हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का चुनाव किसी के हित में नहीं है

हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का चुनाव किसी के हित में नहीं है

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जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव कुछ दिनों बाद होने जा रहे हैं, जिनकी घोषणा हो चुकी है, तीन दिसम्बर को मतगणना है। इन राज्यों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना प्रमुख हैं। इन राज्यों में राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है, मध्यप्रदेश में सरकार तो कांग्रेस की थी लेकिन भाजपा ने हॉर्स ट्रेडिंग से उस सरकार को गिराकर खुद की सत्ता बना ली। तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति के केसीआर की सरकार है, यहां भाजपा कमजोर बताई जा रही है और मुख्य मुकाबला केसीआर और कांग्रेस के बीच बताया जा रहा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा का बताया जा रहा है।


यह चुनाव छह महीने बाद अप्रेल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखे जा रहे हैं। बात अपनी जगह सही भी है कि जो इन चार राज्यों में मोर्चा मार लेगा उसकी हवा बन जाएगी। कांग्रेस जहां जनहित के मुद्दों पर चुनाव केन्द्रित कर रही है और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण से बचकर चल रही है, वहीं भाजपा चुनाव में जनहित के मुद्दों को उठा तो रही है लेकिन प्राथमिकता साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण को दे रही है। जिसकी बानगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इन राज्यों में हुई सभाओं में साफ तौर पर देखने को मिली है तथा उसी पुरानी घिसी-पिटी साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की लाइन पर भाजपा के दूसरे नेता चल पड़े हैं।

यह सब इसलिए भी भाजपा कर रही है क्योंकि उसके पास चुनाव जीतने का एक ही फार्मूला है और वो है हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण। इस मुद्दे को भाजपा चुनावों में छोड़ दे तो उसकी मतगणना के दिन 12 बजे से पहले ही 12 बज जाए। हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण का मुद्दा भाजपा की मजबूरी बन चुका है, इसी मुद्दे ने आज तक भाजपा को सत्ता दिलवाई है और यही मुद्दा भविष्य में सत्ता दिलवा सकता है। लेकिन इस मुद्दे से देश का और यहां निवास करने वाले 140 करोड़ लोगों का इतना बड़ा नुक़सान हो चुका है और लगातार हो रहा है, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते।

जिसको देश प्यारा है, जिसको जनहित के मुद्दों पर चुनावी चर्चा चाहिए, जिसको रोटी रोजगार और कारोबार चाहिए, तो उसे हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण को तलाक़ देनी पड़ेगी, क्योंकि यह ध्रुवीकरण किसी के हित में नहीं है। इस साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण से सदियों पुरानी हमारी सभ्यता और संस्कृति तहस नहस हो जाएगी। हमारा वर्तमान और भविष्य सब चौपट हो जाएगा। दुनिया विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र पर हंसेगी कि यहां जनहित के मुद्दों की बजाए हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण पर वोट पड़ते हैं। इसलिए आज जरूरी है कि हर मतदाता साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण से दूर होकर जनहित के मुद्दों पर वोट करे।
(24/10/2023)
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