नवाब कायम ख़ान साहब के 603 वें शहादत दिवस पर आयोजित हुए कई कार्यक्रम

नवाब कायम ख़ान साहब के 603 वें शहादत दिवस पर आयोजित हुए कई कार्यक्रम 
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मुख्य कार्यक्रम उनकी जन्म स्थली ददरेवा स्थित नवाब कायम ख़ान मेमोरियल शहीद स्मारक में हुआ आयोजित
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ददरेवा/चूरू/भीलवाड़ा/सुजानगढ/भादरा/जोधपुर/अजमेर (इक़रा पत्रिका)। शुजात, ईमानदारी, वफादारी व वतन प्रेम की मिसाल कायमखानी कौम के प्रथम पुरुष और तत्कालीन हिसार-हांसी (हरियाणा) रियासत के शासक और सुलतान फिरोज शाह तुगलक के वज़ीर व सेनापति नवाब कायम खान साहब का 14 जून को हर साल की तरह शहादत दिवस मनाया गया। इस बार उनका 603 वां शहादत दिवस था। कायमखानी बाहुल्य इलाकों में कई छोटे बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम उनकी जन्म स्थली ददरेवा स्थित नवाब कायम ख़ान मेमोरियल शहीद स्मारक में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हर वर्ष 14 जून को "नवाब कायम ख़ान डे" के तौर पर आयोजित किए जाते हैं। विदेशों में जहाँ जहाँ कायमखानी आबाद हैं या नौकरी पेशा कर रहे हैं वहाँ भी हर वर्ष की भांति नवाब कायम खान डे मनाया गया। इस दिन पूरी कायमखानी क़ौम ने नवाब कायम ख़ान साहब को खिराज ए अकीदत पेश की।


ददरेवा जिला चूरू में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में क़ौम के मोअज्जिज सरदार शरीक हुए। यहाँ नवाब कायम खान मेमोरियल शहीद स्मारक बना हुआ है। इस स्मारक में 200 से अधिक कायमखानी शहीद सैनिकों की पट्टिकाएं लगी हुई हैं। यह वे भारतीय सैनिक हैं जो विभिन्न युद्धों एवं सैन्य ऑपरेशनों में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। इस मुख्य कार्यक्रम को कई वक्ताओं ने सम्बोधित किया। वक्ताओं ने क़ौम का इतिहास बताते हुए कहा कि हमें हमारे पुरखों की तारीख़ (इतिहास), परम्पराओं और ऐतिहासिक धरोहरों की हिफाज़त करनी है और क़ौम की गंगा जमुनी तहजीब को जिन्दा रखते हुए नई पीढ़ी को एक रोशन और कामयाब रास्ता दिखाना है।



इस कार्यक्रम में नवाब कायम ख़ान साहब के लिए दुआ ए मग्फिरत व दर्जे बुलन्द करने के साथ ही देश दुनिया में शान्ति व भाईचारे की दुआ की गई। साथ ही कायमखानी कौम के दीगर बुजुर्गों और शहीद सैनिकों के लिए भी दुआ की गई। दुआ जयपुर से आए मुस्लिम प्रोग्रेसिव फेडरेशन के सह संयोजक सय्यद अनवर शाह ने करवाई। वक्ताओं ने नवाब कायम ख़ान साहब के पवित्र जीवन व कायमखानी क़ौम की विरासत पर भी अपने विचार रखे तथा शिक्षा को बढ़ावा देने, कोचिंग संस्थान खोलने व सामाजिक बुराइयों से नई पीढ़ी को दूर रखने की बात भी कही।

कार्यक्रम में नवाब कायम ख़ान साहब के साथ ही विभिन्न युद्धों एवं सैन्य ऑपरेशनों में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए 200 से अधिक कायमखानी शहीदों को भी वक्ताओं ने खिराज ए अकीदत पेश की। उल्लेखनीय है कि उक्त स्मारक के लिए तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने दो बीघा निशुल्क भूमि आवंटित की थी और इसके नींव का पत्थर वसुंधरा राजे ने 14 जून 2008 को नवाब कायम ख़ान डे पर भव्य आयोजन के बीच रखा था। इस स्मारक पर सरकार व समाज की तरफ से करीब ढाई करोड़ रूपए अभी तक खर्च हो चुके हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व मन्त्री यूनुस खां ने आपसी भाईचारे, शिक्षा के बढ़ावे, सामाजिक एकता पर जोर देते हुए यहाँ एक मदरसा व रिसर्च सेन्टर खोलने की घोषणा की। जिसके लिए एवं इस स्मारक के बेहतर संचालन के लिए शीघ्र ही एक समिति के गठन करने की बात कही। उन्होंने ददरेवा गांव की गौशाला में 21 हजार और गांव की दोनों मस्जिदों में 11-11 हजार रूपए अपनी तरफ से दिए तथा गौशाला का दौरा भी किया।

कार्यक्रम को राजस्थान कायमखानी महासभा के संयोजक कर्नल शौकत अली ख़ान, महासभा के पूर्व अध्यक्ष उम्मेद खां डीडवाना, रिटायर्ड आईएएस जाकिर हुसैन, भंवर खां पूर्व पार्षद भादरा, कप्तान लियाकत खां धनूरी, एडिशनल एसपी इस्माईल खान चूरू, एडवोकेट अलाद्दीन खां जयपुर, कुचामन सिटी नगर पालिका के चेयरमैन आसिफ खां, अय्यूब खां बीकानेर, महमूद खां एलमाण चूरू, आसिफ खां विजन चूरू, शेर खां मलकाण सहजूसर, उम्मेद खां गिडानिया जिलाध्यक्ष महासभा झुन्झुनूं, एडवोकेट मुश्ताक खां छापरी सहित कई वक्ताओं ने सम्बोधित किया। मंच संचालन एजाज खां पूर्व सरपंच रोल सहाबसर ने किया।

कार्यक्रम में दुरच्या बैटल के हीरो कप्तान अली हसन खां धनूरी, आरआई इलियास खां डीवायएसपी चैनपुरा, कर्नल सज्जाद खां सिगड़ी, सुलतान खां हसनपुरा, इब्राहीम खां बैंक मैनेजर जाबासर, खुर्शीद खां रतनगढ़, हाजी गुलाम मोहम्मद खां बेसवा, अय्यूब खां एडिशनल एसपी चूरू, आरिफ खां चूरू, एडवोकेट सरवर खां जयपुर, असलम खां एडिशनल कमिश्नर सेल टैक्स, जिला परिषद नागौर के सदस्य मुश्ताक खां खात्यासनी, सांवत खां जिलाध्यक्ष महासभा भीलवाड़ा, इमरान कायमखानी भीलवाड़ा, शेर अली खां कायमपुरा, सूबेदार भंवरू खां जाबासर, इंस्पेक्टर सद्दीक खां चैनपुरा, एडवोकेट यूसुफ खां सरदारशहर, आरिफ खां पीथीसर, इस्लाम खां फतेहपुर, यूनुस खां साहबसर, यासीन खां चायनाण जालूपुरा, मुजफ्फर खां कायमसर, डीएसओ लियाकत खां चूरू, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नियाज खां चूरू, सूबेदार एजाज खां चैनपुरा आदि भी शरीक हुए।

नवाब कायम खान डे पर हर वर्ष की भांति इस बार भी ब्लड डोनेशन कैम्प, वृक्षारोपण, कुरआनख्वानी, फातिहाख्वानी, अस्पतालों में फल वितरण, गौ शालाओं में चारा डालने, पक्षियों के लिए परिन्डे बांधने आदि कार्यक्रम हुए। मुख्य कार्यक्रम के अलावा अन्य कार्यक्रम चूरू, सुजानगढ, शाहपुरा (भीलवाड़ा), जयपुर, झुन्झुनूं, बिसाऊ, नूआं, चैनपुरा, अजमेर, जोधपुर, भादरा सहित कई गांव कस्बों में आयोजित किए गए।

गांव मोडावासी के लोगों का रहा विशेष सहयोग 
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ददरेवा से आठ किलोमीटर दूर मोडावासी गांव का मुख्य कार्यक्रम के आयोजन में विशेष सहयोग रहा। यहाँ के सद्दीक खां मलवाण ददरेवा स्मारक समिति के अध्यक्ष हैं और स्मारक बनना शुरू हुआ तब से वे इसके प्रबंधन को लगातार देख रहे हैं। उनके नेतृत्व में मुमताज़ खां, कैप्टन जंगशेर खां, यूनुस खां, सूबेदार असलम खां, सलीम खां बिट्टू, अकरम खां, इब्राहीम खां, डाॅक्टर इमरान खां, जंगशेर खां, शब्बीर खां, फारूक़ खां आदि बुजुर्गों व युवाओं ने लगातार यहाँ काम कर आयोजन को सफल बनाया। साफ सफाई से लेकर रंग रोगन और खाना बनवाने, खिलाने आदि की तमाम व्यवस्था मोडावासी के लोगों ने सम्भाल रखी थी। मोडावासी के लोगों के साथ कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट जयपुर के जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद खान चित्तौड़गढ़, उनके पुत्र खलील खां चित्तौड़गढ़ और इक़रा पत्रिका के सम्पादक एम फ़ारूक़ ख़ान भी यहाँ की व्यवस्थाओं को देखने के लिए 12 जून को ही ददरेवा आ गए थे।

कार्यक्रम पर उठे सवाल
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कार्यक्रम के आयोजन पर पूर्व मन्त्री यूनुस खां एक तरह से एकाधिकार था, उसे लेकर कई सवाल क़ौम के बीच उठे। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण कर्नल सज्जाद खां का सोशल मीडिया पर लिखा गया लम्बा लेख चर्चा का विषय बना। इस लेख में उन्होंने बिना प्रस्ताव लिखे खाली पेज छोड़कर कार्रवाई रजिस्ट पर आए हुए लोगों से हस्ताक्षर करवाने, स्मारक की जमीन पर मदरसा खोलने की घोषणा, नई स्मारक समिति बनाने की घोषणा और दो तरह के (युवाओं व बुजुर्गों के अलग अलग) फार्म भरवाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। 

लोगों का यह भी मानना है कि जब पहले से स्मारक समिति बनी हुई है, तो फिर नई की आवश्यकता क्यों है ? दूसरी बात यह है कि क्या राजस्थान कायमखानी महासभा की तरह ददरेवा स्मारक की नई समिति में भी गैर कायमखानियों को सदस्यता दी जाएगी ? अगर ऐसा किया जाएगा तो यह कायमखानी कौम व इस स्मारक के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ होगा। जहां तक मदरसे के बनाने की घोषणा की गई है, तो इस पर कर्नल सज्जाद खां ने लिखा है कि यह इस स्मारक के लिए आवंटित की गई सरकारी जमीन के आदेश का उल्लंघन है, क्योंकि आवन्टन मदरसे के लिए नहीं किया गया है। दूसरा यह है कि स्मारक के पास में गोगाजी चौहान जो कि नवाब कायम ख़ान साहब के पूर्वज हैं, जिनका भादवा के महीने में यहां मेला भरता है और उसमें लाखों आदमी पूरे देश से आते हैं। इसलिए इस स्मारक में मदरसा संचालित करना कोई दूरअंदेशी नहीं है। 

कर्नल सज्जाद खां ने अपने लेख में इस बात पर भी सवाल खड़ा किया है कि पहली बार इस स्मारक में नवाब कायम ख़ान साहब की फातिहाख्वानी दो जगह हुई, क्यों ? उल्लेखनीय यह है कि मुख्य कार्यक्रम से डेढ़ घण्टे पहले चूरू जिले के काफी लोग यहां आए और उन्होंने अलग से फातिहाख्वानी व दुआ ए मग्फिरत की। यह कायमखानी क़ौम व इस स्मारक के लिए शुभ संकेत नहीं है। राजनीतिक वर्चस्व, गुटबाज़ी व अहंकार के चलते ऐसा करना गलत है। जब पहले से मालूम था कि यहां दो जगह फातिहाख्वानी होगी, तो दोनों गुटों के जिम्मेदारान की यह जिम्मेदारी बनती थी कि वे समय रहते कोई बीच का रास्ता निकालते और इस स्मारक को मूंछ की लड़ाई नहीं बनाकर एक साथ फातिहाख्वानी करते, तो एक बड़ा सन्देश जाता।

नवाब कायम ख़ान साहब के 603वें शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर मेवाड़ कायमखानी क़ौम की तरफ से ददरेवा में हुई फातिहाख्वानी
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कायमखानी क़ौम के प्रथम पुरूष नवाब क़ायम ख़ान साहब के 603वें शहादत दिवस (14 जून 2022) की पूर्व संध्या पर 13 जून की शाम बाद नमाज ए ईशा ददरेवा स्थित नवाब कायम ख़ान मेमोरियल शहीद स्मारक (निशान ए क़ायम) में फातिहाख्वानी का प्रोग्राम आयोजित किया गया।

यह प्रोग्राम त्याग, तपस्या और बलिदान की स्वाभिमानी वीर भूमि मेवाड़ की कायमखानी क़ौम की तरफ से आयोजित किया गया। राजस्थान कायमखानी महासभा भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष सांवत खां पूर्व सरपंच बेसकलाई की सदारत में यह फातिहाख्वानी का प्रोग्राम आयोजित किया गया। फातिहाख्वानी के इस प्रोग्राम में फातिहा इक़रा पत्रिका के सम्पादक एम फ़ारूक़ ख़ान ने लगाई और दुआ की।

फातिहाख्वानी के इस प्रोग्राम में नवाब कायम ख़ान स्मारक समिति के अध्यक्ष सद्दीक खां मलवाण, कायमखानी वेलफेयर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद खान चित्तौड़गढ़, शेर अली खां कायमपुरा, रमजान खां, रियान खां, लतीफ़ खां, स्मारक के चौकीदार दाऊद कुरैशी, इमरान कायमखानी पूर्व जिलाध्यक्ष युवा कायमखानी महासभा भीलवाड़ा, सलीम खां टैक्सी यूनियन अध्यक्ष, मुमताज़ खां भीमपुरा, गुलशेर खां रूपपुरा, मोहसिन खां शाहपुरा, फौजदार खां मास्टर भीलवाड़ा, इस्लाम खां निम्बाहेड़ा खुर्द, याकूब खां निम्बाहेड़ा खुर्द, मनफूल खां भीलवाड़ा, हुसैन खां भीलवाड़ा आदि शरीक हुए।

राजस्थान कायमखानी महासभा जिला चित्तौड़गढ़ ने मनाया नवाब कायम ख़ान शहीद दिवस 
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कायमखानी क़ौम के प्रथम पुरूष नवाब क़ायम ख़ान साहब के शहीद दिवस को चित्तौड़गढ़ में भी मनाया गया। यह दिन पूरी कायमखानी क़ौम नवाब कायम ख़ान डे के तौर पर हर साल 14 जून को मनाती है। इस बार यह 603 वां शहीद दिवस था। राजस्थान कायमखानी महासभा जिला चित्तौड़गढ़ के जिलाध्यक्ष अल्लानूर खां दायमखानी (सेवानिवृत्त लेखाधिकारी) ने बताया कि इस बार दादा के शहादत दिवस पर चित्तौड़गढ़ में दो प्रोग्राम आयोजित किए गए।


पहले प्रोग्राम में यहाँ के कुम्भानगर स्थित मस्जिद में सुबह 9 बजे क़ुरआनख्वानी और फातिहाख्वानी की गई। फिर वहाँ दादा नवाब क़ायम ख़ान साहब के नाम की शिरनी तक्सीम की गई। दूसरे प्रोग्राम में चिकित्सा सेवा समिति चित्तौड़गढ़ के माध्यम से श्री सांवलिया जी राजकीय सामान्य चिकित्सालय परिसर चित्तौड़गढ़ स्थित भोजनशाला में ज़रूरतमंदों को स्पेशल डाइट का सुबह शाम दोनों वक्त का खाना खिलाया गया।

जोधपुर कायमखानी हाॅस्टल में मनाया नवाब कायम ख़ान डे
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महाराजा उम्मेद कायमखानी हाॅस्टल जोधपुर में 14 जून को नवाब कायम ख़ान साहब का 603वां शहादत दिवस नवाब कायम ख़ान डे के तौर पर मनाया गया। इस दिन यहाँ पौधारोपण किया गया और दुआ ए मग्फिरत की गई। इसके लिए क़ुरआनख्वानी का आयोजन किया गया। जिसमें हॉस्टल के सचिव एडवोकेट भंवरू खान, कोषाध्यक्ष उस्मान खान, अनवर खान पीटीआई, अहसान खान पीटीआई, सहादत गुरुजी, सय्यद आदम, मौलाना असकार, इमरान खान, साजिद खान, जावेद खान, चांद खान फ़ोजी सहित कायमखानी हॉस्टल के सभी छात्र शरीक हुए और नवाब कायम ख़ान साहब व कायमखानी शहीद सैनिकों के लिए दुआ की।
(23-06-2022)
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