कोरोना और उसकी सच्चाई ?
कोरोना और उसकी सच्चाई ?
***********************जयपुर (थार न्यूज़-इकरा पत्रिका)। साल 2019 के आखिर में दुनिया ने एक शब्द सुना "कोरोना"। देखते ही देखते इस वायरस की चपेट में पूरी दुनिया आ गई। इसकी दहशत इस कदर हुई कि एक इन्सान दूसरे इन्सान से दूर भागने लगा। पहली बार सभी हवाई जहाज जमीन पर खड़े कर दिए गए। ट्रेनों और बसों का संचालन रोक दिया गया। पूरी दुनिया में लाॅकडाउन या कर्फ्यू लगा दिया गया। लोग घरों में कैद हो गए। कोरोना ने पूरी दुनिया को बदल दिया। इससे लाखों लोग मारे गए, पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्था चौपट हो गई। असंख्य लोग बेरोजगार हो गए।
इतना होने के बाद भी कोरोना शान्त नहीं हुआ और इसकी चपेट में अब भी लाखों लोग आ रहे हैं। इन दिनों इसकी दूसरी लहर चल रही है। हमारे देश में जनवरी-फरवरी 2021 में कोरोना कुछ कमजोर पड़ा था, लेकिन मार्च के बाद हालात वापस खराब हो गए। पूरे देश में कोरोना को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। अस्पतालों में बैड फुल हो चुके हैं। ऑक्सीजन, इंजेक्शन, वेंटिलेटर आदि की किल्लत व कालाबाजारी हो रही है। अब सवाल यह है कि आखिर यह कोरोना है क्या चीज़ ?
इस सवाल का जवाब सीधा सा यह है कि यह एक खतरनाक वायरस है, जो तेजी से फैलता है। यह एक महामारी है। इतना कुछ होने के बावजूद आज भी बहुत से लोग इसे एक अफवाह, साज़िश और मेडिकल लूट मानते हैं, तो कुछ इसे चीन द्वारा इस्तेमाल किया गया जैविक हथियार बताते हैं। पहली बात तो यह है कि यह एक महामारी है, जो बहुत खतरनाक है। दूसरी बात यह है कि चाहे यह इन्सानी लापरवाही से फैली है या साज़िश से, लेकिन यह खुदा (ईश्वर) का अजाब (प्रकोप) है।
सभी पंथों व धर्मों के ग्रंथों में खुदा के अजाब का काफी जिक्र है। जब दुनिया में अन्याय, अत्याचार एवं शोषण का बोलबाला हो जाता है, तो ईश्वरीय प्रकोप अवतरित होता है। इस ईश्वरीय प्रकोप में बाढ, तूफान, भूकम्प, ज्वालामुखी, महामारी आदि वो सब कुछ होता है, जिससे ईश्वर मानव को सजा देता है। उसे बताता है कि "तू इतना अकड़ कर मत चल, तू कुछ भी नहीं है, तेरी सिर्फ गन्दे पानी के एक कतरे से पैदाइश हुई है और वो भी मैंने की है। इसलिए तू जमीन पर शान्ति व भाईचारे से जीवन गुजार और मेरी आज्ञा का पालन कर।"
ईश्वर ने अपनी आज्ञाओं (आदेशों) को बताने के लिए जमीन के हर हिस्से पर और हर क़ौम में अपने दूत (पैगम्बर) भेजे हैं। इस कड़ी में आखरी पैगम्बर हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम को भेजा है। उनसे पहले ईश्वर ने करीब सवा लाख पैगम्बर दुनिया के कोने-कोने में भेजे हैं। हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम के बाद कोई भी पैगम्बर नहीं आएगा और ईश्वर ने पवित्र कुरआन को आखरी आसमानी किताब के तौर पर हज़रत मुहम्मद साहब पर नाजिल (अवतरित) किया है। पवित्र कुरआन में ईश्वर ने विभिन्न क़ौमों पर भेजे गए अजाब का जिक्र किया है। साथ ही जीवन जीने का तरीका और अपने विभिन्न आदेश भी बताए हैं। उन आदेशों को न मानने की सजा भी बताई है, ज़मीन पर अजाब के तौर पर और आखरत (परलोक) में नरक (जहन्नुम) के तौर पर।
अब आज की दुनिया की बात करें। आधुनिक युग, टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशन, संविधान, लोकतंत्र और ग्लोबलाईजेशन के बावजूद दुनिया में विभिन्न प्रकार का अन्याय, अत्याचार, शोषण, लूट और खूनखराबा हो रहा है। जाति, पंथ, भाषा, क्षेत्र, रंग, खान पान, रहन सहन, पहनावा आदि को लेकर खूब भेदभाव और शोषण हो रहा है। इन्सान अपने पद, माल, मकान, कारखाने, खानदान, औलाद, खूबसूरती, इल्म आदि को लेकर गुरूर कर रहा है। बहुत कम सम्पन्न लोग (अमीर) ऐसे हैं, जो गरीब आदमी को अच्छी व बराबरी की नजर से देखते हैं। सत्ताधीशों और पूंजीपतियों की मिलीभगत से व्यवस्थित लूट पूरी दुनिया में चल रही है। एक तरफ एक इन्सान के पास सब कुछ है और दूसरी तरफ एक इन्सान के पास न खाने को रोटी है और ना ही सिर छुपाने को छत है।
आज अगर हम गौर से देखें, तो बहुत कम घर परिवार ऐसे मिलेंगे, जहाँ आपस में मेलजोल व प्यार मुहब्बत है। घर घर में भाई भाई, सास बहू, देवरानी जेठानी, नणद भाभी आदि के झगड़े हैं। बहुतों ने परिवार में ही एक दूसरे का माल हड़प रखा है। नाली, रैम्प, सीढियां व सड़क बनाकर पड़ौसियों को परेशान करना, रास्तों पर अतिक्रमण करना, कमजोर पड़ौसी की जमीन दबा लेना आदि गलत काम आज हर गांव व मोहल्ले में हो रहे हैं। बेहयाई, बलात्कार व अपहरण जैसे अपराध भी कोई कम नहीं हैं। चारों ओर नफरत, झूठ, फरेब, लूट और ठगी का बोलबाला है। इन्सान के कुकर्मों से इन्सानियत सिसक-सिसक कर दम तोड़ रही है तथा ईश्वर ऐसे कामों को पसंद नहीं करता है।
नतीजा कोरोना की शक़्ल में खुदाई अजाब है और यह खुदाई अजाब पूरी दुनिया को बदल देगा। अब इस अजाब से छुटकारा कैसे मिले ? इसका छुटकारा सिर्फ और सिर्फ खुदा (ईश्वर) के पास है। इन्सान खुदा से अपने गुनाहों (गलत कामों) की तौबा करे, हर किस्म के भेदभाव, अन्याय व शोषण से खुद को दूर कर ले, अपने दिलो दिमाग से नफरत का खात्मा कर दे, भाईचारे को बढावा दे, अत्याचारी के खिलाफ़ खुलकर आवाज़ बुलन्द करे और हर जरूरतमंद की मदद करे। इन्सान में यह सुधार आना शुरू होते ही खुदा कोरोना के अजाब को हटा देगा। ईश्वर हम सबका मार्गदर्शन करे और हमें सही रास्ते पर चलाए, आमीन।
(24-04-2021)
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