अल्पसंख्यकों को लेकर गहलोत सरकार की नीयत ठीक नहीं है : अब्दुल सलाम जौहर
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जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। मुस्लिम प्रोग्रेसिव फेडरेशन के संयोजक और जयपुर के जाने माने समाजसेवी अब्दुल सलाम जौहर ने गत दिनों थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका से बातचीत में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों ख़ासकर मुसलमानों को लेकर गहलोत सरकार की नीयत ठीक नहीं है।
उन्होंने वक्फ बोर्ड, मदरसा बोर्ड, पैराटीचर्स, उर्दू तालीम और अल्पसंख्यकों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर साफ तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत साहब ने ऐसा कुछ नहीं किया जिसे देखकर कहा जा सके के उन्होंने अल्पसंख्यकों के साथ बराबरी का सुलूक किया है। उन्होंने कहा कि पांच साल होने को आ गए अभी तक मुख्यमंत्री किसी भी मुस्लिम डेलिगेशन से नहीं मिले हैं, पिछले कार्यकाल वाले गहलोत और इस कार्यकाल वाले गहलोत में बहुत फर्क है। लगता है कि कांग्रेस पार्टी मुसलमानों से दूर भाग रही है और यह रवैया कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
उन्होंने कहा कि पूरा कार्यकाल बीतने के कगार पर है लेकिन मदरसा बोर्ड चेयरमैन की आज तक नियुक्ति नहीं हुई, आरपीएससी और सूचना आयोग जैसे जनरल इदारों में एक भी मुस्लिम को नहीं लिया जबकि कई योग्य मुस्लिम इन इदारों में दावेदार बने हुए थे। जयपुर, जोधपुर और कोटा के चार नगर निगम कांग्रेस के हैं और यह जीत मुसलमानों की वजह से हुई है, लेकिन किसी भी शहर में मेयर मुस्लिम को नहीं बनाया, ऐसा भेदभाव कांग्रेस को पूरी तरह से हाशिए पर धकेल देगा, क्योंकि अब मुसलमान भी सियासी तौर पर जागरूक हो गया है और वो मुस्लिम लीडरशिप वाली पार्टियों की ओर उम्मीद से देख रहा है।
उन्होंने कहा कि वक्फ जायदाद खुर्द बुर्द हो रही हैं, मदरसा पैराटीचर्स को नियमित करने का घोषणा पत्र में वादा करने के बाद भी आज तक नियमित नहीं किया, उर्दू शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जयपुर में बनने जा रहे अल्पसंख्यक छात्रावास की भूमि पर अतिक्रमण हो गया। कांग्रेस राज में यह क्या हो रहा है ? उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रावास की भूमि नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और जयपुर के कुछ विधायकों की मिलीभगत की वजह से रद्द हुई है, हमें बार बार झूठे आश्वासन देते रहे। हम शांति धारीवाल से जब मिले तब तक तो अल्पसंख्यक छात्रावास की भूमि पर अतिक्रमण कर चारदीवारी बना दी गई और उसमें बोरिंग कर दिया गया। क्या ऐसा बगैर शासन प्रशासन की सह के हो सकता है ?
उन्होंने कहा कि जयपुर में राजकीय अल्पसंख्यक छात्रावास नहीं बनना अल्पसंख्यक समुदाय के साथ सरासर धोखा है। उन्होंने कहा कि हमारी छात्रावास कमेटी ने आदर्श नगर विधायक रफ़ीक ख़ान साहब और किशनपोल विधायक अमीन काग़ज़ी साहब दोनों पर पूरा भरोसा किया और उनको भूमि पुन: आवंटन कराने की ज़िम्मेदारी दी, लेकिन अफ़सोस है कि दोनों विधायक अभी तक छात्रावास भूमि को पुन: आवंटित नहीं करा पाए हैं, यहां तक कि उस भूमि पर किसी अन्य ने क़ब्ज़ा व निर्माण कर लिया उसे भी नहीं हटवा पाए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम नहीं चाहते कि चुनाव में कांग्रेस का नुक़सान हो, लेकिन कांग्रेस सरकार को अपने रवैए में शीघ्रता से सुधार करना होगा, वरना मजबूर होकर अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी मुसलमान अपना रास्ता खुद तय कर लेंगे।
(24/01/2023)
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