मुस्लिम मेयर न बनाकर कांग्रेस की गहलोत सरकार ने मुस्लिम समुदाय के साथ धोखा किया है : एडवोकेट सय्यद शाहिद हसन

मुस्लिम मेयर न बनाकर कांग्रेस की गहलोत सरकार ने मुस्लिम समुदाय के साथ धोखा किया है : एडवोकेट सय्यद शाहिद हसन
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जयपुर (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। राजस्थान बार काउंसिल के चेयरमैन और जानेमाने एडवोकेट सय्यद शाहिद हसन ने एक भी मुस्लिम मेयर नहीं बनाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कांग्रेस व गहलोत सरकार को खरी-खौटी सुनाई है। शाहिद हसन राजस्थान बार काउंसिल के निर्विरोध चेयरमैन बने हैं और वे एकमात्र मुस्लिम एडवोकेट हैं जो राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य के तौर पर चुने गए थे। शाहिद हसन के पिता जस्टिस फारूक़ हसन साहब राजस्थान हाईकोर्ट में जज और राजस्थान सरकार में मन्त्री भी रहे हैं।


एडवोकेट सय्यद शाहिद हसन ने इकरा पत्रिका को बताया कि तीन शहरों के 6 नगर निगमों में कांग्रेस की जीत मुस्लिम बाहुल्य तीन नगर निगमों में हुई है और एक अच्छी खासी संख्या मुस्लिम पार्षदों की जीती है, इसके बावजूद एक भी मेयर मुस्लिम समुदाय से नहीं बनाना बहुत पीड़ादायक है। यह कांग्रेस और गहलोत सरकार का मुसलमानों के साथ खुला भेदभाव व धोखा है।

उन्होंने गहलोत सरकार द्वारा किए गए भेदभाव को गिनाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत मुस्लिम वोटों की वजह से हुई थी और कांग्रेस ने अधिकतर वो विधानसभा सीटें जीती थी, जहाँ मुस्लिम वोट अच्छी तादाद में है। कांग्रेस से 9 मुस्लिम विधायक बनने के बावजूद मन्त्रिमण्डल गठन में भेदभाव किया गया और सिर्फ एक मन्त्री बनाया गया और उसे भी कोई खास महकमा नहीं दिया गया।

इसके बाद सरकारी वकीलों की नियुक्ति हुई, उसमें मुस्लिम एडवोकेट को उस तादाद में नियुक्त नहीं किया गया, जितना उनका हक बनता था। सबसे बड़ा भेदभाव एएजी (अतिरिक्त महा अधिवक्ता) की नियुक्ति में किया गया। राजस्थान के करीब आठ हजार मुस्लिम वकीलों में से एक को भी एएजी नहीं बनाया गया। 

उन्होंने कहा कि भेदभाव यहीं नहीं थमा और गत दिनों आरपीएससी (राजस्थान लोकसेवा आयोग) के गठन में मुस्लिम समुदाय को पूरी तरह से नजरअंदाज किया और मेम्बर तक नहीं बनाया। इसी तरह उर्दू ज़बान, उर्दू टीचर और मदरसा पैराटीचर्स के साथ गहलोत सरकार का सलूक सही नहीं है। गहलोत सरकार इनके साथ सौतेला सलूक कर रही है। अब 6 नगर निगमों के चुनाव में एकतरफा मुस्लिम समुदाय के वोट लेने के बाद एक भी मेयर न बनाकर साफ सन्देश दे दिया कि कांग्रेस मुसलमानों के वोट तो लेना चाहती है, लेकिन बदले में देना कुछ नहीं चाहती।

जयपुर हैरिटेज नगर निगम जो मुस्लिम बाहुल्य इलाका है, उसमें कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय कुल 29 मुस्लिम पार्षद जीते हैं, इसके बावजूद जयपुर हैरिटेज नगर निगम से मुस्लिम मेयर नहीं बनाना बहुत बड़ा धोखा है मुस्लिम समुदाय के साथ। उन्होंने गहलोत सरकार के इस भेदभावपूर्ण रवैये को गिनाते हुए सवालिया अन्दाज़ में तन्ज किया कि वोट हमारा राज तुम्हारा यह अब नहीं चलेगा।
(05-11-2020)
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Comments

  1. I dont know about the things, but if its a fact so this is not right ...Congress ka future ab vaise bhi kuch hi uploads par khada hai unki repo bhi kuch hi jagon par hai ...To congress ko ek baar jaroor sochna chahiye apne decision ke baare ...Chahe vo koi bhi party ho ab vp aise janata aur samuday ko bewkoof nahi bana sakte ...

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  2. काँग्रेस ने जिनको एक लड्डु दिया, उसको भाजपा ने दो लड्डु दिए।
    काँग्रेस ने हमारे एक लठ मारा,
    भाजपा ने हमें दो लठ मारे।
    यानी हमे लड्डु नही, लठ ही मिले।काँग्रेस को हमारी कौम के 80 से 90 % वोट मिले, जो उनको मिले वोट का करीब 40 से 50 % है।लेकिन काँग्रेस ने हमारे काम नहीं कर, खुद की जात वालों के काम किये, भले ही उन लोगों ने काँग्रेस को वोट नहीँ दिया। हमे भले ही टिकट मिल जाये, पर हमें जिताया नहीँ जाता, जो कि शासन/प्रशासन में कम होती हमारी नुमाईंदगी से साफ नज़र आती है।

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