400 पार या सूपड़ा साफ ?

400 पार या सूपड़ा साफ ?

-----------------------------------
भाजपा गठबंधन (एनडीए) और कांग्रेस गठबंधन (इंडिया) की अग्निपरीक्षा में कौन कितना सफल ?
-----------------------------------
दोनों के दावे हवा हवाई, सोशल मीडिया और आईटी सेल के जरिए वोटर को भ्रमित करने वाले फर्जी आंकड़ों की भरमार
***********************
जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। लोकसभा चुनाव 2024 अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। अधिकतर सीटों पर चुनाव हो चुका है। तस्वीर भी बिल्कुल साफ हो चुकी है। लेकिन चुनाव आयोग के दिशा निर्देश की वजह से यहां विस्तृत एक्जिट पोल आंकड़े हम नहीं बता सकते। सोशल मीडिया और आईटी सेल के जरिए दोनों गठबंधन यानी एनडीए और इंडिया की पार्टियां बड़े बड़े दावे कर रही हैं। एक दूसरे का सुपड़ा साफ बता रही हैं। खुद की जीत स्पष्ट बता रही हैं। लेकिन हकीकत कुछ और ही है, जिसे इन पार्टियों के नेता और आंकड़ेबाज चापलूस सलाहकार जानते भी हैं, परन्तु सबकी उंगली चौखट में दबी हुई है इसलिए वे झूठ का मायाजाल फैला रहे हैं।

सोशल मीडिया पर आए दिन फलौदी सट्टा बाजार के आंकड़ों के जरिए भी दोनों पक्षों के समर्थक अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। टीवी चैनल और यूट्यूब पर राजनीतिक विश्लेषक भी पूरी तरह बंटे हुए हैं। कुछ को छोड़कर अधिकतर राजनीतिक विश्लेषक भी राजनीतिक विश्लेषक न होकर अपने अपने गठबंधन के शुभ चिंतक ज्यादा नजर आ रहे हैं। दोनों ही पक्ष वोटर को सोशल मीडिया पर जारी फर्जी आंकड़ों के जरिए दिशा भ्रमित कर रहे हैं। दोनों पक्षों के दावे हवा हवाई हैं। न कोई 400 पार जा रहा है और ना ही किसी का सूपड़ा साफ हो रहा है।

दोनों गठबंधनों यानी भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया की कड़ी अग्निपरीक्षा है, जिसमें वे कितने सफल होंगे 4 जून को मतगणना के दिन सबको पता चल जाएगा। लेकिन यह चुनाव बहुत कुछ बदल कर रख देगा, दोनों पक्षों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ के बवंडर की 4 जून को पोल खुल जाएगी। दोनों पक्षों के समर्थक जिन आंकड़ों को आज सही मानकर दिन रात सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं और खुशी से झूम रहे हैं, उनको मतगणना के दिन बहुत अफसोस होगा कि हमने फर्जी आंकड़ेबाजों के झांसे में आकर अपना समय क्यों बर्बाद किया ? अफसोस दोनों पक्षों के बड़े नेताओं को भी होगा कि हमने सच और धरातल की बात बताने वाले आंकड़ों को नज़र अंदाज़ कर चापलूस चाटुकार आंकड़ेबाजों के चक्कर में आकर चुनाव में अपनी दुर्गत क्यों करवाई ?

हम विस्तृत आंकड़े आपको आखरी चरण के दिन मतदान के बाद रात को बताएंगे, क्योंकि चुनाव आयोग का यही दिशा निर्देश है। लेकिन कुछ बातें यहां बतानी आवश्यक हैं ताकि सोशल मीडिया और आईटी सेल के जरिए दोनों पक्षों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ के बवंडर में लोग सच तलाशने की कोशिश करें। यह चुनाव बहुत कुछ बदल देगा, ऐसा इस लेख में हमने ऊपर लिखा है। वो बदलाव यह होगा कि इस चुनाव के जरिए फर्जी आंकड़ेबाजों की पोल खुल जाएगी, चापलूस सलाहकारों से नेता तौबा कर लेंगे। कुछ क्षेत्रीय पार्टियों का वजूद खत्म हो जाएगा। तीन क्षेत्रीय पार्टियों की सीटों में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी और इनमें से दो आवश्यकता पड़ी तो बाहर से भाजपा को समर्थन दे देंगी। देश दो पार्टियों या दो गठबंधन की तरफ आगे बढ़ेगा। एक विचारधारा विशेष की एकाध पार्टियां अच्छा खासा वोट लेकर भी लोकसभा में बैठने से वंचित हो जाएंगी।

चुनाव बाद जमकर दल बदल होगी, चोर नेता अपनी पार्टियां छोड़कर सत्ताधारी पार्टी या गठबंधन की शरण में चले जाएंगे। भाजपा के 370 या 400 पार दावे की पोल खुल जाएगी। कांग्रेस के सत्ता में आने के दावे खुद की गलतियों के कारण सिंहासन के नजदीक पहुंच कर अटक जाएंगे। इस चुनाव में यह तय है कि भाजपा की सीटें घटेंगी, एनडीए की सीटें घटेंगी। कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी, इंडिया की सीटें बढ़ेंगी। लेकिन न भाजपा की सीटें इतनी घटेंगी कि वो सत्ता से बेदखल हो जाए और ना ही कांग्रेस की सीटें इतनी बढ़ेंगी कि वो प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ जाए।
(23/05/2024)
------------------------------------
➡️अगर आपको हमारा यह लेख/खबर पसंद आया हो, तो प्लीज इसे शेयर/फॉरवर्ड कीजिए और साथ ही हमारे अखबार की आर्थिक मदद भी कीजिए।
अकाउंट डिटेल्स:- इकरा पत्रिका
IKRA PATRIKA
IFSC:- PUNB 0613900
PNB, MUSLIM SR. SEC. SCHOOL, MOTI DUNGARI ROAD, JAIPUR.
-------------------------------------------
➡️इकरा पत्रिका को सहयोग राशि आप Paytm, Phone Pay और Google Pay से भी भेज सकते हैं। फोन नम्बर 9414361522 पर (अकाउंट Farooq Ali Khan)
--------------------------------------------
©️ Copyright :- इस सम्पूर्ण लेख/खबर को या इसके किसी पैराग्राफ़ को हुबहू या तोड़ मरोड़ कर प्रकाशित करना मना है। अलबत्ता आप चाहें तो लेखक और हमारे अखबार के नाम के साथ इस सम्पूर्ण लेख/खबर को सोशल मीडिया पर शेयर जरूर कर सकते हैं।
--------------------------------------------
-@-एम फारूक़ ख़ान सम्पादक इकरा पत्रिका।

©️ Copyright Thar News & Ikra Patrika.
All Rights Reserved.

Comments

Popular posts from this blog

झुंझुनूं में रीटा चौधरी को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाने पर जबरदस्त रोष

चित्तौड़गढ़ अन्जुमन स्कूल में किया मुस्लिम शिक्षकों का सम्मान

कुरैशी समाज की नो दहेज, नो गार्डन, नो डिनर मुहिम के तहत सादगी से हुई शादी