जयपुर में आयोजित हुई जी खान साहब के लिए दुआ ए मग्फिरत

जयपुर में आयोजित हुई जी खान साहब के लिए दुआ ए मग्फिरत
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राजस्थान कायमखानी महासभा और कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम 
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जयपुर (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। जयपुर के हथरोई फोर्ट क्षेत्र स्थित कायमखानी गेस्ट हाउस में 6 सितम्बर को दुआ ए मग्फिरत कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह दुआ ए मग्फिरत कार्यक्रम मरहूम जी खान साहब (पूर्व संयोजक राजस्थान कायमखानी महासभा) के लिए आयोजित किया गया। राजस्थान कायमखानी महासभा और कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए यह दुआ ए मग्फिरत कार्यक्रम आयोजित किया गया।


दुआ ए मग्फिरत कार्यक्रम में जयपुर शहर मुफ्ती जाकिर साहब, जयपुर जामा मस्जिद कमेटी के पूर्व सचिव अनवर शाह और दीगर उलमा ने मरहूम जी खान साहब के लिए दुआ और फातिहाख्वानी की। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अनवर शाह ने जी खान साहब की यादों को भावुकता से याद किया और उन्हें कायमखानी क़ौम का बाबा ए क़ौम बताते हुए कहा कि क़ौम को हर मैदान में आगे बढाने और जी खान साहब के सपनों को पूरा करने के लिए सभी को एकजुटता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन्सानों में इख्तिलाफ और वैचारिक मतभेद होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इनसे क़ौम के काम और इदारे मुतासिर (प्रभावित) नहीं होने चाहिए।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और राजस्थान कायमखानी महासभा के पूर्व अध्यक्ष डाॅक्टर खानू खान बुधवाली ने कहा कि मेरे और जी खान साहब के कई मुद्दों पर वैचारिक मतभेद थे, लेकिन वे हमारे बुजुर्ग थे और एक काबिल शख्सियत के धनी थे। आज मैं जो कुछ हूँ और यहाँ तक पहुंचा हूँ उसमें जी खान साहब का बहुत बड़ा योगदान है, अगर वे नहीं होते तो प्रतिद्वंद्विता नहीं होती और प्रतिद्वंद्विता नहीं होती तो हो सकता है मैं यहाँ तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि अगर मुझसे कोई गलती हुई है तो मैं जी खान साहब के पूरे परिवार और पूरी क़ौम से माफी चाहता हूँ। बुधवाली के सम्बोधन की उपस्थित कायमखानी सरदारों ने काफी प्रशंसा की और लोगों की आंखें भर आईं। लोगों ने कहा कि यह खानू खान का बहुत बड़ा बड़प्पन है कि वे ऐसी बात कह रहे हैं, क्योंकि माफी मांगने वाला बहुत बड़ा होता है, उन्होंने जी खान साहब को आज बेहतरीन लफ्जों में खिराज ए अकीदत पेश की है। 

कार्यक्रम को जी खान साहब के दामाद आईपीएस अरशद अली ने सम्बोधित करते हुए कहा कि वे मेरे वालिद की तरह थे और संकट की घड़ी में जिस तरह उन्होंने मेरा व मेरे अन्य साथियों का साथ दिया, वैसा दूसरा कोई नहीं दे सकता। वे कभी किसी को भूलते नहीं थे और सभी को दिल से चाहते थे और अपने साथ किए हर एहसान को वे हमेशा याद रखते थे। उन्होंने जहाँ भी सर्विस की एक छाप छोड़ी और उनको उस जगह या उनके साथ काम करने वाले आज भी याद करते हैं। उनके इन्तकाल पर मेरे पास कई सन्देश और फोन आए जिसमें लोगों ने उनकी तारीफ़ में ऐसी बातें बयान की हैं, जो हमारे लिए और पूरी क़ौम के लिए फख्र की बात है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व मन्त्री यूनुस खान भावुक हो गए और उन्होंने जी खान साहब को याद करते हुए कहा कि वे मेरे बाप जैसे थे और मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा, उनके जैसा प्रशासनिक काम और हर चीज़ लिखित में करने वाला क़ौम में शायद ही कोई दूसरा है। उन्होंने कायमखानी ओबीसी आरक्षण आन्दोलन में जी खान साहब के साथ किए विभिन्न दौरों का जिक्र किया और कायमखानी गेस्ट हाउस जयपुर और नवाब कायम खान स्मारक ददरेवा को जी खान साहब की देन बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान कायमखानी महासभा के संयोजक कर्नल शौकत खान ने की। उन्होंने जी खान साहब की खासियत व काबिलियत का जिक्र करते हुए क़ौम में एकजुटता और कौम को आगे बढाने की बात कही। उन्होंने कहा कि क़ौम को अपने पुरखों को याद करना चाहिए, क्योंकि पुरखे क़ौम की धरोहर होते हैं। कार्यक्रम को जीवण खान सभापति नगर परिषद् सीकर, डाॅक्टर निजाम मोहम्मद खानजादा पूर्व चेयरमैन राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग, अब्दुल लतीफ़ आरको अध्यक्ष मन्सूरी पंचायत राजस्थान, इस्लाम खान मेघरास पूर्व प्रधान बनेड़ा, महमूद खान डीवायएसपी, भंवर खान पूर्व पार्षद भादरा, लेखक व कवि एस डी जोया, शब्बीर हुसैन खान पूर्व महासचिव पीसीसी राजस्थान, वक्फ बोर्ड मेम्बर शौकत कुरैशी आदि ने भी सम्बोधित किया।

कार्यक्रम में मोहम्मद खान चित्तौड़गढ़ महासचिव कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट जयपुर, फारूक़ ख़ान गनेड़ी, एडवोकेट सरवर खान, आरएएस जमील कुरैशी, इमरान कायमखानी जिलाध्यक्ष युवा कायमखानी महासभा भीलवाड़ा, याकूब खान हसनपुरा, सुलतान खान हसनपुरा, उम्मेद खान गिडानिया जिलाध्यक्ष कायमखानी महासभा झुन्झुनूं, कप्तान लियाकत खान धनूरी, इकरा पत्रिका के सम्पादक एम फारूक़ ख़ान, इस्लाम खान जिला मन्त्री भाजपा सीकर, एजाज खान रोलसाबसर, हुसैन खान हसनपुरा, उर्दू शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमीन कायमखानी, कायमखानी महासभा भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष सांवत खान बेसकलाई, फूले खान हाथीखानी लाडनूं, पत्रकार नासिर नाज लोसल, महबूब खान पूर्व पार्षद भादरा, मुकारब खान, अनवार खान कायमसर आदि मोअज्जिज लोग शरीक हुए।

कार्यक्रम के आखिर में जी खान साहब के बड़े साहबजादे असलम खान सीटीओ ने कहा कि हम आप सबके शुक्रगुजार हैं कि आपने हमारे वालिद साहब को याद किया और उनके लिए दुआ ए मग्फिरत की। हम उनके मुकाबले तो कुछ नहीं हैं, लेकिन जी खान साहब के घर के दरवाजे हर पल आपके लिए खुले हुए हैं और जब भी आप आएंगे तो हम बिना चप्पल पहने आपके इस्तकबाल में हाज़िर मिलेंगे। इसलिए हमें और हमारे घर को भूलें नहीं। (07-09-2020)
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