पूर्व प्रधान इस्लाम खान कायमखानी की याद आयोजित किया ब्लड डोनेशन कैम्प

पूर्व प्रधान इस्लाम खान कायमखानी की याद आयोजित किया ब्लड डोनेशन कैम्प 
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81 यूनिट ब्लड डोनेट कर नौजवानों ने पेश की खिराज ए अकीदत
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सभी डोनर्स को कायमखानी महासभा भीलवाड़ा ने किया सम्मानित 
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भीलवाड़ा (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। राजस्थान कायमखानी महासभा की भीलवाड़ा इकाई ने 13 दिसम्बर को यहाँ के राजकीय महात्मा गांधी अस्पताल में एक ब्लड डोनेशन कैम्प आयोजित किया। यह कैम्प पूर्व प्रधान इस्लाम खान कायमखानी की याद में आयोजित किया गया। जिनका 24 सितम्बर को इन्तकाल हो गया था। कायमखानी क़ौम के नौजवानों ने 81 यूनिट ब्लड डोनेट कर मरहूम प्रधान जी को खिराज ए अकीदत पेश की। सभी डोनर्स को मोमेंटो भेंट कर महासभा ने सम्मानित किया।


युवा कायमखानी महासभा भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष इमरान कायमखानी ने इकरा पत्रिका के स्थानीय प्रतिनिधि फारूक़ खान (मोनू) को बताया कि सभी नौजवानों में जबरदस्त उत्साह था और हमने करीब 50 यूनिट का टारगेट रखा था, जो नौजवानों के उत्साह के कारण 81 यूनिट तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि मेवाड़ इलाके के कायमखानियों की छह महीने में एवरेज 30 यूनिट ब्लड की डिमांड रहती है और हम इसी डिमांड को पूरा करने एवं शेष ब्लड को अन्य ज़रूरतमंदों को देने के उद्देश्य से ऐसे कैम्प आयोजित करते हैं।

कायमखानी महासभा के जिलाध्यक्ष पूर्व सरपंच सांवत खान बेसकलाई ने बताया कि हमारा पिछला ब्लड डोनेशन कैम्प 14 जून 2020 को कायमखानी क़ौम के प्रथम पुरुष नवाब कायम ख़ान साहब के 601 वें शहादत दिवस (कायम खान डे) पर यहाँ आयोजित किया गया था। यह कैम्प विशेष रूप से कोरोना योद्धाओं के सम्मान में आयोजित किया था। इस ब्लड डोनेशन कैम्प में हमने 62 यूनिट ब्लड डोनेट किया था, जिसमें से ज़रूरतमंदों को 27 यूनिट दे दिया गया है। इसी टारगेट के हिसाब से छह महीने बाद आज हमने हमारे मजबूत साथी और मेवाड़ कायमखानी क़ौम के रहनुमा प्रधान जी इस्लाम खान साहब की याद में यह कैम्प आयोजित किया है।


उल्लेखनीय यह है कि इस्लाम खान प्रधान जी भीलवाड़ा जिले के मेघरास गांव के रहने वाले थे और वे इस गांव की पहचान थे। प्रधान जी इस्लाम खान कायमखानी 24 सितम्बर को इस दुनिया से चले गए थे। वे मेवाड़ इलाके में कायमखानी क़ौम के मजबूत स्तम्भ थे, जिनका सभी क़ौमों में अच्छा खासा रसूख था। वे एक सेवाभावी और मिलनसार शख्स थे, जिन्होंने क़ौमी खिदमत में कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। जिनकी कमी आज पूरी क़ौम महसूस कर रही है और इस कमी की भरपाई करना आसान नहीं है।


इस्लाम खां जी ग्राम पंचायत मेघरास के सरपंच भी रहे हैं और बरसों तक इस ग्राम पंचायत में सरपंच इन्हीं के परिवार का सदस्य रहा है। वे दो बार सरपंच, एक बार बनेड़ा पंचायत समिति के उप प्रधान एवं कार्यवाहक प्रधान भी रहे हैं। वे राजस्थान युवा कायमखानी महासभा के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे हैं। साथ ही कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट जयपुर के ट्रस्टी, राजस्थान कायमखानी शोध संस्थान जोधपुर के संस्थापक सदस्य और राजस्थान कायमखानी महासभा के संरक्षक सदस्य भी रहे हैं। इसके अलावा वे कायमखानी काॅर्डिनेशन सेवा संस्थान भीलवाड़ा के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे हैं। 



इसी कायमखानी काॅर्डिनेशन सेवा संस्थान भीलवाड़ा ने कायमखानी क़ौम में सामूहिक विवाह सम्मेलन करने की शुरुआत की थी। प्रधान जी के नेतृत्व में उनकी टीम ने सात सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए और कई अन्य छोटे बड़े सामाजिक व शैक्षणिक प्रोग्राम भी किए हैं। यह सामूहिक विवाह सम्मेलन दो वर्ष के अन्तराल पर आयोजित किए जाते थे, जिनमें काफी संख्या में अमीर व ग़रीब हर कायमखानी परिवार ने अपने बच्चे बच्चियों की शादी की है। 

इस्लाम खां जी ने भीलवाड़ा जिले के कायमखानी सरदारों को साथ लेकर करीब एक दशक पहले 2006 में सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने के लिए कायमखानी काॅर्डिनेशन सेवा संस्थान भीलवाड़ा की स्थापना की थी। इस संस्थान ने 23 अप्रेल 2017 को सातवाँ सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया था। शाहपुरा में आयोजित यह सम्मेलन एक आलीशान रिसोर्ट मणीयार काॅटेज होटल एण्ड रिसोर्ट में आयोजित किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि तत्कालीन कैबिनेट मंत्री यूनुस खान साहब थे। इस सम्मेलन में कौम के प्रतिष्ठित समाजसेवी मोहम्मद खां जी चित्तौड़गढ़ और डीवायएसपी महमूद खां जी के पुत्रों की भी शादी हुई थी। 



एक सितम्बर को राजस्थान कायमखानी महासभा के पूर्व संयोजक जी खान साहब का इन्तकाल हो गया था, इस खबर से प्रधान जी बहुत दुखी हुए थे और उन्होंने 04 सितम्बर को मेघरास स्थित खुद के फार्म हाउस में जी खान साहब के लिए खिराज ए अकीदत प्रोग्राम आयोजित किया था। छह सितम्बर को वे खुद जयपुर के कायमखानी गेस्ट हाउस में जी खान साहब की याद में आयोजित किए गए प्रोग्राम में आए थे। दोनों जगह उन्होंने शानदार भाषण दिया था। वे पूरी तरह से तंदरुस्त और एक्टिव थे, लेकिन पता नहीं कब कोरोना की चपेट में आए और 24 सितम्बर की रात को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। अल्लाह से दुआ है कि वो अपने तमाम नबियों, वलियों और महबूब बन्दों के सदके व तुफैल में उनकी मग्फिरत करे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता करे और पूरे ख़ानदान को सब्र ए जमील अता करे, आमीन।

वे हमेशा अपने भाषण में एक दोहा या शेअर बोलते थे, "बोल सको तो मीठा बोलो, कटु बोलना मत सीखो। लगा सको तो बाग लगाओ, आग लगाना मत सीखो।" यह पंक्तियां उन्होंने उक्त दोनों कार्यक्रमों में भी बोली थी और वे इन पंक्तियों को पूरी तरह से अपनी जिन्दगी में ढाले हुए थे। वे कभी किसी से तोड़ कर नहीं रखते थे, बल्कि हर मीठी और कड़वी बात को हंस कर टाल देते थे। इस्लाम खां जी 58 साल पहले शकरू खां जी हाथीखानी के घर पैदा हुए थे। 

शकरू खां जी मेवाड़ इलाके के एक प्रतिष्ठित समाजसेवी व राजनेता रहे हैं। वे 1956 में पहली बार गांव मेघरास के सरपंच बने और छह बार सरपंच रहे। इस्लाम खां जी की मां अशरफ बाई हुसैनखानी भी सरपंच रही हैं। जिनका का 7 जनवरी 2018 को करीब 97 साल की उम्र में इन्तकाल हो गया था। शकरू खां जी का अपने इलाके की सभी कौमों में बड़ा मान सम्मान था, वे सभी कौमों में लोकप्रिय थे, क्योंकि वे सभी कौमों के सुख दुःख में शरीक रहते थे तथा वे गंगा जमुनी तहजीब के एक मजबूत पैरोकार थे। यही कारण था कि उन्हें कई वर्षों तक सरपंच बनने का पंचायतवासियों ने अवसर प्रदान किया। उनकी इसी प्रतिष्ठा के कारण उनके बड़े पुत्र याकूब खां जी मेघरास के सरपंच रहे हैं।

शकरू खां जी की प्रतिष्ठा और मिलनसारिता के कारण इस परिवार को पूरे इलाके में सम्मान की नजर से देखा जाता है तथा इसी वजह से इनकी पुत्रवधु और इस्लाम खां जी की पत्नी भंवर बानो को भी सभी कौमों के सहयोग व समर्थन से एक बार अपनी ग्राम पंचायत का सरपंच और एक बार पंचायत समिति सदस्य (ब्लाॅक मेम्बर) बनने का अवसर मिला था। इनके अलावा एक पोत्र वधु शबनम बानो पत्नी ताज खान को भी पंचायत समिति सदस्य बनने का मौका मिला था। कुल मिलाकर यह है कि इस परिवार के तीन पुरूषों एवं तीन महिलाओं को क्षेत्र की सेवा करने के लिए जन प्रतिनिधि बनने का मौका जनता ने दिया है। 

शकरू खां जी को उनकी ईमानदार, समाजसेवी और इन्साफ पसंद छवि के कारण कायमखानी कौम ने राजस्थान कायमखानी महासभा का अध्यक्ष भी बनाया था। उल्लेखनीय यह है कि शकरू खां जी जब राजस्थान कायमखानी महासभा के अध्यक्ष थे, तब उनके जनरल सेक्रेटरी कौम के प्रतिष्ठित सरदार डीडवाना के हैडमास्टर भंवरू खां जी गौराण थे, जो पूरी कौम में हैडमास्टर साहब के नाम से आज भी मशहूर हैं। इस टीम में कोषाध्यक्ष उम्मेद खां जी डीडवाना थे, जो बाद में महासभा के अध्यक्ष भी बने। इस पूरी टीम ने कम संसाधन होते हुए भी प्रदेश भर में कायमखानी इलाकों का दौरा किया और कौम में सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और आर्थिक जागरूकता फैलाने में भरपूर कामयाबी हासिल की। शकरू खां जी आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी पहचान व काम को उनके पुत्र इस्लाम खां जी ने पूरे इलाके में जिन्दा कर रखा था। जो अब छोटी सी उम्र में चले गए। उनका दुनिया से जाना कायमखानी क़ौम के लिए भारी नुकसान है। 

इमरान कायमखानी ने बताया कि आज के इस ब्लड डोनेशन कैम्प में गुलशेर खान, इकबाल खान, मोहम्मद हारून खान, मोहम्मद हुसैन खान, एजाज खान, रियाज खान, अय्यूब खान, शाहरुख खान, मोहसिन खान, रमजान खान (सोनू), शहाबुद्दीन खान, ताज मोहम्मद खान, गुलशेर खान, खुशी मोहम्मद खान, आरिफ खान, नवीन सद्दाम खान, सलमान खान, कलामुद्दीन खान, जावेद खान, इकबाल खान, अहमद नूर खान, जाकिर खान, हुसैन खान, गोरु खान, अय्यूब खान, सद्दाम हुसैन खान, याकूब खान, मुमताज खान, रफीक खान, मुराद खान, लियाकत खान, अब्दुल रहीम खान, मोहसिन खान, मनीष शर्मा, विष्णु कुमार, आजाद खान, मोहसिन खान, यासीन खान, शब्बीर खान, याकूब खान, आरिफ खान, इमरान खान, हुसैन खान, अहमद नूर खान, आरिफ खान, इरफान खान, सतीश कुमार, शाहरुख खान, फिरोज खान, उस्मान खान, आरिफ खान, सद्दाम खान, सलीम खान, आरिफ खान, मोहम्मद खान, शब्बीर खान, इमरान खान, हनीफ खान, मोहम्मद हुसैन खान, मुमताज खान, समीर खान, पुष्पेंद्र सिंह, गुलजार खान, इमरान खान, इरफान खान, इरफान खान, सुलेमान खान, मुमताज खान, बाबू खान, मनफूल खान, अब्बास अली खान, इस्लाम खान, आजम खान, इमरान खान, हमीद खान (पार्षद साहब), जमील खान, शिवराज बैरवा, वसीम खान (मोंटू) आदि ने ब्लड डोनेट किया। 

उन्होंने बताया कि सभी डोनर्स को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया तथा अस्पताल के ब्लड बैंक को एक टेबिल भेंट की गई। इस कैम्प में विशेष रूप से भंवर खान पूर्व चेयरमैन सीसीबी, प्रिन्सिपल मोहब्बत अली खान शाहपुरा, यासीन खान मास्टर, भंवर खान बाबूजी, नाहर खान, अली शेर खान, असलम खान, इकरा पत्रिका के स्थानीय प्रतिनिधि फारूक़ खान मोनू सहित कई गणमान्य लोग शरीक हुए तथा इनकी देखरेख में कैम्प सम्पन्न हुआ। गांव के हिसाब से सबसे अधिक मेघरास के नौजवानों ने ब्लड डोनेट किया। यहाँ से 27 यूनिट ब्लड डोनेट हुआ। इसके अलावा भीलवाड़ा शहर से 21, निम्बाहेड़ा खुर्द से 10, शाहपुरा से 8, सरदारपुरा अकबरपुरा से 5, गौरां खेड़ा से 2, भीमपुरा से 2, रुपपुरा, नाहर सागर और रायल से एक एक यूनिट ब्लड डोनेट किया गया। इस प्रकार कुल 81 यूनिट ब्लड डोनेट कर प्रधान जी को खिराज ए अकीदत पेश की गई।
(13-12-2020)
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