ गोरु, शाहरुख खान रायला भी दुआ के इस प्रोग्राम में शरीक हुए।


दुआ ए मग्फिरत प्रोग्राम के बाद गांव के करबला मैदान में जी खान साहब की याद में पौधा रोपण कार्यक्रम भी किया गया। जहाँ उपस्थित युवाओं और बुजुर्गों ने करबला मैदान पहुंच कर जी खान साहब की याद में पौधे लगाए। (05-09-2020)
--------------------------------------------------
➡️अगर आपको हमारा यह लेख/खबर पसंद आया हो, तो प्लीज इसे शेयर/फॉरवर्ड कीजिए और साथ ही हमारे अखबार की आर्थिक मदद भी कीजिए। 
अकाउंट डिटेल्स:- इकरा पत्रिका
A/c no. 613900 55000 00252 
IKRA PATRIKA 
IFSC:- PUNB 0613900
PNB, MUSLIM SR. SEC. SCHOOL, MOTI DUNGARI ROAD, JAIPUR. 
***************************

©️ Copyright :- इस सम्पूर्ण लेख/खबर को या इसके किसी पैराग्राफ़ को हुबहू या तोड़ मरोड़ कर प्रकाशित करना मना है। अलबत्ता आप चाहें तो लेखक और हमारे अखबार के नाम के साथ इस सम्पूर्ण लेख/खबर को सोशल मीडिया पर शेयर जरूर कर सकते हैं।
-------------------------------------------------
-@-एम फारूक़ ख़ान सम्पादक इकरा पत्रिका।
09602992087, 09414361522

©️ Copyright Thar News & Ikra Patrika.
All Rights Reserved.

Comments

Popular posts from this blog

झुंझुनूं में रीटा चौधरी को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाने पर जबरदस्त रोष

चित्तौड़गढ़ अन्जुमन स्कूल में किया मुस्लिम शिक्षकों का सम्मान

कुरैशी समाज की नो दहेज, नो गार्डन, नो डिनर मुहिम के तहत सादगी से हुई शादी