हरियाणा के मुख्यमंत्री को कायमखानियों ने दिया ज्ञापन

हरियाणा के मुख्यमंत्री को कायमखानियों ने दिया ज्ञापन

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कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति द्वारा दिए गए इस ज्ञापन में की हरियाणा में स्थित कायमखानी धरोहरों के संरक्षण की मांग
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हांसी (थार न्यूज़-इक़रा पत्रिका)। कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने 28 म‌ई 2025 को हांसी एसडीएम/तहसीलदार को एक मांग पत्र सौंपा। समिति के अध्यक्ष कप्तान फजरू खां ने बताया कि यह ज्ञापन हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी साहब के नाम पेश किया गया। जिसमें हरियाणा में स्थित कायमखानी धरोहरों के संरक्षण को लेकर मांग की गई। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष कप्तान फजरू खां, सेक्रेटरी फारूक खान, फाउंडर मेम्बर और समिति के हांसी प्रोजेक्ट के चेयरमैन खुर्शीद खां रतनगढ़ और आजीवन सदस्य एम ताहिर खान शामिल रहे।

इस प्रतिनिधिमंडल को तहसीलदार साहब ने सम्बंधित मकबरों, दरगाह, झील आदि के रखरखाव और साफ सफाई कराने का आश्वासन दिया, साथ ही कहा कि यह मांग पत्र माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी साहब के कार्यालय में चंडीगढ़ भिजवा दिया जाएगा।



प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपने के बाद दरगाह चार क़ुतुब साहब में हाजरी लगाकर दुआ की। साथ ही यहां स्थित कायमसर झील और झील किनारे बने नवाब कायम खां साहब के मकबरे को देखा और फातिहा पढ़ी। नवाब कायम खां साहब खां साहब तत्कालीन हिसार हांसी रियासत के शासक और दिल्ली सल्तनत के वजीर व सेनापति रहे हैं। यहां हिसार हांसी रियासत के द्वितीय कायमखानी शासक और नवाब कायम खां साहब के बड़े साहबजादे नवाब मोहम्मद खां साहब के मकबरे पर भी फातिहा पढ़ी। नवाब मोहम्मद खां साहब तत्कालीन झुंझुनूं कायमखानी रियासत के संस्थापक भी रहे हैं।




गौरतलब है कि नवाब कायम खां साहब के शहादत दिवस 14 जून "नवाब कायम खां डे" को हर साल कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति हांसी में मनाती है। इस बार 14 जून 2025 को नवाब कायम खां साहब का 606 वां शहादत दिवस है, जिसे कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति हांसी में मनाएगी। मांग पत्र निम्नलिखित हैं:-
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मांग पत्र

श्री नायब सिंह सैनी साहब,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार, चंडीगढ़।

द्वारा:- श्रीमान उपखंड अधिकारी साहब हांसी, जिला हिसार

विषय:- कायमखानी क़ौम से सम्बंधित ऐतिहासिक धरोहरों के अतिक्रमण, मरम्मत, रखरखाव एवं नामकरण के सन्दर्भ में।

मुख्यमंत्री जी, आपको यह जरूर मालूम होगा कि कायमखानी जाति शौर्य, साहस, वफादारी और वतन प्रेमी के नाम से जानी जाती है। कायमखानी जाति (कायमखानी क़ौम) की भारतीय सेना में कुछ कम्पनियां भी हैं। विभिन्न युद्धों और सैन्य ऑपरेशनों में 225 से अधिक कायमखानी वीर सैनिक देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। छह कायमखानी वीर सैनिकों को वीर चक्र और चार को शौर्य चक्र जैसे सैन्य सम्मान से भारत सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया है। काफी कायमखानी सैनिकों को अन्य सैन्य अवार्ड भी दिए गए हैं। कायमखानी शहीद सैनिकों के नाम ददरेवा (जिला चूरू-राजस्थान) में स्थित नवाब क़ायम खां मेमोरियल शहीद स्मारक, जयपुर के शहीद स्मारक, इंडिया गेट दिल्ली और वार मेमोरियल दिल्ली में दर्ज हैं।

मुख्यमंत्री जी कायमखानियों ने हिसार, हांसी, फतेहाबाद, चरखी दादरी, झुन्झुनूं, फतेहपुर, ढोसी, केड, बड़वासी, सतावनी (डीडवाना क्षेत्र) आदि तत्कालीन रियासतों पर करीब 350 साल तक शासन किया है। नवाब शम्स ख़ां साहब झुन्झुनूं कायमखानी रियासत (राजस्थान) के संस्थापक नवाब मोहम्मद ख़ां साहब के पुत्र एवं नवाब क़ायम खां साहब के पौत्र थे तथा उन्होंने अपने शासन के दौरान बतौर गौचर भूमि "झुन्झुनूं का विशाल बीहड़" गायों के लिए छोड़ा था। इसी तरह नवाब ज़लाल ख़ां साहब फतेहपुर कायमखानी रियासत (राजस्थान) के शासक रहे हैं। उन्होंने भी अपने शासन के दौरान बतौर गौचर भूमि "फतेहपुर का विशाल बीहड़" गायों के लिए छोड़ा था। यह दोनों बीहड़ आज भी मौजूद हैं। कायमखानी शासकों ने अपने शासनकाल में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर गायों की रक्षा की है। यह एक ऐतिहासिक तथ्य है।

मुख्यमंत्री जी, नवाब क़ायम खां साहब तत्कालीन हिसार-हांसी रियासत के शासक और दिल्ली सल्तनत के वज़ीर व सेनापति थे। नवाब क़ायम खां साहब कायमखानी क़ौम के प्रथम पुरुष और संस्थापक हैं तथा इन्हीं के नाम पर कायमखानी क़ौम की स्थापना हुई है। नवाब क़ायम खां साहब चौहान वंश की तत्कालीन ददरेवा रियासत (राजस्थान) के राजकुमार थे और हांसी स्थित दरगाह चार कुतुब साहब में उन्होंने इस्लाम क़ुबूल किया था, उनके साथ उनके दो भाइयों (नवाब जैनुद्दीन खां साहब और नवाब जबरूद्दीन खां साहब) ने भी इस्लाम क़ुबूल किया था, इन तीन भाइयों की औलाद को कायमखानी कहा जाता है। जो राजस्थान के क‌ई जिलों में आबाद हैं, कुछ संख्या में कायमखानी अन्य राज्यों में भी आबाद हैं।

मुख्यमंत्री जी, आपसे निवेदन यह है कि आपके हरियाणा राज्य के हिसार हांसी क्षेत्र एवं कुछ अन्य क्षेत्रों में कायमखानी क़ौम से सम्बंधित कुछ ऐतिहासिक धरोहर हैं। जिनको अतिक्रमण मुक्त कर मरम्मत करने, रखरखाव करने एवं नामकरण करने की आपसे मांग है। इनमें हांसी स्थित नवाब क़ायम खां साहब द्वारा निर्मित की गई कायमसर झील, यहां कायमसर झील के किनारे स्थित नवाब कायम खां साहब का मकबरा जो उनके बड़े साहबजादे एवं तत्कालीन हिसार-हांसी रियासत के शासक नवाब मोहम्मद खां साहब ने बनवाया था, हांसी में दरगाह चार क़ुतुब परिसर में स्थित नवाब मोहम्मद खां साहब का मकबरा, वहां मौजूद दूसरे मकबरे, मजार आदि तथा हिसार यूनिवर्सिटी में स्थित नवाब कायम खां साहब के साहबजादे नवाब ताज खां साहब का मकबरा एवं अन्य मकबरे। इन सभी कायमखानी धरोहरों में से जो अतिक्रमण की शिकार हैं उन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जाए और इन सभी की मरम्मत कर इनका रखरखाव अच्छी तरह से करने की मेहरबानी की जाए। साथ ही इन धरोहरों में जिनका नामकरण नहीं है, उनका नामकरण किया जाए और जो धरोहर हरियाणा शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम में शामिल नहीं हैं, उन्हें पाठ्यक्रम में शामिल करने का श्रम किया जाए।

मुख्यमंत्री जी, इससे पूर्व भी आपके कार्यालय में हांसी एसडीएम साहब के जरिए हमने 2023 और 2024 में भी दो ज्ञापन दिए थे। कायमसर झील किनारे नवाब कायम खां साहब का मकबरा एक ऐतिहासिक मकबरा है, जो करीब 600 साल पुराना है, इस विशाल मकबरे का बहुत सा हिस्सा पिछले आठ दस साल में गिर चुका है। इस मकबरे के आस पास अतिक्रमण और गंदगी का ढेर लगा हुआ है। मुख्यमंत्री जी यह मकबरा हरियाणा सरकार की ऐतिहासिक धरोहर है, कृपा कर इसे बचा लीजिए, इसकी मरम्मत करवाने की कृपा करें।

मुख्यमंत्री जी, बहुत खुशी की बात है कि हांसी की जनता ने कुछ बरसों पहले कायमसर झील को बचाने के लिए लम्बा आंदोलन किया था, सरकार ने यहां अतिक्रमियों के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए थे और कुछ अतिक्रमण भी हटाया था, लेकिन अब यह झील वापस अतिक्रमण की शिकार हो चुकी है। कृपा कर इस झील का संरक्षण करवाएं। यह झील हांसी की पहचान है।

मुख्यमंत्री जी, हम हरियाणा सरकार का इस बात के लिए आभार व्यक्त करते हैं कि उसने हांसी दरगाह चार क़ुतुब स्थित हिसार हांसी रियासत के शासक और झुंझुनूं रियासत के संस्थापक नवाब मोहम्मद खां साहब के मकबरे की मरम्मत करवाई, जो आज अच्छी हालत में खड़ा है। इसके लिए पुनः हरियाणा सरकार का धन्यवाद

मुख्यमंत्री जी, हमें आशा और विश्वास है कि आप हमारी इन मांगों को पूरी कर कायमखानी क़ौम को अवश्य अनुगृहीत करेंगे तथा हरियाणा की इन ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करेंगे।

दिनांक:- 28 म‌ई 2025
स्थान:- एसडीएम ऑफिस हांसी।

अध्यक्ष
कप्तान फजरू ख़ान (पूर्व सैनिक)

सेक्रेटरी
एम फ़ारूक़ ख़ान
(फ़ारूक़ अली ख़ान)

एवं समस्त सदस्य
कायमखानी विरासत एवं वंशावली संरक्षण समिति

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