बड़े दिल से बड़े प्रोग्राम खूबसूरत होते हैं वरना तो•••
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सीकर में कायमखानी हॉस्टल की नई बिल्डिंग का हुआ भव्य उद्घाटन और भामाशाह सम्मान समारोह। साथ ही 50 बीघा में नई इंस्टिट्यूट बनाने की भी हुई घोषणा। लेकिन प्रमुख कायमखानी सरदारों को आमन्त्रित न कर आयोजकों ने छोटे दिल का प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ हमारे ही भाइयों ने तीन दिन बाद जयपुर के भवानी निकेतन में श्री क्षत्रिय युवक संघ के बैनर तले विशाल सभा आयोजित की, जिसमें राजपूत समाज के अलावा अन्य समाजों के प्रमुख लोगों को भी आमन्त्रित किया गया।
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जयपुर/सीकर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। सीकर के कायमखानी हॉस्टल में 19 दिसंबर को एक भव्य प्रोग्राम का आयोजन हुआ। जिसमें हॉस्टल की नई बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ। साथ ही इस बिल्डिंग को बनाने में जिन लोगों ने माली तआवुन किया, उन भामाशाहों का सम्मान भी किया गया। पूरी कायमखानी क़ौम में इस बिल्डिंग को बनाने और इस समारोह के सफल आयोजन को लेकर खुशी की लहर है, क्योंकि कोरोना काल और आर्थिक मंदी के बावजूद सिर्फ 18 महीने में इस भव्य बिल्डिंग का निर्माण हुआ है। जो बहुत ही सराहनीय कार्य हुआ है। इसके लिए इस निर्माण से जुड़े हुए सभी लोगों और भामाशाहों का कौम ने शुक्रिया अदा कर उन्हें प्रोत्साहित व सम्मानित किया। लेकिन तुच्छ सियासत अपने पीछे सवाल छोड़ गई कि क़ौम के इतने बड़े भव्य प्रोग्राम में भी लोग बड़ा दिल क्यों नहीं रखते ?


किसी बड़े प्रोग्राम की सफलता के पीछे बड़ा दिल होना भी आवश्यक है, क्योंकि बड़े दिल के बिना बड़ा प्रोग्राम खूबसूरत होते हुए भी खूबसूरत नजर नहीं आता है। इस समारोह में पूर्व मंत्री यूनुस खान, फतेहपुर विधायक हाकम अली खान, सीकर नगर परिषद के सभापति जीवण खान, श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन, राजस्थान कायमखानी महासभा के संयोजक कर्नल शौकत अली ख़ान सहित कई कायमखानी राजनेता और अधिकारी शरीक हुए तथा इन्होंने हॉस्टल निर्माण से जुड़े हुए लोगों व भामाशाहों को सम्मानित किया। साथ ही नई घोषणा भी की, जिसके लिए पूरी क़ौम ने आयोजकों और नई घोषणा करने वालों को बधाई दी। क्योंकि दुनिया में वही क़ौम तरक्की करती है, जो बड़ा सपना देखती है। इस समारोह में सीकर के आस-पास हाईवे पर 50 बीघा जमीन खरीदने और उस जमीन पर एक कायमखानी इंस्टिट्यूट बनाने की घोषणा हुई, जहाँ सिपाही से लेकर आईएएस व आईपीएस की तैयारी करवाने की बात कही गई, जो कायमखानी क़ौम के लिए वाकई एक बड़ा सपना है।


कुछ कायमखानी सरदारों का मानना है कि इस भव्य प्रोग्राम की सफलता को तुच्छ राजनीति व सिकुड़े हुए दिलों ने फीका कर दिया। क्योंकि प्रोग्राम कायमखानी क़ौम का था और यह हाॅस्टल कायमखानी क़ौम की ऐतिहासिक धरोहर है, जिसके प्रांगण में यह प्रोग्राम आयोजित हुआ था तथा बस स्टैंड के पास सीकर के प्राइम लोकेशन में "देवीपुरा कोठी" के नाम से मशहूर इस हाॅस्टल को खरीदने में हमारे पुरखों ने अपना खून पसीना बहाया है। लेकिन आज आयोजकों ने न सिर्फ हमारे उन पुरखों को भुला दिया, बल्कि क़ौम के प्रमुख सरदारों को आमन्त्रित ही नहीं किया। जिससे सवाल पैदा होता है कि आखिर क्या वजह रही कि क़ौम के प्रमुख सरदारों को न्यौता ही नहीं दिया गया ? क्या पर्दे के पीछे कोई सियासी खेल हुआ ? क्या पूर्व मन्त्री यूनुस खान ने प्रोग्राम को पूरी तरह से अपने नियन्त्रण में रखा और आयोजकों से जिसे मन में आया न्यौता दिलवाया और जिसे मन में आया उसे नजरअंदाज किया ?

इक़रा पत्रिका के पास प्रोग्राम से सम्बंधित यह जानकारी आई तो हमने कायमखानी क़ौम के प्रमुख सरदारों से बात की और पूछा कि क्या आपके पास हाॅस्टल उद्घाटन का न्यौता आया था ? तो आईएएस अशफ़ाक हुसैन के अलावा सभी ने कहा कि हमारे पास कोई न्यौता नहीं आया। जिन सरदारों को आमन्त्रित नहीं किया, उनमें प्रमुख हैं जस्टिस भंवरू खान, आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन डाॅक्टर हबीब खान गौराण, राजस्थान कायमखानी महासभा के पूर्व अध्यक्ष उम्मेद खान डीडवाना, आईजी सरवर खान, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन डाॅक्टर निज़ाम खानजादा, राजस्थान कायमखानी शोध संस्थान के महासचिव व कायमदीप अखबार के संस्थापक हाजी रणजीत ख़ान पहाड़ान, वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन डाॅक्टर खानू ख़ान बुधवाली, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव शब्बीर हुसैन खान, पूर्व केन्द्रीय मन्त्री व वीर चक्र विजेता मरहूम कैप्टन अय्यूब खान साहब की पुत्रवधु शबनम ख़ान, आईपीएस व डीसीपी जयपुर अरशद अली, बेसवा की सरपंच जरीना ख़ान। ऐसे और भी कई कायमखानी सरदार हैं, जिन्हें इस प्रोग्राम के लिए न्यौता नहीं दिया गया। आखिर यह चूक या तुच्छ सियासत क्यों हुई ? आयोजकों को इसका जवाब देना चाहिए, ताकि क़ौम को मालूम चले कि असल वजह क्या थी ?


इस प्रोग्राम के तीन दिन बाद 22 दिसम्बर को जयपुर के भवानी निकेतन में श्री क्षत्रिय युवक संघ के बैनर तले राजपूत समाज की विशाल सभा आयोजित की गई। जिसमें राजपूत समाज के अलावा अन्य समाजों के प्रमुख लोगों को भी आमन्त्रित किया गया। राजपूत समाज के इस बेमिसाल भव्य आयोजन की सभी ने प्रशंसा की तथा कुछ कायमखानी सरदारों ने कहा कि एक तरफ हमारे ही राजपूत भाइयों ने कैसा शानदार भव्य आयोजन किया, जिसमें सभी को आमन्त्रित किया गया, वहीं दूसरी तरफ हमारे सीकर हाॅस्टल उद्घाटन में तुच्छ राजनीति व सिकुड़े हुए दिलों का प्रदर्शन कर सफल प्रोग्राम को भी फीका कर दिया।
(23-12-2021)
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