महाराणा महेन्द्र सिंह मेवाड़ को ससम्मान पेश किया कायमखानी सामूहिक विवाह सम्मेलन का निमन्त्रण

महाराणा महेन्द्र सिंह मेवाड़ को ससम्मान पेश किया कायमखानी सामूहिक विवाह सम्मेलन का निमन्त्रण

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महाराणा मेवाड़ के सानिध्य में संचालित शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक माण्डलगढ कुंवर प्रदीप कुमार सिंह सिंगोली को भी पेश किया निमन्त्रण
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जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। भीलवाड़ा जिले के मेघरास गांव में 27 फरवरी को आयोजित होने वाला कायमखानी सामूहिक विवाह सम्मेलन का निमन्त्रण पत्र आज 25 फरवरी को रिवायती अन्दाज़ में ससम्मान मेवाड़ महाराणा श्रीजी हुजूर महाराणा महेन्द्र सिंह मेवाड़, महारानी साहिबा श्रीमती निरुपमा कुमारी और महाराणा महाराजकुमार श्री विश्वराज सिंह मेवाड़ को पेश किया गया।


इस निमन्त्रण पत्र के साथ परम्परा अनुसार गुड़, बताशे, छुआरे एवं पीले चावल नजर करते हुए भी पेश किए। बड़े ही अदबो एहतराम के साथ यह निमन्त्रण पत्र राजस्थान कायमखानी महासभा जिला चित्तौड़गढ़ के जिलाध्यक्ष अल्लानूर खान और प्रदेश सचिव मोहम्मद खान ने पेश किया। इस अवसर पर जोहर स्मृति संस्थान चित्तौड़गढ़ के महासचिव तेजपाल सिंह शक्तावत ठिकाना खोर, राष्ट्रीय सेन समाज संघ के राष्ट्रीय सचिव रमेश चंद्र सेन, नेमीचंद माली, कमलेन्द्र सिंह पंवार इत्यादि भी सम्मिलित रहे।


इस निमन्त्रण पत्र देने की शिष्टाचार मुलाकात के दरमियान महाराणा मेवाड़ को कायमखानी इतिहास एवं संस्कृति से सम्बंधित साहित्यिक पुस्तकें भी नजर की गई। जो कायम खां रासा, डॉक्टर रतन लाल मिश्र द्वारा लिखित कायमखानी वंश का इतिहास एवं संस्कृति और डॉक्टर हबीब खान गोराण एवं डॉक्टर श्रीमती नसीम गोराण द्वारा लिखित राजस्थानी लोक संस्कृति एवं कायमखानी समाज हैं। इस अवसर पर मेवाड़ महाराणा के सानिध्य में संचालित हो रहे देश के जाने माने शिक्षण संस्थान विद्या प्रचारिणी सभा एवं भूपाल नोबल्स शिक्षण संस्थान उदयपुर के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मांडलगढ़ कुंवर प्रदीप कुमार सिंह सिंगोली को भी परम्परा अनुसार निमन्त्रण दिया गया।


इस अवसर पर महाराणा मेवाड़ ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में परिणय सूत्र में बंधने वाले वर-वधु को आशीष देते हुए कार्यक्रम हेतु शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कायमखानी कौम के नाम अपने सम्बोधन में कहा कि "कायमखानी कौम बहादुरी, वफादारी और वतनपरस्ती का दूसरा नाम है। इस मार्शल कौम को अपनी पुरातन विरासत एवं संस्कृति को बनाए रखते हुए वर्तमान के ध्रुवीकरण के माहौल में अपनी साम्प्रदायिक सौहार्द की पहचान को अक्षुण बनाए रखना चाहिए। कायमखानी कौम की युवा पीढ़ी को अपने पुरखों का इतिहास पढ़ना चाहिए, सदैव अपनी गंगा जमुनी तहजीब के जरिए अन्य धर्म-समुदायों के प्रति विरासत में मिले संस्कारो से कौम के इक़बाल को बुलन्द करना चाहिए। देश और समाज आज बहुत ही विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है जिससे हर व्यक्ति प्रभावित है ऐसे समय में हम क्षत्रिय वंश जिसमें कायमखानी भी शुमार हैं, का उत्तरदायित्व ओर भी बढ़ जाता है, सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए साम्रदायिक सौहार्द सबसे महत्वपूर्ण है और बहुत ही गर्व की बात है कि कायमखानी कौम राजस्थान में ही नही बल्कि सम्पूर्ण भारत वर्ष में साम्प्रदायिक सौहार्द की प्रतीक मानी जाती है।"

उल्लेखनीय यह है कि मेघरास गांव में आयोजित होने जा रहा यह 10 वां कायमखानी सामूहिक विवाह सम्मेलन है। जो भीलवाड़ा इलाके के कायमखानी सरदारों दो वर्ष के अंतराल पर पिछले 16 बरसों से आयोजित करते आ रहे हैं। इन सम्मेलनों को पूर्व प्रधान बनेड़ा पंचायत समिति इस्लाम खां के नेतृत्व में होता था, जिनका 24 सितम्बर 2020 को इन्तकाल हो गया। इसलिए इस बार का यह सम्मेलन प्रधान जी की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। जिसे कायमखानी सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति भीलवाड़ा पूरी कायमखानी क़ौम के सहयोग से आयोजित कर रही है।
(25-02-2022)

-@-एम फ़ारूक़ ख़ान सम्पादक इक़रा पत्रिका।

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