स्कूलों में सूर्य नमस्कार के आयोजन का मुस्लिम समुदाय बहिष्कार करे : जमीअत उलमा ए हिन्द राजस्थान

स्कूलों में सूर्य नमस्कार के आयोजन का मुस्लिम समुदाय बहिष्कार करे : जमीअत उलमा ए हिन्द राजस्थान

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जयपुर (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। राजस्थान में 3 फरवरी को सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में सूर्य नमस्कार के घोषित आयोजन को लेकर मुस्लिम समुदाय में जो नाराजगी है, उसी सन्दर्भ में जमीअत उलमा ए हिन्द राजस्थान ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुस्लिम समुदाय से अपील की है।


उक्त सन्दर्भ में जमीअत के राजस्थान जनरल सेक्रेटरी मौलाना अब्दुल वाहिद खतरी ने एक बयान जारी कर बताया कि जमीअत उलमा ए हिन्द जो कि भारतीय मुसलमानों का प्राचीन संगठन है। जयपुर में संगठन की राज्य कार्यकारिणी ने 27 जनवरी सोमवार को एक प्रस्ताव के माध्यम से स्कूलों में सूर्य सप्तमी के उपलक्ष्य में समस्त विद्यालयों में विद्यार्थियों, अभिभावकों व अन्य लोगों से सामूहिक सूर्य नमस्कार के सरकारी आदेश की निन्दा करते हुए इसे धार्मिक मामलों में खुला हस्तक्षेप और संविधान में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता और देश के सुप्रीम कोर्ट व अनेक उच्च न्यायालयों के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना बताया है।

इस प्रस्ताव में जमीअत ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे 03.02.2025 सूर्य सप्तमी को विद्यार्थियों को स्कूल में न भेजें और इस समारोह का बहिष्कार करें। उल्लेखनीय है कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान ने इस आशय का एक आदेश जारी किया है। खतरी ने बताया कि जमीअत उलमा ए हिन्द की राज्य कार्यकारिणी ने स्पष्ट किया है कि बहुसंख्यक हिन्दू समाज में सूर्य की भगवान/देवता के रूप में पूजा की जाती है। इस अभ्यास में बोले जाने वाले श्लोक और प्रणामासन्न, अष्टांगा नमस्कार इत्यादि क्रियाएं एक इबादत का रूप हैं और इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवाय किसी अन्य की पूजा अस्वीकार्य है। इसे किसी भी रूप या स्थिति में स्वीकार करना मुस्लिम समुदाय के लिए सम्भव नहीं है।

उन्होंने कहा कि जमीअत का स्पष्ट मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में अभ्यास का बहाना बनाकर किसी विशेष धर्म की मान्यताओं को अन्य धर्म के लोगों पर थोपना संवैधानिक मान्यताओं और धार्मिक स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है और एक घृणित प्रयास है, जिसका पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा तथा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार हम इसके खिलाफ संघर्ष करेंगे।

जमीअत उलमा ए हिन्द ने राज्य सरकार से अपील की है कि वे इस विवादास्पद आदेश को तुरन्त प्रभाव से वापस लेने की हिदायत सम्बन्धित विभाग को जारी करे, इसलिए कि इस कदम से देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान होगा और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के स्लोगन पर सवालिया निशान लग जाएगा।

जमीअत उलमा ए हिन्द ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे अपनी नई पीढियों के ईमान व आस्था की हिफाजत करें और इस सिलसिले में किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार न करें, क्योंकि भारतीय संविधान में अपनी धार्मिक आस्था और विश्वास पर अड़िग रहते हुए सबको शिक्षा प्राप्त करने की पूर्णतया आजादी प्राप्त है।
(30/01/2025)
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