कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति के प्रतिनिधि मंडल ने किया सीकर, झुन्झुनूं और चूरू जिलों का दौरा
कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति के प्रतिनिधि मंडल ने किया सीकर, झुन्झुनूं और चूरू जिलों का दौरा
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तीनों जिला कलेक्टर्स को फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द करने के मुद्दे पर दिया ज्ञापन
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साथ ही झुन्झुनूं बीहड़ का नामकरण नवाब शम्स ख़ान साहब और फतेहपुर बीहड़ का नामकरण नवाब ज़लाल ख़ान साहब के नाम पर करने एवं दोनों कायमखानी शासकों के स्मारक बनाने के लिए भी दिया ज्ञापन
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जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। 30 अगस्त को राजस्थान कायमखानी महासभा की विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति के एक प्रतिनिधि मंडल ने सीकर, झुन्झुनूं और चूरू जिलों का दौरा किया। प्रतिनिधि मंडल ने इस दौरे में समिति से जुड़े स्थानीय कायमखानी सरदारों और कौम के दीगर मोअज्जिज सरदारों से मुलाक़ात की। साथ ही तीनों जिलों के कलेक्टर्स से भी मुलाकात की और उन्हें दो-दो मांग पत्र पेश किए।
इस दौरे में वंशावली संरक्षण समिति के अध्यक्ष कप्तान फजरू खां नूरखानी, सहायक एम फ़ारूक़ ख़ान चैनपुरा, समिति सदस्य कप्तान लियाकत खां ईशेखानी धनूरी, मुजफ्फर खां कायमसर और इलियास खां लालखानी रतनगढ़ शरीक रहे। सबसे पहले सीकर जिला कलेक्टर श्री अमित यादव के नाम के ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) श्री राम कुमार वरिष्ठ आरएएस अधिकारी को दिए और उन्होंने दोनों ज्ञापनों को विस्तार से समझते हुए हर सम्भव कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस मुलाक़ात में भंवरू खां पहाड़ियान (जाजोद) पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मणगढ़ और रूस्तम खां फतेहखानी कासली भी शरीक रहे।
इसके बाद समिति का यह प्रतिनिधि मंडल झुन्झुनूं पहुंचा और यहां जिला कलेक्टर श्री लक्ष्मण सिंह कूड़ी से मुलाकात कर उन्हें दो ज्ञापन सौंपे। इन्होंने भी मुद्दे को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। झुन्झुनूं जिला कलेक्टर से हुई इस मुलाक़ात में भारत पाकिस्तान 1971 युद्ध के दुर्चया बैटल के हीरो कैप्टन अली हसन ख़ान निजामखानी, सूबेदार हाजी मकसूद ख़ान अमीरखानी सदर नूआं, सूबेदार भंवरू खां एलमाण माखर, सूबेदार अनीस खान मुजफ्फरखानी नूआं, सूबेदार भंवर खां इस्माईलखानी जाबासर, सूबेदार अय्यूब खां एलमाण माखर और नायब सूबेदार तस्लीम खां अमीरखानी नूआं भी शरीक रहे।
अन्त में वंशावली संरक्षण समिति का प्रतिनिधि मंडल चूरू पहुंचा और यहां जिला कलेक्टर श्री सिद्धार्थ सिहाग से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान स्थानीय मोअज्जिज सरदार हाजी थानेदार यूनुस खां एलमाण, एडिशनल एसपी अय्यूब खां पीर मोहम्मदखानी, हाजी मुबारिक खां इस्माईलखानी, थानेदार रहमत खां जलालखानी, तारिफ ख़ान जलालखानी और हुसैन खान आलमाण भी जिला कलेक्टर से मुलाकात में शरीक रहे। चूरू जिला कलेक्टर को बारीकी से इस मुद्दे को रिटायर्ड एडिशनल एसपी अय्यूब खां ने समझाया। सभी जिला कलेक्टर्स को समिति के सहायक एम फ़ारूक़ ख़ान ने सभी साथियों का परिचय करवाया और कायमखानी कौम का संक्षिप्त इतिहास भी बताया।
जिला कलेक्टर्स को बताया गया कि कायमखानी जाति शौर्य, साहस, वफादारी और वतन प्रेमी के नाम से जानी जाती है। कायमखानी जाति (कायमखानी क़ौम) की भारतीय सेना में कुछ कम्पनियां भी हैं। विभिन्न युद्धों और सैन्य ऑपरेशनों में करीब 225 कायमखानी वीर सैनिक देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। छह कायमखानी वीर सैनिकों को वीर चक्र और तीन को शौर्य चक्र जैसे सैन्य सम्मान से भारत सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया है। काफी कायमखानी सैनिकों को अन्य सैन्य अवार्ड भी दिए गए हैं। कायमखानी शहीद सैनिकों के नाम जयपुर के शहीद स्मारक, इंडिया गेट और वार मेमोरियल दिल्ली में दर्ज हैं।
जिला कलेक्टर्स ने कायमखानी कौम के सैन्य इतिहास को जानकर बेहद प्रसन्नता व्यक्त की। जिला कलेक्टर्स को बताया गया कि कायमखानी फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र के मुद्दे का यह ज्ञापन है और साथ में कायमखानी जाति की सम्पूर्ण वंशावली भी संलग्न है तथा यह ज्ञापन हम सभी जिलों में दे रहे हैं, क्योंकि कायमखानी जाति के नाम से काफी संख्या में फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बने हुए हैं, इसलिए उनकी जांच कर शीघ्रता से उन्हें निरस्त किया जाए तथा भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि आपके जिले में कायमखानी जाति के नाम से एक भी फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र नहीं बने एवं फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बनाने वाले ई मित्र संचालकों व सम्बंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाए। सभी जिला कलेक्टर्स ने कार्रवाई का पुख्ता आश्वासन देते हुए कहा कि इसकी पुख्ता रोकथाम कर दी जाएगी। उन्होंने यह ज्ञापन सभी तहसीलदारों को भेजने की भी बात कही।
उल्लेखनीय यह है कि कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति कई महीनों से कायमखानी जाति की विरासत एवं वंशावली के संरक्षण की जद्दोजहद में लगी हुई है। इसी सन्दर्भ में सभी जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देने का अभियान चल रहा है। जिसके तहत 12 अगस्त को जयपुर जिला कलेक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित को ज्ञापन सौंपकर राजधानी से इसकी शुरुआत की गई थी। फिर 24 अगस्त को नागौर जिला कलेक्टर श्री पीयूष सामरिया को यह मांग पत्र सौंपा गया।
फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द करने के अलावा दूसरे ज्ञापन झुन्झुनूं और फतेहपुर बीहड़ से सम्बंधित हैं। जिनमें मांग की गई है कि झुन्झुनूं बीहड़ का नामकरण नवाब शम्स ख़ान साहब और फतेहपुर बीहड़ का नामकरण नवाब ज़लाल ख़ान साहब के नाम पर किया जाए एवं दोनों कायमखानी शासकों के इन बीहड़ों में स्मारक भी बनाए जाएं।
कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति की ओर से जिला कलेक्टर्स को यह भी बताया गया कि कायमखानियों ने हिसार, हांसी, फतेहाबाद, चरखी दादरी, झुन्झुनूं, फतेहपुर, ढोसी, केड, बड़वासी, सतावनी (डीडवाना क्षेत्र) आदि तत्कालीन रियासतों पर करीब 350 साल तक शासन किया है। कायमखानी नवाब गंगा जमुनी तहजीब में भरोसा रखने वाले सूफ़ी मिज़ाज शासक थे। वे मानव प्रेमी, पर्यावरण प्रेमी, पशु प्रेमी और न्यायप्रिय शासक थे। उन्होंने अपनी रियासतों में बड़ी बड़ी गौचर भूमि छोड़ी थी, जो आज भी मौजूद हैं तथा इतिहास इन सब तथ्यों का गवाह है।
जिला कलेक्टर को बताया गया कि नवाब शम्स ख़ान साहब झुन्झुनूं के संस्थापक नवाब मोहम्मद ख़ान साहब के पुत्र थे। वे झुन्झुनूं के प्रसिद्ध कायमखानी शासक रहे हैं। जिनका विशाल मकबरा आज भी झुन्झुनूं के बीच बाज़ार मौजूद है। उन्होंने अपने शासन के दौरान बतौर गौचर भूमि "झुन्झुनूं का विशाल बीहड़" गायों के लिए छोड़ा था। इसलिए इस बीहड़ का नामकरण "नवाब शम्स ख़ान बीहड़" किया जाए और इस बीहड़ में नवाब शम्स ख़ान साहब का एक स्मारक भी बनाया जाए। इसी प्रकार फतेहपुर (सीकर) कायमखानी रियासत के प्रसिद्ध शासक नवाब ज़लाल ख़ान साहब रहे हैं। उन्होंने अपने शासन के दौरान बतौर गौचर भूमि "फतेहपुर का विशाल बीहड़" गायों के लिए छोड़ा था। इस बीहड़ का नामकरण "नवाब ज़लाल ख़ान बीहड़" किया जाए और इस बीहड़ में नवाब ज़लाल ख़ान साहब का एक स्मारक भी बनाया जाए।
उक्त बीहड़ों के नामकरण और स्मारक से सम्बंधित ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत, झुन्झुनूं लोकसभा सांसद श्री नरेन्द्र खीचड़, झुन्झुनूं विधायक एवं मन्त्री श्री बृजेन्द्र ओला, फतेहपुर विधायक एवं वक्फ विकास परिषद के चेयरमैन श्री हाकम अली खां, मुख्य सचिव साहब और सम्भागीय आयुक्त साहब जयपुर सम्भाग को भी भेजी गई हैं। फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र से सम्बंधित ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल महोदय, मुख्यमंत्री महोदय, मन्त्री महोदय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग, मुख्य सचिव साहब, एसीएस साहब गृह विभाग, डीजीपी साहब, प्रमुख शासन सचिव साहब सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग, एडिशनल डीजीपी साहब (अपराध) एवं सम्बंधित पुलिस रेंज आईजी साहब को भी भेजी गई हैं।
(31/08/2022)
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