राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ ने की शिक्षा मन्त्री के इस्तीफे और शिक्षा निदेशक के निलम्बन की मांग

राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ ने की शिक्षा मन्त्री के इस्तीफे और शिक्षा निदेशक के निलम्बन की मांग
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जयपुर (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ ने उर्दू ज़बान को खत्म करने की साज़िश एवं उर्दू सब्जेकट के नाम पर झूठ बोलने के लिए शिक्षा मन्त्री गोविन्द सिंह डोटासरा से इस्तीफे की मांग की है। साथ ही उर्दू के साथ की गई इस साज़िश के मामले में शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी को निलम्बित करने की भी मांग की है।


राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ प्रदेशाध्यक्ष अमीन कायमखानी ने बयान जारी कर कहा है कि उर्दू विवाद प्रकरण में पीसीसी अध्यक्ष व शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा और कुछ अक्लियती नेताओं ने एक साजिश के तहत मुद्दे पर पानी डालने की कोशिश की, ताकि 5 दिसम्बर के पंचायत समिति व जिला परिषद चुनाव में माइलेज लिया जाए और अक्लियती वोटर की नाराज़गी कम कर कांग्रेस को जिताया जाए। इस नापाक कोशिश को जनता ने पूरी तरह से नाकाम कर दिया और शिक्षा मन्त्री के विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा। 

उन्होंने कहा कि इससे पहले शहरी निकाय चुनाव के वक्त भी ऐसी ही नापाक कोशिश की गई, जिसमें यह नेता अक्लियती तबके के लोगों को चंगुल में फांसने में कामयाब रहे। लेकिन गांव व ढाणियों के अक्लियती लोगों ने जुम्मन बनाने की हर नापाक कोशिश का मुंह तोड़ जवाब दिया। हालांकि निजी राजनीतिक पहचान बनाने वाले स्वयंभू शिक्षक को शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा और वक्फ बोर्ड चेयरमैन डाॅक्टर खानू खान बुधवाली के ज़रिए अपने चंगुल में फ़ांस कर पूरी क़ौम को ठगने की खूब कोशिश हुई, लेकिन अक्लियती तबके के लोगों ने सभी स्वयंभू लोगों को सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि झूठे वादों, थोथी मीटिंग्स और बनावटी बातों से सिर्फ चुनाव के दौरान अक्लियती तबके को ठगने की कोशिश की, इनको मदरसा व उर्दू तालीम से कोई मतलब नहीं था। उर्दू तालीम व मदरसा तालीम के हालात जैसे थे वैसे ही हैं। उर्दू विवाद प्रकरण में अक्लियती तबके की मुख्य मांग शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा का नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा देने की थी, जो आज भी बरकरार है तथा इस प्रकरण की उच्च स्तरीय विस्तृत जांच कर शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी को निलंबित करने की भी मांग है। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस सन्दर्भ में खामोश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अगर डोटासरा इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें बरखास्त कर दिया जाए। क्योंकि डोटासरा ने अधिकारियों से मिलकर उर्दू तालीम के साथ खिलवाड़ किया है।
(10-12-2020)
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