जयपुर नगर निगम चुनाव में जात-बिरादरी की औछी मानसिकता का सहारा लेते खुदगर्ज़ लोग !
जयपुर नगर निगम चुनाव में जात-बिरादरी की औछी मानसिकता का सहारा लेते खुदगर्ज़ लोग !
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यह मुद्दा वैसे तो सभी इलाकों व क़ौमों का है, लेकिन सबसे हैरानी की बात मुस्लिम क़ौम को लेकर है, जहाँ एक तरफ इत्तेहाद की बात होती है, वहीं दूसरी तरफ यह खतरनाक जहर फैलाने वाले भी मौजूद हैं और उन्हें कोई खरी-खौटी सुनाने वाला भी नहीं है।
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यह मुद्दा वैसे तो सभी इलाकों व क़ौमों का है, लेकिन सबसे हैरानी की बात मुस्लिम क़ौम को लेकर है, जहाँ एक तरफ इत्तेहाद की बात होती है, वहीं दूसरी तरफ यह खतरनाक जहर फैलाने वाले भी मौजूद हैं और उन्हें कोई खरी-खौटी सुनाने वाला भी नहीं है।
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जयपुर (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। राजस्थान के छह नगर निगमों में से तीन के चुनाव 29 अक्टूबर को हो चुके हैं और शेष तीन के एक नवम्बर को होंगे। लेकिन इन चुनावों में पार्षद बनने और प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ खिलाने के लिए जिस तरह जात-बिरादरी की औछी राजनीति हुई है या हो रही है, वो बेहद शर्मनाक है। ऐसी घिनौनी सियासत के ध्वजवाहक जो अन्दरखाने इस जहर को फैला रहे हैं या उन्होंने फैलाया है, उनमें बहुतों ने ओपन में कहीं समाजसेवी का मुखौटा ओढ रखा है, तो कहीं सुधारवादी व बुद्धिजीवी का। लेकिन हकीकत यह है कि यह लोग सिर्फ फितनेबाज और खुदगर्ज़ हैं, जो खानदान, कबिले, जात, बिरादरी, गौत्र वगैरह के नाम पर सिर्फ अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं।
वैसे तो यह बीमारी कमोबेश हर इलाके और क़ौम में मौजूद है। लेकिन मुस्लिम क़ौम में पैदा हुई इस बीमारी को देखकर हैरानी होती है। जहाँ एक तरफ इत्तेहाद और इत्तेफाक की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ यह खतरनाक जहर फैलाने वाले भी मौजूद हैं और उन्हें कोई खरी-खौटी सुनाने वाला भी नहीं है, जो उन्हें फटकार लगाकर खामोश कर दे। यह उम्मीदवार फलां जात-बिरादरी का है और फलां पार्टी ने फलां जाति-गौत्र वाले को टिकट दिया है। फलां को वोट देकर फलां को जीताया जा सकता है और फलां को वोट देकर फलां को हराया जा सकता है। फलां पार्टी के उम्मीदवार के सामने फलां जाति वाले को निर्दलीय उम्मीदवार बनाया जाए, ताकि अपने वाला आसानी से जीत जाए। ऐसी सोच एक खतरनाक बीमारी है, जो सभ्य समाज की पहचान व स्थापना के लिए बेहद नुकसानदेह है।
सियासत में यह खेल छोटे और बड़े अधिकतर नेता करते हैं। लेकिन यही खेल वो लोग करने लग जाएं, जो क़ौम की रहनुमाई का दम भरते हैं, जो अपने आपको समाजसेवी कहते हैं, जो अपने आपको सुधारवादी कहते हैं, तो फिर इनके दोहरे चरित्र को देखकर हैरानी होती है और दिल करता है कि जब कभी यह लोग किसी मंच से क़ौम में इत्तेहाद और इत्तेफाक (संगठन व एक राय) पैदा करने की बात कहें, तो मंच पर चढकर इनसे माइक छीन लिया जाए और इन्हें फटकार लगाकर नीचे उतार दिया जाए।
जयपुर के मुस्लिम इलाकों में करबला, बास बदनपुरा, ईदगाह, रामगंज, घाटगेट, चार दरवाजा, एम डी रोड, सुभाष चौक, जालूपुरा, नाहरी का नाका, शास्त्री नगर, झोटवाड़ा आदि में यह बीमारी तेजी से और एक सोची समझी साजिश के तहत फैलाई, ताकि जमीर फरोश व खुदगर्ज़ लोगों का उल्लू सीधा हो सके। कहीं किसी का टिकट कटवाया गया, कहीं किसी और को जीताने के लिए किसी और को टिकट दिलवाया गया, कहीं किसी पार्टी व उम्मीदवार को हराने के लिए किसी जाति विशेष या खास कबिले का निर्दलीय उम्मीदवार खड़ा किया गया। इस साजिश से अन्दरखाने लोगों के दिलों में जहर भरा गया, ताकि वो खानदान, जात, बिरादरी, कबिले, गौत्र आदि को लेकर एकजुट हो जाएं और उनके बहकावे में आकर वोट कर दें, जिससे उनका मफाद पूरा हो जाए।
इसी जहर के बीच पुराने शहर यानी हैरिटेज नगर निगम में चुनाव हो चुका है और अब यही जहर ग्रेटर नगर निगम के झोटवाड़ा इलाके में फैलाया जा रहा है, जहाँ एक नवम्बर को चुनाव होने हैं। झोटवाड़ा क्षेत्र के वार्डों में नगर निगम चुनाव को लेकर कायमखानी, गैर कायमखानी मुसलमान, खानज़ादा, जैनाण, खोखर, मोयल, गैर राजस्थानी मुस्लिम, अन्सारी, कुरैशी, मनिहार आदि के नाम पर चुनावी गोलबन्दी करने की घिनौनी कोशिश हो रही है और इस घिनौनी कोशिश के जरिए मुस्लिम क़ौम में जहर फैलाया जा रहा है। इस घिनौनी कोशिश और बिरादरीवाद के फितने से किसी को चुनाव जीताया जा सकता है और किसी को हराया भी जा सकता है। लेकिन बिरादरीवाद का ऐसा जहर बेहद खतरनाक होता है, जो क़ौमों व इलाकों की तरक्की और अमन चैन को बरबाद कर देता है।
यह सब फितना उस पवित्र महीने (रबिउल अव्वल हिजरी साल का पवित्र महीना) में फैलाया गया या फैलाया जा रहा है, जिसकी 12 तारीख़ को आखरी पैगम्बर हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम का जन्म हुआ और जिन्होंने तमाम इन्सानों को जात-बिरादरी, इलाके-कबिले, छोटा-बड़ा, ऊंच-नीच जैसे फितनों से दूर रहने की नसीहत दी है। इसके बावजूद नगर निगम चुनाव में मुस्लिम इलाकों में बिरादरीवाद का जहर फैला और इसे एक साजिश के तहत फैलाया गया, जो बेहद अफसोसनाक है।
(30-10-2020)
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